पद्मश्री डॉ. एमसी डाबर का निधन 4 जुलाई को सुबह 4 बजे जबलपुर में उनके निवास पर हो गया। 84 वर्षीय डॉ. डाबर लंबे समय से अस्वस्थ थे। उन्होंने 1972 से चिकित्सा क्षेत्र में सेवा शुरू की और मात्र 20 रुपये की फीस में गरीबों और जरूरतमंदों का इलाज कर अपनी अनोखी पहचान बनाई। 1986 में वे 2 रुपये फीस लेते थे, जो धीरे-धीरे बढ़कर 2012 में 10 रुपये और बाद में 20 रुपये हुई।
डॉ. डाबर ने भारतीय सेना में कैप्टन के रूप में 1971 के भारत-पाक युद्ध में घायल सैनिकों का इलाज किया। जबलपुर के गोरखपुर क्षेत्र में उनकी क्लिनिक पर रोजाना सैकड़ों मरीज आते थे, और वे न केवल इलाज करते, बल्कि जरूरत पड़ने पर आर्थिक मदद भी देते थे। उनकी सेवा भावना के लिए 2020 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया।
उनके निधन से चिकित्सा जगत और समाज में शून्यता आ गई है। अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास पर लोगों की भीड़ उमड़ी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह जबलपुर और पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।







