27 को उदयपुर में सहारा पीड़ितों की पीड़ा सुनेंगे राष्ट्रीय उपकार संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी

राजस्थान के प्रभारी विजय वर्मा ने सिराली भवन में रखी है बैठक 

द न्यूज 15 

जयपुर। उदयपुर के सिराली भवन में  27 फरवरी को राष्ट्रीय उपकार संयुक्त मोर्चा सहारा पीड़ित कार्यकर्ताओं की एक मीटिंग का आयोजन करेगा, जिसमें आगे की प्लानिंग तय की जाएगी। यह जानकारी मोर्चे के राजस्थान प्रभारी विजय वर्मा ने दी है।
उन्होंने कहा है कि जिस साथियों के ने संघर्ष कर उदयपुर की जनता को जगा दिया है उनके खून पसीने की कमाई को डूबने से बचा लिया है, वे सब धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा है कि आज चुनिंदा साथियों के बहकावे में आकर कुछ लोग अभी भी सहारा क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी में पैसा जमा कर रहे थे, वे अब जाग चुके हैं। उन्होंने कहा है कि उम्मीद है कि इसी तरह से सोशल मीडिया पर सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के खिलाफ आम लोगों तक संदेश पहुंचाने में सभी साथी सहयोग करते रहेंगे।
उन्होंने उदयपुर शहर के और ग्रामीण के सहारा क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी से पीड़ित  कार्यकर्ताओं से अपील है कि 27 फरवरी को वे लोग बैठक में जरूर पहुंचें। उन्होंने बैठक का समय सुबह १०.३० रखा है। विजय वर्मा ने कहा है कि सभी साथी एकजुट रहें कि जिससे सहारा के खिलाफ एक आवाज को पूरे हिंदुस्तान में पहुंचा सकें। उन्होंने कहा है कि उदयपुर के सहारा निवेशकों के साथ सहारा प्रबंधन ने बड़ा धोखा किया है। सहारा के मैनेजमेंट ने निवेशकर्ताओं को खून के आंसू रुलाया है। इसका जवाब देने के लिए सभी पीड़ित कार्यकर्ता एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़ने के लिए आगे आएं।
विजय वर्मा ने कहा है कि उदयपुर की जनता का लगभग दो हजार करोड़ सहारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी डकार कर बैठी है और आम जनता को लोकल मैनेजमेंट से लेकर चेयरमैन तक सरकार को और लोकल प्रशासन के अधिकारियों को  रिपोर्ट देखकर अखबार में छपवा कर गुमराह कर रहे हैं एडवोकेट की टीम को और जो सहारा से अपने भुगतान की आवाज को उठा रहे हैं उनको उदयपुर के लोकल अधिकारी बदनाम कर रहे हैं की कंपनी से निकाले गए साथी निवेश करता हूं को गुमराह कर रहे हैं जबकि गुमराह दो लोकल मैनेजमेंट से लेकर शुरू तक तारीख पर तारीख का कमेंट में करके विगत 4 साल से गुमराह करते आ रहे हैं झूठे आश्वासन दे रहे हैं। इसलिए आम जनता से हमारी एक ही अपील है कि किसी चाटुकारिता नहीं बल्कि अपने भुगतान के लिए आवाज बुलंद करें।

संगठन का हमारे संघर्ष कर रहें साथियों का सहयोग करें ताकि प्रशासन का सहयोग लेकर इनके खिलाफ जो आज जमा पूंजी ले रहे हैं उस पर पाबंदी लगाई जाए क्योंकि चुपके चुपके गरीब जनता के साथ चुनिंदा मैनेजमेंट के मैनेजर और कार्यकर्ता गुमराह करके उनके पेपर बदल रहे हैं। इसलिए आम जनता को जागने की जरूरत है ताकि आपकी मेहनत का पैसा गलत जगह है ना जाए क्योंकि पुराना पैसा देना में कितने झूठे हो गए हैं। तरह-तरह के प्रलोभन देकर अधिक ब्याज का प्रलोभन देकर पेपर बदल रहे हैं। इसलिए किसी भी एजेंट के या किसी भी मैनेजर के काम में ना आएं और अपने भुगतान के लिए आगे आए हमसे संपर्क करें और ज्यादा से ज्यादा कानूनी कार्रवाई करें।

Related Posts

किसान संघर्ष समिति की बैठक में अमेरिका इजरायल की निंदा !
  • TN15TN15
  • March 10, 2026

रीवा। किसान संघर्ष समिति की मासिक बैठक जिला…

Continue reading
दोहरे मापदंड महिला आजादी में बाधक : नारी चेतना मंच
  • TN15TN15
  • March 10, 2026

समाज में स्त्री पुरुषों की भूमिका गाड़ी के…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोण

  • By TN15
  • March 12, 2026
भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोण

बदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!

  • By TN15
  • March 12, 2026
बदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!

339वीं किसान पंचायत संपन्न, युद्ध नहीं शांति चाहिए

  • By TN15
  • March 12, 2026
339वीं किसान पंचायत संपन्न,  युद्ध नहीं शांति चाहिए

अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन “न्यूक्लियर साइट” पर MOAB (सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम) नहीं गिराया ।

  • By TN15
  • March 12, 2026
अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन “न्यूक्लियर साइट” पर MOAB (सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम) नहीं गिराया ।

‘भारत मुश्किल में…’, ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!

  • By TN15
  • March 12, 2026
‘भारत मुश्किल में…’, ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!

कहानी: “नीलो – सत्ता को चुनौती की कीमत “

  • By TN15
  • March 12, 2026
कहानी: “नीलो – सत्ता को चुनौती की कीमत “