क्या कहना है Shehbaz Sharif का?
UNGA की सभा में Pakistan के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif बोले कि 1947 के बाद से दोनों देशों के बीच 3 युद्ध हुए हैं और तीनों युद्ध में गरीबी, बेरोजगारी और दुख के सिवा किसी को कुछ हासिल नहीं हुआ है। दोनों देशों को अपने बीच के मतभेद शांतिपूर्वरक और बातचीत के जरिए सुलझाने चाहिए।
उन्होंने ये भी कहा कि भारत को अब ये बात समझनी चाहिए कि दोनों देश एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। और युद्ध किसी भी बात का विकल्प नहीं है, दोनों देशों के मन मुटावों को बातचीत के जरिए सुलझाते हैं।
ये भी पढ़ें: राष्ट्रीय पत्रकार संगठन के कार्यक्रम में रखे गए खुले विचार
Shehbaz ने उठाया Kashmir का मुद्दा
इतनी परेशानियों से जूझ रहे Pakistan के दिमाग से Kashmir का भूत अभी तक नहीं उतरा, प्रधानमंत्री Shehbaz ने अपनी मांग सबके सामने रखी और कहा कि Kashmir पर से धारा 370 हटनी चाहिए।
उन्होंने ये भी कहा कि “भारत ने Jammu-Kashmir में army force बढ़ा दी है। जिसके बाद से अब ये जगह दुनिया का सबसे ज्यादा सैन्यीकृत इलाका बन गया है”। उनका कहना है कि “भारत ने Jammu-Kashmir के विशेष दर्जे को बदलने के लिए 5 अगस्त, 2019 को अवैध और एकतरफा कदम उठाए, जिससे शांति की संभावनाओं को झटका लगा और क्षेत्रीय तनाव को भड़काया है। हम भारत समेत अपने सभी पड़ोसियों के साथ अमन चाहते हैं।”
भारत का करारा जवाब Pakistan को
Indian Diplomat Mijito Vinito ने इस बात का करारा जवाब देते हुए कहा कि भारत पर झूटे आरोप लगाने से पहले उसे अपने कीये कर्मों को देखना चाहिए। Mijito ने कहा कि Kashmir पर दावा करने से पहले Islamabad में हो रहे “सीमा पार आतंकवाद” को रोकना चाहिए, और Mijito ने पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाई परिवारों की लड़कियों के जबरन अपहरण, शादी और “पाकिस्तान के भीतर धर्मांतरण” होने वाली घटनाओं की बात भी की।
Mijito का बस यही कहना था की दूसरों पर कीचड़ उछालने से पहले Pakistan को अपने दुष्कर्मों के बारे में सोचना चाहिए।Mijito ने अंत में ये भी कहा कि अगर कोई ये दावा करता है कि वह अपने पड़ोसियों के साथ शांति चाहता है, तो वह कभी भी सीमा पार से आतंकवाद को प्रायोजित नहीं करेगा, न ही Mumbai में हुए आतंकवादी हमले के पीछे जिन लोगों का हाथ था उनको पनहा देगा।
– Ishita Tyagi