मेरा राजनीतिक सफर रालोद से शुरू और रालोद पर खत्म होगा : चौ. शूऐब

जयंत जी को प्रदेश का मुख्यमंत्री देखना मेरा सपना : चौधरी शूऐब

बिजनौर। राष्ट्रीय लोकदल देश की राजनीति में एक मजबूत स्तंभ है, स्व० अजीत सिंह की पार्टी ना केवल प्रदेश की राजनिती अपितु केन्द्र की राजनिती में भी हमेशा सक्रीय रही है। भारतीय राजनीति के लौह स्तंभ के रूप में पहचान रखने वाले किसान हितेषी ईमानदार राजनेता चौधरी चरण सिंह के पुत्र चौधरी अजीत सिंह ने जनता दल के बिखराव के बाद रालोद को खडा किया था।
परिवारिक विरासत की बात करें तो चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय स्तर के नेता रहे तथा देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी तक को गौरवान्वित कर चुके थे, चौधरी अजीत सिंह को राजनिती विरासत मे मिली तथा उनकी पार्टी एक प्रादेशिक पार्टी के तौर पर पहचान रखती थी, किंतु वहीं जयंत चौधरी के समय मे रालोद प्रादेशिक पार्टी से केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सो तक सिमट कर रह गयी तथा इक्का दुक्का सांसद और विधायक ही पार्टी के खाते मे रहे ।

आखिर इतने सशक्त राजनितिक परिवेश की पार्टी आखिर क्यो पतन की ओर अग्रसर है, ये जानने के लिए हमारे संवाददाता ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सक्रीय राजनिती के चर्चित युवा चेहरे चौधरी शोएब से बात की, चौधरी शोएब युवा राष्ट्रीय लोकदल के रुहेलखंड परिक्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री है तथा रालोद के हर कार्यक्रम तथा चुनाव मे जी तोड मेहनत के लिए जाने जाते हैं, जिन्हे जयंत चौधरी तथा बिजनौर लोकसभा सीट से सांसद चंदन चौहान भी काफी पसंद करते है। आपका राजनिती मे आगमन कैसे हुआ, राजनीती मे रालोद ही क्यो चुना, और कोई बडा दल क्यो नही, पूछने पर चौधरी शोएब ने बताया कि राजनिती मुझे भी अध्यक्ष जयंत चौधरी की ही तरह विरासत में मिली है, मेरे पिता मौहम्मद मोनिस ना केवल गांव की अपितु जिला बिजनौर की राजनिती मे भी अच्छी पकड रखते थे तथा चौधरी परिवार से बहुत प्रभावित थे, उनके ही पदचिन्ह पर चलते हुए हमने भी सक्रीय राजनिती के लिए रालोद को ही चुना, मैंने अपना राजनीतिक केरियर राष्ट्रीय लोकदल से ही शुरू किया है मुझे राष्ट्रीय लोकदल पार्टी के आए हुए 8 वर्ष पूरे हो चुके हैं और मे मरते दम तक राष्ट्रीय लोकदल पार्टी में ही रहूंगा माननीय जयंत चौधरी जी का सच्चा सिपाहा बन कर और सच पूछिए तो आप पूरे भारतीय राजनिती के इतिहास का अध्ययन करे तो भारतीय राजनिती मे चौधरी परिवार ( चौधरी चरण सिंह, चौधरी अजीत सिंह, जयंत चौधरी) से जादा ईमानदार राजनेता कही नही मिलेगे, अत इस परिवार के गौरवपूर्ण इतिहास से प्रभावित होकर राजनिती के लिए रालोद को चुना।

आप रालोद मे अपना भविष्य कैसा देखते है जब्कि रालोद धीरे धीरे पतन की ओर जाती दिखती है, केन्द्र मे तथा उत्तर प्रदेश मे भी नाममात्र ही इसकी उपस्थिती देखी जाती है, ऐसे मे आप रालोद के बैनर के साथ कितना आगे जा पाएंगे ।इसपर चौधरी शोएब ने कहा राजनिती संभावनाओ का खेल है, आज भारतीय राजनिती मे एकक्षत्र हावी भारतीय जनता पार्टी के भी कभी मात्र एक दो सांसद ही चुनकर आते थे वो भी दूसरी पार्टियो के समर्थन के बाद, आज भाजपा की तूती बोल रही है, हमारी पार्टी अवसरवाद की राजनिती नही करती हमारी एक विचारधारा है, जो ना कभी बदली है, और ना कभी बदलेगी हम अपनी विचारधारा के साथ चुनाव मे जाते है, हां ये बात और है कि कभी कभी छल और भ्रामक मुद्दो से कोई जनता को बरगला कर ठग लेता है, इसका मतलब ये कतयी नही कि सदैव भारतीय राजनिती इसी परिपाटी पर ही चलेगी, आज रालोद का जनाधार तेजी से बढ रहा है, नित विभिन्न क्षेत्रो से नये चेहरे और युवा वर्ग पार्टी से जुड रहा है, हम सब कार्यकर्ता भी जी जान से पार्टी को आगे बढाने हेतु संघर्ष कर रहे है, यकीन जानिए आज भले ही किसी का हो, मगर कल हमारा होगा।

पार्टी मे आप अपनी हैसियत कैसी देखते हैं, विशेषकर ये देखते हुए कि पार्टी के पास मात्र नाममात्र ही सांसद और विधायक है, ऐसे मे आपकी जमीन और पहचान क्या बनेगी। मेरे लिए मेरी ये पहचान ही काफी है कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय केन्द्रीय मंत्री जयंत चौधरी तथा हमारे जिला बिजनौर के सांसद चंदन चौहान हमे ना केवल चेहरे से जानते हैं बल्की हमारे काम से भी भलीभांति परिचित है, जिसका जीता जागता सबूत ये है कि अनेक बडे मंचों से हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जी तथा हमारे सांसद जी हमारा नाम मंच से अपने संबोधन मे लेते है, रही जमीन की बात तो जमीन कोई किसी को बनाकर नही देता, हर राजनीतिज्ञ को अपनी जमीन अपना क्षेत्र स्वंय बनाना पडता है, मै भी अपनी ओर से पूरी निष्ठा और लगन से मेहनत कर रहा हूं इसी मेहनत से जमीन भी तय्यार होगी बाकी राजनिती संभावनाओ का खेल है ही, एक दिन हमारी मेहनत जरूर रंग लाएगी जमीन भी दिखेगी और जमीन पर काम भी दिखाई देगा। क्या आप अपने गृह जनपद बिजनौर को ही अपनी राजनैतिक जमीन बनाएंगे यहां तो पहले से ही कयी बडे नाम राजनीति मे जमे हैं। मैने अपना कार्यक्षेत्र मात्र अपने जिले तक सीमित नही रखा है मै पूरे रुहेलखंड से लेकर राजधानी लखनऊ तक लगातार सक्रीय रहता हूं मेरे लिए तो पूरा भारत ही कार्यक्षेत्र है, अत भविष्य वहीं होगा जहां हाईकमान कहेगा, मेरी जमीन पूरा भारत है, अंत मुझे किसी क्षेत्र विशेष मे बांधकर देखना सही नहीं है।

  • Related Posts

    चुनाव से पहले संजय निषाद ने बीजेपी से मांगा मछुआरों को आरक्षण! 
    • TN15TN15
    • October 21, 2026

    उत्तर प्रदेश चुनाव के चलते हर पार्टी अपने…

    Continue reading
    यूपी में हर सीट का हिसाब लगा रही सपा, अखिलेश यादव ने बनाई खास रणनीति
    • TN15TN15
    • October 19, 2026

    उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की इस बात पर कांग्रेस की ओर से आया जवाब

    • By TN15
    • October 21, 2026
    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की इस बात पर कांग्रेस की ओर से आया जवाब

    भारत का दुश्मन कौन? सवाल पर BJP के नेता संबित पात्रा ने दिया जवाब

    • By TN15
    • October 21, 2026
    भारत का दुश्मन कौन? सवाल पर BJP के नेता संबित पात्रा ने दिया जवाब

    चुनाव से पहले संजय निषाद ने बीजेपी से मांगा मछुआरों को आरक्षण! 

    • By TN15
    • October 21, 2026
    चुनाव से पहले संजय निषाद ने बीजेपी से मांगा मछुआरों को आरक्षण! 

    दिल्ली में प्रदूषण के चलते GRAP-1 के प्रतिबंध हुए लागू, AQI का स्तर ‘खराब’

    • By TN15
    • October 21, 2026
    दिल्ली में प्रदूषण के चलते GRAP-1 के प्रतिबंध हुए लागू, AQI का स्तर ‘खराब’

    CJI सूर्यकांत ने 18 साल से कम उम्र के लड़कों के लिए कह दी बड़ी बात!

    • By TN15
    • October 21, 2026
    CJI सूर्यकांत ने 18 साल से कम उम्र के लड़कों के लिए कह दी बड़ी बात!

    परिसीमन पर कांग्रेस के बदले तेवर! सरकार से पूछा- नया प्रस्ताव है या फिर वही पुराना बिल?

    • By TN15
    • October 21, 2026
    परिसीमन पर कांग्रेस के बदले तेवर! सरकार से पूछा- नया प्रस्ताव है या फिर वही पुराना बिल?