अब यूपी में भी सरकार बनाने का सपना देखने लगे केजरीवाल!

पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल गुजरात में उप चुनाव जीतने के बाद आत्मविश्वास से लबरेज हो गए हैं। अब वह पंजाब और गुजरात के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी सरकार बनाने के सपने देखने लगे हैं। केजरीवाल अब हंस रहे हैं। ठहाके लगा रहे हैं। केजरीवाल ने लुधियाना में लखनऊ का भी नाम ले लिया। मतलब अब उनकी निगाह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर है। दरअसल दिल्ली चुनाव हारने के बाद केजरीवाल एक तरह से भूमिगत हो गए थे। वह पंजाब में जाकर चुपचाप पार्टी के काम लगे थे। वह केजरीवाल का दिमाग ही था कि उन्होंने अम्बाला में चल रहा किसान आंदोलन समाप्त कराया। किसान आंदोलन को समाप्त कराने की बड़ी वजह यह थी कि पंजाब के लोगों को लगभग 100 किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना पड़ता था। पंजाब के लोग किसान आंदोलन से नाराज थे। केजरीवाल को लगा था कि किसान आंदोलन की वजह से आम आदमी पार्टी चुनाव हार सकती है। अब जब आम आदमी पार्टी गुजरात में उप चुनाव जीती तो केजरीवाल फिर से फॉर्म में आ गए हैं। अब वह पंजाब चुनाव जीतने की रणनीति तो बना ही रहे हैं। साथ ही गुजरात और उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने की सोचने लगे हैं।
दरअसल हाल के उप चुनावों में आम आदमी पार्टी की जीत, खासकर पंजाब और गुजरात में ने अरविंद केजरीवाल की राष्ट्रीय राजनीति में वापसी की चर्चाओं को हवा दी है। हालांकि, यूपी पर ध्यान देने की खबरों के बारे में कोई स्पष्ट और प्रत्यक्ष स्रोत उपलब्ध नहीं है जो यह पुष्टि करता हो कि केजरीवाल ने उप चुनाव जीतते ही यूपी पर फोकस करने की रणनीति बनाई है। फिर भी, कुछ संदर्भों से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि AAP यूपी में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
2023 के यूपी नगर निकाय चुनावों में AAP ने 100 से ज्यादा उम्मीदवारों की जीत हासिल की थी, जिसमें तीन नगर पालिका और छह नगर पंचायत चेयरमैन शामिल थे। इस जीत के बाद केजरीवाल ने यूपी का दौरा कर कार्यकर्ताओं और जीते हुए उम्मीदवारों से मुलाकात की थी, जिससे पार्टी की यूपी में सक्रियता का संकेत मिलता है। इसके अलावा, 2024 के लोकसभा चुनाव में केजरीवाल ने यूपी में BJP की स्थिति को कमजोर करने की भविष्यवाणी की थी, जिसे INDIA गठबंधन की 43 सीटों की जीत से जोड़ा गया। यह दर्शाता है कि AAP यूपी को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर के रूप में देख रही है।

हालांकि, उपचुनावों के ताजा संदर्भ में (जैसे पंजाब के लुधियाना पश्चिम और गुजरात के विसावदर में AAP की जीत), केजरीवाल का ध्यान मुख्य रूप से पंजाब और गुजरात पर केंद्रित दिखता है। यूपी में तत्काल रणनीति की कोई ठोस खबर नहीं है, लेकिन AAP की पिछली गतिविधियों और केजरीवाल के बयानों को देखते हुए, यूपी में पार्टी का विस्तार करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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