सत्ता रूढ़ पार्टी दे दबाव में तैयार किये जाते हैं ओपिनियन पोल!
नई दिल्ली/पटना। जब बिहार में लोग बेरोजगारी का मुद्दा उठा रहे हैं, नीतीश के समर्थक नाराज हैं, सत्तारूढ़ नेताओं का खुलकर विरोध हो रहा है, दुलारचंद यादव हत्याकांड चुनाव का मुख्य मुद्दा बन चुका है, मुस्लिम और यादव एकतरफा महागठबंधन के साथ है। पीएम मोदी के रोड शो में शामिल से नीतीश कुमार ने कन्नी काट ली। ऐसे में एक ओपिनियन पोल में पहले चरण के मतदान में एनडीए की जबरदस्त बढ़त दिखाई गई है। मैट्रिजे आईएएनएस के अनुसार एनडीए 153-164, महागठबंधन को 76-86, जन सुराज को 1-3, असदुद्दीन ओवैसी को 1-2 और अन्य को 4 सीटें बताई जा रही हैं। क्या यह सब मतदाताओं पर दबाव बनाने के लिए हो रहा है।
वैसे चुनाव से पहले ओपिनियन पोल नहीं होना चाहिए। इससे मतदाताओं पर दबाव बनता है। ओपिनियन पोल भी अब पैसे लेकर कराया जा रहा है। जो गोदी मीडिया सरकार के के खिलाफ खबर चलाने को तैयार नहीं। आपको लगता है कि वह मीडिया सरकार के खिलाफ ओपिनियन पोल दिखाएगा ? बीजेपी को खुश करने के लिए क्या ओपिनियन पोल नहीं तैयार किया जाएगा ?
लोकसभा चुनाव में ओपिनियन पोल में एनडीए की 400 से ऊपर सीटें दिखाई जा रही थी। आई कितनी 292 ।
दरअसल MATRIZE-IANS के अनुसार NDA 153-164, महागठबंधन 76-87 , अन्य की बात करें तो जन सुराज को 1-3 AIMIM को 1-2 और अन्य को 0-4 सीटें मिल सकती हैं।
NDA में किस पार्टी को कितनी सीटें?
मैट्रिज के सर्वे के अनुसार NDA में BJP 83-87, JDU 61-65, HAM 4-5, LJP(R) 4-5 और RLM 1-2 सीटें मिल सकती हैं।
महागठबंधन में किसको कितनी सीट?
सर्वे के मुताबिक महागठबंधन में RJD 62-66, कांग्रेस 7-9, CPI(ML) 6-8, CPI 0-1, CPIM 0-1 और VIP को 1-2 सीटें मिल सकतीं हैं।
किसको कितना वोट शेयर?
मैट्रिज के आंकड़ों के अनुसार दोनों गठबंधनों के वोट शेयर में भी अच्छा खासा अंतर रह सकता है। इसके मुताबिक NDA ,49% , महागठबंधन 38% और अन्य को 13% वोट मिल सकते हैं।
मैट्रिज के अनुसार बिहार में सीएम की पहली पसंद के तौर पर अभी भी नीतीश कुमार सबसे आगे हैं. सर्वे के अनुसार नीतीश कुमार 46% ,तेजस्वी यादव 15% ,चिराग पासवान 8% ,प्रशांत किशोर 8% और सम्राट चौधरी को 4% लोग बतौर सीएम फेस पसंद करते हैं।






