Trending News:‘ऐसे नहीं जाने दे सकते…’, नीट पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से क्या कहा?‘ऐसे नहीं जाने दे सकते…’, नीट पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से क्या कहा?‘अहंकार आपको ले डूबेगा’, PM मोदी के वीडियो जारी करने पर RJD सांसद की दो टूक10 साल की कैद और 1 करोड़ तक का जुर्माना… पेपरलीक के खिलाफ बिल लाने की तैयारी में सरकार‘मैं कमजोर महसूस कर रहा हूं लेकिन…’ सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बीच अभिजीत दीपके का बड़ा बयानसीटू ने अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जी और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी की जयंती पर दी श्रद्धांजलिबड़ा एक्शन: कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल लोगों के रद्द हो सकते हैं पासपोर्टमुजफ्फरनगर : टीचर ने लगाया बैग से 10 रुपये चुराने का आरोप, आहत छात्रा ने कर ली आत्महत्या‘अगर दम है तो…’, CJP आंदोलन को लेकर राहुल गांधी समेत विपक्ष पर भड़के CM देवेंद्र फडणवीसCJP Protest LIVE: सरकार से बातचीत के ऑफर की जगह को सीजेपी ने ठुकराया, अब कल देशव्यापी आंदोलन का ऐलानप्रदर्शनकारियों पर NSA के ‘आदेश’ को लेकर कांग्रेस नेता की पोस्ट से बवाल, अब दिल्ली पुलिस ने दी ये सफाईVIDEO: मौन आंदोलन के दौरान फफक-फफक कर रोए अन्ना हजारे, तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद हुए शामिलकनॉट प्लेस में शाम 6.30 तक दुकानें, रेस्तरां, ऑफिस हो जाएंगे बंद, CJP प्रदर्शन के बीच NDMC की अपीलगाजीपुर में 51 लाइसेंस पर 145 हथियार! सपा सांसद अफजल भी फंसे, मुख्तार अंसारी के गिरोह की क्या थी साजिश?NEET पेपर लीक पर प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट पर CM उमर अब्दुल्ला बोले, ‘कहीं न कहीं…’CJP से बात करने जंतर-मंतर जाएंगे मंत्री? मानी शर्त, मोदी सरकार बोली- आइए बैठकर करें बातबिहार विधानसभा में गूंजा पटना में प्रदर्शन का मुद्दा, BJP बोली- ‘ये छात्र नहीं गुंडा थे, अपराधी थे’पटना के बाद कटिहार में लाठीचार्ज, बेगूसराय में हंगामा, छात्र बोले- धर्मेंद्र प्रधान नहीं PM मोदी भी जिम्मेदारपटना के बाद कटिहार में लाठीचार्ज, बेगूसराय में हंगामा, छात्र बोले- धर्मेंद्र प्रधान नहीं PM मोदी भी जिम्मेदारCJP नेताओं ने सरकार के साथ बातचीत से किया इनकार, पहले रखी शर्त, अब क्यों कहा Noदिल्ली प्रोटेस्ट में विदेशी फंडिंग? याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तुरंत सुनवाई के लिए भरी हामीPM के संदेश के बाद अभिजीत दीपके का धर्मेंद्र प्रधान पर तंज, फोटो शेयर कर लिखा- ‘Hi, मेरा नाम कुछ नहीं है’‘अगर मैं आज जंतर-मंतर पर दिखाई न दूं तो…’, अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से ये क्यों कहा?दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI सूर्यकांत बोले- ‘अगर लंच के समय तक…’अस्पताल से सोनम वांगचुक ने सरकार को लिखी चिट्ठी, अनशन खत्म करने को तैयार, रखी शर्तदिल्ली सीजेपी आंदोलन ने बनाई विशेष पहचान!भारत में समंदर किनारे दबा था दुनिया का पहला बंदरगाह, 4000 साल तक यूरोप में भी नहीं था ऐसा पोर्ट, इतिहासकार ने खोली अंग्रेजों की झूठ की पोल‘छात्राओं के साथ छेड़छाड़, पुलिस पर FIR की मांग’, CJP के आंदोलन पर HC में सुनवाई, आया बड़ा आदेशसोशलिस्ट स्टूडेंट्स यूनियन लखनऊ वि.वि. के छात्रों के धरने के समर्थन मेंपटना में कांग्रेस और BJP के कार्यकर्ताओं में मारपीट, सिर फटा, गाड़ी के शीशे तोड़े, भारी बवाल‘या तो वो जंतर-मंतर आएं या फिर…’, कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार से बातचीत के लिए रखी ये शर्त‘बेटे से पीछे हटने के लिए…’, CJP के संसद मार्च में लाठीचार्ज के बाद क्या बोले अभिजीत दीपके के मां-बापदिल्ली प्रोटेस्ट के बीच 16 बड़े मेट्रो स्टेशन बंद, जनपथ, राजीव चौक, CS पर नहीं मिलेगी ट्रेन22 जुलाई राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर सीटू जिला कमेटी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं‘आप हमारा समय बर्बाद कर रहे, वीडियो देखने में दिलचस्पी नहीं’, संसद मार्च में लाठीचार्ज पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?राहुल-प्रियंका को पुलिस ने किया डिटेन, अखिलेश यादव को PM आवास से हटाया गयाआम आदमी पार्टी की उम्मीदों को झटका, राहुल गांधी- प्रियंका को मिला अखिलेश यादव का साथ, पहुंचे धरना स्थलरुपेश वर्मा ने जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घोर निंदा करते हुए बताया लोकतंत्र!सरकार से दो-दो हाथ करने के मूढ़ में दिल्ली पहुंचा देश का युवा!दिल्ली के जंतर-मंतर पर लाठी चार्ज करके छात्रों की आवाज़ को दबाना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा : देवेन्द्र गुर्जरदिल्ली पुलिस की दमनकारी कार्रवाई के विरोध में जंतर-मंतर पर सीटू का जोरदार प्रदर्शनCJP Parliament March: सीजेपी के प्रदर्शन और सोनम वांगचुक पर BJP का बड़ा बयान, ‘भविष्य में…’‘चलो संसद’ मार्च के बीच दिल्ली में नहीं हैं अरविंद केजरीवाल, पंजाब से बोले- ‘ये हमारे बच्चे हैं, PM इनसे बात करें’कारपोरेट घरानों के ताबेदारों के खिलाफ सोशलिस्टों की ललकारजंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से दिल्ली पुलिस ने किया इनकार, प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजने के आए थे कई वीडियोकमिश्नरी रीवा में सोनम वांगचुक के अलोकतांत्रिक हिरासत के विरोध में धरनासोनम वांगचुक का अनशन को भ्रमजाल का हिस्सा? केशव प्रसाद मौर्य बोले- जनता भ्रम में नहीं आएगीDelhi Jantar Mantar : रात में किसी समय जंतर मंतर से आंदोलनकारियों को हटा सकती है दिल्ली पुलिस!‘गाड़ी में सपा का झंडा लगा लें…’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को योगी के मंत्री की सलाहभारत में जंतर-मंतर का विरोध-प्रदर्शन क्यों एक जन-आंदोलन नहीं बन पाया?सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग, पत्नी गीतांजलि ने लिखी चिट्ठी, कहा- ‘जांच रिपोर्ट नहीं मिली, भरोसा कम…’हार्डकोर हिंदुत्व की पिच पर CM योगी? जिन्ना पर दिया बयान तो भड़क उठे AIMIM और सपा के नेतासोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दीपके, मंच पर ही रो पड़े CJP चीफ संसद में पेश होने से पहले ही वंदे मातरम बिल पर छिड़ गई बहस, कांग्रेस ने बताया संविधान के खिलाफसोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- ‘मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर…’सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरनाExplained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरनाबदले जाएंगे 10 और 20 रुपए के नोट, आरबीआई ने कर दिया बड़ा ऐलान!दिल्ली दंगा मामले में शरजील इमाम को नहीं मिली जमानत, HC ने पुलिस से 27 अगस्त तक मांगा जवाब‘ये जो फोटो-वोटो लाए हैं…’, हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करते वक्त SPG को पीएम मोदी ने क्या दिया आदेश?दिल्ली पुलिस में बड़ा बदलाव, सतीश गोलचा हटाए गए, नए कमिश्नर अनुराग कुमारजंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट में शामिल हुए पवन खेड़ा, सोनम वांगचुक से बोले- ‘जान जोखिम में ना डालें10 साल बनाम 5 साल से अब कुछ नहीं होगा अखिलेश जी, आंदोलन ही सत्ता का एकमात्र रास्ता ! यूपी में अब इनके घर आएगा फ्री राशन, नहीं जाना पड़ेगा कोटे की दुकान!पश्चिम बंगाल में बड़ा हादसा, बहरामपुर में ट्रेन से टकराई स्कूल वैन, 2 बच्चों समेत 3 की मौतसोनम वांगचुक का अनशन गांधीवादी नहीं है!मानसून सत्र: ‘फिर वही करने जा रही सरकार’, परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे ‘श्रीकृष्ण पांच वक्त के नमाजी थे…’, मौलाना जर्जिस अंसारी के इस विवादित बयान पर मचा बवालऐसे नहीं चलेगा! ईरान युद्ध से सामने आई भारत की कमजोरी, आयात कम करने के लिए सरकार ने कसी कमरISRO के 100 साइंटिस्ट के नौकरी छोड़ने के बाद एक्शन में सरकार, अब सख्त किए नियम, जानें आदेश में क्या हैदौसा में फूड प्वाइजनिंग से मचा हड़कंप, घर की दाल खाने से एक ही परिवार के 7 लोग पहुंचे अस्पतालममता को झटके पर झटका! मदन मित्रा के बाद अब कोयल मलिक का इस्तीफा, भूपेन्द्र यादव से की मुलाकात जम्मू-कश्मीर में पलटेगी सरकार? BJP का बड़ा दावा, ‘NC के विधायक मुफ्त में बिकने को तैयार!छाती दबाना और सलवार उतारना रेप नहीं! तो क्या है कानून में बलात्कार की परिभाषा? 65 कमरों में 250 लोग, न निकास न सुरक्षा – गरीब की जान इतनी सस्ती क्यों? – गंगेश्वर दत्त शर्मा, सीटू‘BJP चालाकी से…’, संविधान संशोधन, परिसीमन बिल का विरोध करेगी कांग्रेस, 1 घंटे की मीटिंग के बाद ऐलानबिहार: प्रेमी के लिए ले ली सुहाग की जान, MVI पत्नी ने ट्रेन में कराया मर्डर, शूटर सहित 3 गिरफ्तारबंटी यादव हत्याकांड: बिहार में आमरण अनशन पर बैठेंगे परिजन, आरोपियों को कड़ी सजा की करेंगे मांगHyderabad School: हिंदू छात्र को कलमा और सूरह फातिहा पढ़ाने पर विवाद, स्कूल पहुंच गए मां-बाप, काटा बवाल!जौहर यूनिवर्सिटी पर फैसले में गड़बड़ी? कांग्रेस नेता के दावे से बढ़ सकती हैं योगी सरकार की मुश्किल!Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव ने निशांत कुमार पर ली चुटकी, ‘स्वास्थ्य मंत्री जी जो पजामा…’काशी, मथुरा, या अयोध्या… यूपी चुनाव से पहले 36 साल पुराना इतिहास दोहराने जा रहे अखिलेश यादव?सोनम वांगचुक ने स्थापित किए हैं कृतिमान Delhi SIR News: दिल्ली में एसआईआर की समय सीमा बढ़ी! सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ने पर राज ठाकरे ने केंद्र सरकार को लिया आड़े हाथ जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन पर मेरा नज़रिया!AI मॉडल जातिगत भेदभाव को कैसे दोहराते हैंआखिर क्यों बलूचिस्तान को नहीं छोड़ना चाहता पाकिस्तान?खतरे में देश की परमाणु सुरक्षा! भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट कुडनकुलम के डेटा में सेंधUP Election 2027: चंद्रशेखर ही नहीं अब ये पार्टी भी होगी मायावती के लिए चुनौती? यूपी चुनाव से पहले बसपा बदलेगी रणनीति!खतरे में देश की परमाणु सुरक्षा! भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट कुडनकुलम के डेटा में सेंधबंगाल में ममता बनर्जी को बड़ा झटका, मदन मित्रा ने भी छोड़ा साथ, ऋतब्रत खेमे में शामिल होने का ऐलानCabinet Decisions: बनारस में गंगा किनारे बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर, 2,19,353 करोड़ के सात बड़े प्रोजेक्ट्स को कैबिनेट की मंजूरीUNCLOS: समंदर में चौड़ा हो रहा चीन भारत की एक चाल से हुआ चित, तिलमिलाकर रह गया बीजिंगराम मंदिर चढ़ावा गिनती के लिए अब टेबल की जगह दरी का इस्तेमाल, बिना पॉकेट वाला ड्रेस कोड अनिवार्यदलितों की मुक्ति में संघर्ष की भूमिका पर डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर के विचारदेश में सवाल पूछना अपराध बन चुका है तो फिर इन मीडिया हाउस की जरूरत ही क्या ? दो दिन में हो सकती है सोनम वांगचुक की मौत! 8.5 kg घटा वजन, अनशन पर दिल्ली HC में याचिका‘पिकनिक’ के बहाने बच्चे को ले गए RSS शाखा? बीकानेर के सरकारी स्कूल पर आरोप
Trending News:‘ऐसे नहीं जाने दे सकते…’, नीट पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से क्या कहा?‘ऐसे नहीं जाने दे सकते…’, नीट पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से क्या कहा?‘अहंकार आपको ले डूबेगा’, PM मोदी के वीडियो जारी करने पर RJD सांसद की दो टूक10 साल की कैद और 1 करोड़ तक का जुर्माना… पेपरलीक के खिलाफ बिल लाने की तैयारी में सरकार‘मैं कमजोर महसूस कर रहा हूं लेकिन…’ सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बीच अभिजीत दीपके का बड़ा बयानसीटू ने अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जी और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी की जयंती पर दी श्रद्धांजलिबड़ा एक्शन: कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल लोगों के रद्द हो सकते हैं पासपोर्टमुजफ्फरनगर : टीचर ने लगाया बैग से 10 रुपये चुराने का आरोप, आहत छात्रा ने कर ली आत्महत्या‘अगर दम है तो…’, CJP आंदोलन को लेकर राहुल गांधी समेत विपक्ष पर भड़के CM देवेंद्र फडणवीसCJP Protest LIVE: सरकार से बातचीत के ऑफर की जगह को सीजेपी ने ठुकराया, अब कल देशव्यापी आंदोलन का ऐलानप्रदर्शनकारियों पर NSA के ‘आदेश’ को लेकर कांग्रेस नेता की पोस्ट से बवाल, अब दिल्ली पुलिस ने दी ये सफाईVIDEO: मौन आंदोलन के दौरान फफक-फफक कर रोए अन्ना हजारे, तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद हुए शामिलकनॉट प्लेस में शाम 6.30 तक दुकानें, रेस्तरां, ऑफिस हो जाएंगे बंद, CJP प्रदर्शन के बीच NDMC की अपीलगाजीपुर में 51 लाइसेंस पर 145 हथियार! सपा सांसद अफजल भी फंसे, मुख्तार अंसारी के गिरोह की क्या थी साजिश?NEET पेपर लीक पर प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट पर CM उमर अब्दुल्ला बोले, ‘कहीं न कहीं…’CJP से बात करने जंतर-मंतर जाएंगे मंत्री? मानी शर्त, मोदी सरकार बोली- आइए बैठकर करें बातबिहार विधानसभा में गूंजा पटना में प्रदर्शन का मुद्दा, BJP बोली- ‘ये छात्र नहीं गुंडा थे, अपराधी थे’पटना के बाद कटिहार में लाठीचार्ज, बेगूसराय में हंगामा, छात्र बोले- धर्मेंद्र प्रधान नहीं PM मोदी भी जिम्मेदारपटना के बाद कटिहार में लाठीचार्ज, बेगूसराय में हंगामा, छात्र बोले- धर्मेंद्र प्रधान नहीं PM मोदी भी जिम्मेदारCJP नेताओं ने सरकार के साथ बातचीत से किया इनकार, पहले रखी शर्त, अब क्यों कहा Noदिल्ली प्रोटेस्ट में विदेशी फंडिंग? याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तुरंत सुनवाई के लिए भरी हामीPM के संदेश के बाद अभिजीत दीपके का धर्मेंद्र प्रधान पर तंज, फोटो शेयर कर लिखा- ‘Hi, मेरा नाम कुछ नहीं है’‘अगर मैं आज जंतर-मंतर पर दिखाई न दूं तो…’, अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से ये क्यों कहा?दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI सूर्यकांत बोले- ‘अगर लंच के समय तक…’अस्पताल से सोनम वांगचुक ने सरकार को लिखी चिट्ठी, अनशन खत्म करने को तैयार, रखी शर्तदिल्ली सीजेपी आंदोलन ने बनाई विशेष पहचान!भारत में समंदर किनारे दबा था दुनिया का पहला बंदरगाह, 4000 साल तक यूरोप में भी नहीं था ऐसा पोर्ट, इतिहासकार ने खोली अंग्रेजों की झूठ की पोल‘छात्राओं के साथ छेड़छाड़, पुलिस पर FIR की मांग’, CJP के आंदोलन पर HC में सुनवाई, आया बड़ा आदेशसोशलिस्ट स्टूडेंट्स यूनियन लखनऊ वि.वि. के छात्रों के धरने के समर्थन मेंपटना में कांग्रेस और BJP के कार्यकर्ताओं में मारपीट, सिर फटा, गाड़ी के शीशे तोड़े, भारी बवाल‘या तो वो जंतर-मंतर आएं या फिर…’, कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार से बातचीत के लिए रखी ये शर्त‘बेटे से पीछे हटने के लिए…’, CJP के संसद मार्च में लाठीचार्ज के बाद क्या बोले अभिजीत दीपके के मां-बापदिल्ली प्रोटेस्ट के बीच 16 बड़े मेट्रो स्टेशन बंद, जनपथ, राजीव चौक, CS पर नहीं मिलेगी ट्रेन22 जुलाई राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर सीटू जिला कमेटी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं‘आप हमारा समय बर्बाद कर रहे, वीडियो देखने में दिलचस्पी नहीं’, संसद मार्च में लाठीचार्ज पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट?राहुल-प्रियंका को पुलिस ने किया डिटेन, अखिलेश यादव को PM आवास से हटाया गयाआम आदमी पार्टी की उम्मीदों को झटका, राहुल गांधी- प्रियंका को मिला अखिलेश यादव का साथ, पहुंचे धरना स्थलरुपेश वर्मा ने जंतर मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की घोर निंदा करते हुए बताया लोकतंत्र!सरकार से दो-दो हाथ करने के मूढ़ में दिल्ली पहुंचा देश का युवा!दिल्ली के जंतर-मंतर पर लाठी चार्ज करके छात्रों की आवाज़ को दबाना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा : देवेन्द्र गुर्जरदिल्ली पुलिस की दमनकारी कार्रवाई के विरोध में जंतर-मंतर पर सीटू का जोरदार प्रदर्शनCJP Parliament March: सीजेपी के प्रदर्शन और सोनम वांगचुक पर BJP का बड़ा बयान, ‘भविष्य में…’‘चलो संसद’ मार्च के बीच दिल्ली में नहीं हैं अरविंद केजरीवाल, पंजाब से बोले- ‘ये हमारे बच्चे हैं, PM इनसे बात करें’कारपोरेट घरानों के ताबेदारों के खिलाफ सोशलिस्टों की ललकारजंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से दिल्ली पुलिस ने किया इनकार, प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजने के आए थे कई वीडियोकमिश्नरी रीवा में सोनम वांगचुक के अलोकतांत्रिक हिरासत के विरोध में धरनासोनम वांगचुक का अनशन को भ्रमजाल का हिस्सा? केशव प्रसाद मौर्य बोले- जनता भ्रम में नहीं आएगीDelhi Jantar Mantar : रात में किसी समय जंतर मंतर से आंदोलनकारियों को हटा सकती है दिल्ली पुलिस!‘गाड़ी में सपा का झंडा लगा लें…’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को योगी के मंत्री की सलाहभारत में जंतर-मंतर का विरोध-प्रदर्शन क्यों एक जन-आंदोलन नहीं बन पाया?सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग, पत्नी गीतांजलि ने लिखी चिट्ठी, कहा- ‘जांच रिपोर्ट नहीं मिली, भरोसा कम…’हार्डकोर हिंदुत्व की पिच पर CM योगी? जिन्ना पर दिया बयान तो भड़क उठे AIMIM और सपा के नेतासोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दीपके, मंच पर ही रो पड़े CJP चीफ संसद में पेश होने से पहले ही वंदे मातरम बिल पर छिड़ गई बहस, कांग्रेस ने बताया संविधान के खिलाफसोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- ‘मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर…’सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरनाExplained: क्या इस बार पास होगा परिसीमन बिल? कैसे बजट सत्र के मुकाबले बदल गई मानसून सत्र की तस्वीर?सोनम वांगचुक के समर्थन में 19 जुलाई को रीवा कमिश्नरी के समक्ष आयोजित होगा धरनाबदले जाएंगे 10 और 20 रुपए के नोट, आरबीआई ने कर दिया बड़ा ऐलान!दिल्ली दंगा मामले में शरजील इमाम को नहीं मिली जमानत, HC ने पुलिस से 27 अगस्त तक मांगा जवाब‘ये जो फोटो-वोटो लाए हैं…’, हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करते वक्त SPG को पीएम मोदी ने क्या दिया आदेश?दिल्ली पुलिस में बड़ा बदलाव, सतीश गोलचा हटाए गए, नए कमिश्नर अनुराग कुमारजंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट में शामिल हुए पवन खेड़ा, सोनम वांगचुक से बोले- ‘जान जोखिम में ना डालें10 साल बनाम 5 साल से अब कुछ नहीं होगा अखिलेश जी, आंदोलन ही सत्ता का एकमात्र रास्ता ! यूपी में अब इनके घर आएगा फ्री राशन, नहीं जाना पड़ेगा कोटे की दुकान!पश्चिम बंगाल में बड़ा हादसा, बहरामपुर में ट्रेन से टकराई स्कूल वैन, 2 बच्चों समेत 3 की मौतसोनम वांगचुक का अनशन गांधीवादी नहीं है!मानसून सत्र: ‘फिर वही करने जा रही सरकार’, परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे ‘श्रीकृष्ण पांच वक्त के नमाजी थे…’, मौलाना जर्जिस अंसारी के इस विवादित बयान पर मचा बवालऐसे नहीं चलेगा! ईरान युद्ध से सामने आई भारत की कमजोरी, आयात कम करने के लिए सरकार ने कसी कमरISRO के 100 साइंटिस्ट के नौकरी छोड़ने के बाद एक्शन में सरकार, अब सख्त किए नियम, जानें आदेश में क्या हैदौसा में फूड प्वाइजनिंग से मचा हड़कंप, घर की दाल खाने से एक ही परिवार के 7 लोग पहुंचे अस्पतालममता को झटके पर झटका! मदन मित्रा के बाद अब कोयल मलिक का इस्तीफा, भूपेन्द्र यादव से की मुलाकात जम्मू-कश्मीर में पलटेगी सरकार? BJP का बड़ा दावा, ‘NC के विधायक मुफ्त में बिकने को तैयार!छाती दबाना और सलवार उतारना रेप नहीं! तो क्या है कानून में बलात्कार की परिभाषा? 65 कमरों में 250 लोग, न निकास न सुरक्षा – गरीब की जान इतनी सस्ती क्यों? – गंगेश्वर दत्त शर्मा, सीटू‘BJP चालाकी से…’, संविधान संशोधन, परिसीमन बिल का विरोध करेगी कांग्रेस, 1 घंटे की मीटिंग के बाद ऐलानबिहार: प्रेमी के लिए ले ली सुहाग की जान, MVI पत्नी ने ट्रेन में कराया मर्डर, शूटर सहित 3 गिरफ्तारबंटी यादव हत्याकांड: बिहार में आमरण अनशन पर बैठेंगे परिजन, आरोपियों को कड़ी सजा की करेंगे मांगHyderabad School: हिंदू छात्र को कलमा और सूरह फातिहा पढ़ाने पर विवाद, स्कूल पहुंच गए मां-बाप, काटा बवाल!जौहर यूनिवर्सिटी पर फैसले में गड़बड़ी? कांग्रेस नेता के दावे से बढ़ सकती हैं योगी सरकार की मुश्किल!Tej Pratap Yadav: तेज प्रताप यादव ने निशांत कुमार पर ली चुटकी, ‘स्वास्थ्य मंत्री जी जो पजामा…’काशी, मथुरा, या अयोध्या… यूपी चुनाव से पहले 36 साल पुराना इतिहास दोहराने जा रहे अखिलेश यादव?सोनम वांगचुक ने स्थापित किए हैं कृतिमान Delhi SIR News: दिल्ली में एसआईआर की समय सीमा बढ़ी! सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ने पर राज ठाकरे ने केंद्र सरकार को लिया आड़े हाथ जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन पर मेरा नज़रिया!AI मॉडल जातिगत भेदभाव को कैसे दोहराते हैंआखिर क्यों बलूचिस्तान को नहीं छोड़ना चाहता पाकिस्तान?खतरे में देश की परमाणु सुरक्षा! भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट कुडनकुलम के डेटा में सेंधUP Election 2027: चंद्रशेखर ही नहीं अब ये पार्टी भी होगी मायावती के लिए चुनौती? यूपी चुनाव से पहले बसपा बदलेगी रणनीति!खतरे में देश की परमाणु सुरक्षा! भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट कुडनकुलम के डेटा में सेंधबंगाल में ममता बनर्जी को बड़ा झटका, मदन मित्रा ने भी छोड़ा साथ, ऋतब्रत खेमे में शामिल होने का ऐलानCabinet Decisions: बनारस में गंगा किनारे बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर, 2,19,353 करोड़ के सात बड़े प्रोजेक्ट्स को कैबिनेट की मंजूरीUNCLOS: समंदर में चौड़ा हो रहा चीन भारत की एक चाल से हुआ चित, तिलमिलाकर रह गया बीजिंगराम मंदिर चढ़ावा गिनती के लिए अब टेबल की जगह दरी का इस्तेमाल, बिना पॉकेट वाला ड्रेस कोड अनिवार्यदलितों की मुक्ति में संघर्ष की भूमिका पर डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर के विचारदेश में सवाल पूछना अपराध बन चुका है तो फिर इन मीडिया हाउस की जरूरत ही क्या ? दो दिन में हो सकती है सोनम वांगचुक की मौत! 8.5 kg घटा वजन, अनशन पर दिल्ली HC में याचिका‘पिकनिक’ के बहाने बच्चे को ले गए RSS शाखा? बीकानेर के सरकारी स्कूल पर आरोप
(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस साल (2025) के स्वतंत्रता दिवस पर दिए जाने वाले भाषण में शामिल करने के लिए लोगों से उनके विचार/सुझाव मांगे हैं। यह पता नहीं चल पाया कि उन्हें किन लोगों के क्या विचार/सुझाव मिले हैं और वे उनका कितना उपयोग करने जा रहे हैं। यह संदर्भ लेकर मैं अप्रैल 2019 में प्रकाशित यह लेख फिर से जारी कर रहा हूं।)
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पात्रता के पक्ष में विभिन्न कोनों/स्रोतों से लगातार स्वीकृति और समर्थन हासिल किया है. हालांकि पांच साल प्रधानमंत्री रह चुकने के बाद काफी लोग मोदी-मोह से बाहर आ चुके हैं. फिर भी यह हवा बनाई जा रही है कि अगले प्रधानमंत्री मोदी ही होंगे. ज्यादातर मतदाता इस हवा के साथ हैं या नहीं, इसका पता 23 मई 2019 को चुनाव नतीजे आने पर चलेगा. फिलहाल की सच्चाई यही है कि टीम मोदी, कारपोरेट घराने, आरएसएस/भाजपा, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), मुख्यधारा मीडिया और ‘स्वतंत्र’ मोदी-समर्थक उनकी एकमात्र पात्रता के समर्थन में डटे हैं. नरेंद्र मोदी की पात्रता के कोरसगान में खुद नरेंद्र मोदी का स्वर सबसे ऊंचा रहता है. मोदी की पात्रता के प्रति यह जबरदस्त आग्रह अकारण नहीं हो सकता है. इस परिघटना के पीछे निहित जटिल कारणों को सुलझा कर रखना आसान नहीं है. फिर भी मुख्य कारणों का पता लगाने कोशिश की जा सकती है.
उन कमजोर आत्माओं को इस विश्लेषण से अलग रखा गया है, जो अभी भी मोदी को अवतार मानने के भावावेश में जीती हैं. साधारण मेहनतकश जनता को भी शामिल नहीं किया गया है, जो उसका शोषण करने वाले वर्ग द्वारा तैयार आख्यान का अनुकरण करने को अभिशप्त है. इस लेख में मोदी की समस्त गलत बयानियों (जिनमें वैवाहिक स्टेटस से लेकर शैक्षिणक योग्यता तक की गईं गलतबयानियां शामिल हैं), मिथ्या कथनों, अज्ञान, अंधविश्वास और घृणा के सतत प्रदर्शन के बावजूद उनकी पात्रता का समर्थन करने वालों की पड़ताल की कोशिश है. देश-विदेश में फैले ये मोदी-समर्थक समाज के पढ़े-लिखे, सफल और सशक्त लोग हैं. या उस पथ पर अग्रसर हैं.
पहले कोरपोरेट घरानों को लें. मोदी का अपने पिछले चुनाव प्रचार में कारपोरेट घरानों के अकूत धन का इस्तेमाल करना, बतौर प्रधानमंत्री अपनी छवि-निर्माण में अकूत सरकारी धन झोंकना, जियो सिम का विज्ञापन करना, नीरव मोदी का विश्व आर्थिक मंच के प्रतिनिधि मंडल में उनके साथ शामिल होना, विजय माल्या और मेहुल चौकसी का सरकारी मशीनरी की मदद से देश छोड़ कर भागना, राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाली कारपोरेट फंडिंग को गुप्त रखने का कानून बनाना, लघु व्यापारियों और छोटे किसानों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए नोटबंदी करना, महज कागज़ पर मौजूद रिलायंस जियो इंस्टिट्यूट को ‘एमिनेंट’ संस्थान का दर्ज़ा देना, विमान बनाने का 70 साल का अनुभव रखने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हिंदुस्तान एअरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बजाय राफेल सौदे को हथियाने की नीयत से बनाई गई कागज़ी कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को फ़्रांसिसी कंपनी डसाल्ट का पार्टनर बनाना, विभिन्न सरकारी विभागों में संयुक्त सचिव के रैंक पर निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की सीधी नियुक्ति करना, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों सहित प्रत्येक क्षेत्र में निजीकरण की प्रक्रिया को बेलगाम रफ़्तार देना … जैसी अनेक छवियां और निर्णय यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि कारपोरेट घरानों के लिए मोदी की पात्रता स्वयंसिद्ध है.
आरएसएस/भाजपा की नज़र में मोदी की पात्रता के बारे में इतना देखना पर्याप्त है कि उनके किसी नेता ने मोदी की कारपोरेटपरस्त नीतियों का परोक्ष विरोध तक नहीं किया है. क्योंकि आरएसएस/भाजपा संतुष्ट हैं कि मोदी ने दिल्ली में एक हजार करोड़ की लागत वाला केंद्रीय कार्यालय बनवा दिया है, नागपुर मुख्यालय गुलज़ार है और बराबर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खबरों में रहता है, वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए अकूत दौलत का इंतजाम कर दिया है. आरएसएस विचारक मग्न हैं कि मोदी के राज में वे सरकारी पदों-पदवियों-पुरस्कारों के अकेले भोक्ता हैं. पूरे संघ परिवार ने स्वीकार कर लिया है कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का कमल मोदी के नेतृत्व में भ्रष्ट और अश्लील (वल्गर) पूंजीवाद के कीचड़ में खिलता है. यह वही आरएसएस/भाजपा हैं जिन्होंने दिवंगत मोहम्मद अली जिन्नाह को सेकुलर बताने पर लालकृष्ण आडवाणी से पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा ले लिया था. लेकिन मोदी के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ से बिना राजकीय कार्यक्रम के अचानक जाकर मिलने पर कोई एतराज नहीं उठाया. क्योंकि वे समझते हैं कि मोदी ‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ के लिए नवाज़ शरीफ से मिलने नहीं गए थे. वे जरूर किन्हीं बड़े व्यापारियों का हित-साधन करने गए होंगे!
मोदी के समर्थक पढ़े-लिखे, सफल और सशक्त लोगों को गहरा नशा है कि मोदी ने मुसलमानों को हमेशा के लिए ठीक कर दिया. जब मोदी पाकिस्तान और आतंकवादियों को ठिकाने लगा देने की बात करते हैं, तब उनके समर्थकों के जेहन में मोदी की तरह भारतीय मुसलमान ही होते हैं. उन्होंने मोदी से सीख ली है, जिसे वे दुर्भाग्य से अपने बच्चों में भी संक्रमित कर रहे हैं, कि मुसलामानों से लगातार घृणा में जीना ही जीवन में ‘हिंदुत्व’ की उपलब्धि है, और वही ‘सच्ची राष्ट्रभक्ति’ भी है. इन लोगों को मोदी की पात्रता का अंध-समर्थक होना ही है. यह बताने की जरूरत नहीं होनी चाहिए कि ‘कांग्रेसी राज’ में शिक्षा, रोजगार और व्यापार की सुविधाएं पाने वाला यह मध्यवर्गीय तबका नवउदारीकरण के दौर में काफी समृद्ध हो चुका है.
थोड़ी बात नरेंद्र मोदी की करें कि वे अपनी पात्रता के बारे में क्या सोचते हैं? इधर एक फिल्म एक्टर को दिए अपने इंटरव्यू में मोदी ने कहा बताते हैं कि वे कभी-कभी कुछ दिनों के लिए जंगल में निकल जाते थे. वहां जाकर वे केवल अपने आप से बातें करते थे. उनका जुमला ‘मेरा क्या है, जब चाहूं झोला उठा कर चल दूंगा’ काफी मशहूर हो चुका है. यानी वे इन बातों से अपने वजूद में वैराग्य भाव की मौजूदगी जताते हैं. भारत समेत पूरी दुनिया के चिंतन में वैराग्य की चर्चा मिलती है. शमशान घाट का वैराग्य मशहूर है. कुछ ख़ास मौकों और परिस्थितियों में जीवन की निस्सारता का बोध होने पर व्यक्ति में वैराग्य भाव जग जाता है. वैराग्य की भावदशा में व्यक्ति सांसारिकता से हट कर सच्ची आत्मोपलब्धि (रिकवरी ऑफ़ ट्रू सेल्फ) की ओर उन्मुख होता है. हालांकि वह जल्दी ही दुनियादारी में लौट आता है, लेकिन इस तरह का क्षणिक वैराग्य और उस दौरान आत्मोपलब्धि का प्रयास हमेशा निरर्थक नहीं जाता. व्यक्ति अपनी संकीर्णताओं और कमियों से ऊपर उठते हुए जीवन को नए सिरे से देखने और जीने की कोशिश करता है.
लगता यही है कि नरेंद्र मोदी का आत्मालाप उन्हें आत्मोपलब्धि की तरफ नहीं ले जाता, केवल आत्मव्यामोहित बनाता है. वरना सामान्यत: इंसान के मुंह से कोई गलत तथ्य, व्याख्या अथवा किसी के लिए कटु वचन निकल जाए तो वह बात उसे सालती रहती है. वह अपनी गलती के सुधार के लिए बेचैन बना रहता है. अवसर पाकर अपने ढंग से गलती का सुधार भी करता है. मोदी के साथ ऐसा नहीं है. वे एक अवसर पर अज्ञान, मिथ्यात्व और घृणा से भरी बातें करने के बाद उसी उत्साह से अगले अवसर के आयोजन में लग जाते हैं. ज़ाहिर है, वे अपनी नज़र में अपनी पात्रता को संदेह और सवाल से परे मानते हैं. इसीलिए उन पर संदेह और सवाल उठाने वालों पर उन्हें केवल क्रोध आता है. मोदी ने अपना यह ‘गुण’ अपने समर्थकों में भी भलीभांति संक्रमित कर दिया है. दोनों संदेह और सवाल उठाने वाले ‘खल’ पात्रों को ठिकाने लगाने में विश्वास करते हैं.
मोदी सबसे पहले खुद अपने गुण-ग्राहक हैं. उनकी कामयाबी यह है कि अपने ‘गुणों’ को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए वे अभी तक के सबसे बड़े इवेंट मैनेजर बन कर उभरे हैं. कहना न होगा कि अपने ‘गुणों’ को प्रचारित-प्रसारित करने का यह फन उनके कारपोरेटपरस्त चरित्र से अभिन्न है. मोदी आत्ममुग्धता में यह मान सकते हैं कि कारपोरेट घराने उनके खिलोने हैं. जबकि सच्चाई यही है कि वे खुद कारपोरेट घरानों के हाथ का खिलौना हैं. साहित्य, विशेषकर यूरोपीय उपन्यास में, आत्मव्यामोहित नायकों की खासी उपस्थिति मिलती है. अपनी समस्त आत्ममुग्धता के बावजूद वे वास्तव में यथास्थितिवाद का खिलौना मात्र होते हैं. इन नायकों की परिणति गहरे अवसाद और कई बार आत्महत्या में होती है. बहरहाल, जिस तरह कारपोरेट पूंजीवाद के लिए मोदी की पात्रता स्वयंसिद्ध है, मोदी के लिए भी वैसा ही है – वे कारपोरेट पूंजीवाद के स्वयंसिद्ध सर्वश्रेष्ठ पात्र हैं.
मोदी की पात्रता की स्वीकृति का एक महत्वपूर्ण कोना/स्रोत अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति का है. अमेरिका, रूस, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, चीन जैसे आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य दबदबे वाले देश दुनिया के सत्ता पक्ष और विपक्ष के महत्वपूर्ण नेताओं की पूरी जानकारी रखते हैं. ऐसा नहीं है कि ये देश मोदी के इतिहास और विज्ञान के ज्ञान के बारे में नहीं जानते हैं. मोदी के साम्प्रदायिक फासीवादी होने समेत उन्हें सब कुछ पता है. अमेरिका ने गुजरात के 2002 के साम्प्रदायिक दंगों को धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बताते हुए 2005 में मोदी के अपने देश में प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगा दिया था. ब्रिटेन ने 2002 के दंगों के बाद गुजरात की मोदी सरकार से 10 साल तक आधिकारिक सम्बन्ध तोड़ लिए थे. अन्य कई देशों ने दंगों के लिए नरेंद्र मोदी की तीखी भर्त्सना की थी.
लेकिन जैसे ही मनमोहन सिंह के बाद निगम पूंजीवाद के स्वाभाविक ताबेदार नेता की खोज शुरु हुई, उनकी नज़र मोदी पर गई जो पहले से गुजरात में नवउदारवाद की विशेष प्रयोगशाला चला रहे थे और इस नाते कुछ देशी कारपोरेट घरानों की पहली पसंद बन चुके थे. एक विदेशी प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की. प्रधानमंत्री बनने पर अमेरिका ने उनका वीजा बहाल कर दिया. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें कांग्रेस का संयुक्त अधिवेशन संबोधित करने के लिए बुलाया और अपने साथ प्राइवेट डिनर का मौका प्रदान किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर ओबामा भारत के गणतंत्र दिवस पर विशिष्ट अतिथि के रूप शामिल हुए. आगे की कहानी सबको मालूम है. नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रित्व में खुदरा से लेकर रक्षा क्षेत्र तक – सब कुछ सौ प्रतिशत विदेशी निवेश के लिए खोल दिया गया. दरअसल, नवसाम्राज्यवादी शक्तियों का एक एजेंडा भारत से साम्राज्यवाद विरोध की चेतना और विरासत को नष्ट करना है. ये शक्तियां जानती हैं आरएसएस और मोदी के सत्ता में रहने से यह काम ज्यादा आसानी और तेजी से हो सकता है. नवसाम्राज्यवादी शक्तियों की नज़र में मोदी की पात्रता का यह विशिष्ट आयाम गौरतलब है.
मोदी की पात्रता की पड़ताल करने वाली यह चर्चा अधूरी रहेगी अगर इसमें प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष खेमे की भूमिका को अनदेखा किया जाए. इस विषय में विस्तार में जाए बगैर केवल इतना कहना है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के तत्वावधान में चले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले सारा सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य गड्डमड्ड कर दिया था. उसकी पूरी तफसील ‘भ्रष्टाचार विरोध : विभ्रम और यथार्थ’ (वाणी प्रकाशन, 2015) पुस्तक में दी गयी है. नवउदारवाद के वैकल्पिक प्रतिरोध को नष्ट करके उसे (नवउदारवाद को) मजबूती के साथ अगले चरण में पहुँचाने के लक्ष्य से चलाया गया वह आंदोलन नवउदारवाद के अगले चरण के नेता (नरेंद्र मोदी) को भी ले आया. विचारधारात्मक नकारवाद के उस शोर में सरकारी कम्युनिस्टों ने केजरीवाल नाम के एनजीओ सरगना में लेनिन देख लिया था और उसे मोदी का विकल्प बनाने में जुट गए थे. (मोदी के कांग्रेस-मुक्त भारत के आह्वान के पहले ही भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के कर्ताओं ने अपनी तरफ से कांग्रेस का मृत्यु-लेख लिख दिया था.) इस तरह विकल्प का संघर्ष भी अगले चरण में प्रवेश कर गया! भारतीय राजनीति में हमेशा के लिए यह तय हो गया कि मुख्यधारा राजनीति में अब लड़ाई नवउदारवाद और नवउदारवाद के बीच है. अर्थात नवउदारवाद के साथ कोई लड़ाई नहीं है. जो भी झगड़ा है वह जाति, धर्म, क्षेत्र, परिवार और व्यक्ति को लेकर है. या फिर देश के संसाधनों और श्रम की नवउदारवादी लूट में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा पाने को लेकर. वही पूरे देश में हो रहा है. यह सही है कि मोदी भ्रष्ट और अश्लील पूंजीवाद का खिलौना भर हैं, लेकिन इस रूप में वे भारत के शासक वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं.
(समाजवादी आंदोलन से जुड़े लेखक दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक और भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के पूर्व फेलो हैं.)