खुद से अपना मुकाबला मानने वाले मिस्टर परफेक्शनिस्ट

 जन्मदिन पर विशेष 

चरण सिंह राजपूत 

आमिर खान उन अभिनेताओं में से हैं जिनके अभिनय का डंका देश और विदेश दोनों में रहा है। आमिर खान की फिल्मों को देश के साथ ही विदेश में बहुत पसंद किया जाता है। साल 2016 में आमिर की फ़िल्म ‘दंगल’ ने चाइना में गज़ब का बिज़नेस किया था। वहां लोग आमिर के इतने बड़े फैन बन गए थे कि आमिर की होर्डिंग्स के साथ सेल्फीज़ ले रहे थे। आमिर खान की फिल्‍मों को चीन में काफी पसंद किया जाता है फिल्‍मों में उनके बेहतरीन अभिनय की वजह से 2017 में चीन की सरकार ने उन्‍हें नेशनल ट्रीजर ऑफ इंडिया के सम्‍मान से सम्‍मानित किया था।  आमिर खान को बॉक्स ऑफिस का किंग कहा जा सकता है। इस समय उनका मुकाबला खुद से है। पहली सौ करोड़, दो सौ करोड़ और तीन सौ करोड़ की फिल्में उनके ही नाम हैं। अपना ध्यान आकर्षित करने की तमाम कोशिश से वे दूरी बनाकर रखते हैं। बहुत ज्यादा फिल्म करने में वे विश्वास नहीं करते हैं। आमिर खान ने अपने शानदार अभिनय के बल पर कई पुरस्‍कार जीते हैं। आमिर खान को  2003 में पद्मश्री और 2010 में पद्म भूषण पुरस्‍कार मिला। इसके अलावा उन्‍हें 2013 में मौलाना आजाद राष्‍ट्रीय उर्दू विश्‍वविद्यालय ने डॉक्‍टरेट की उपाधि भी नवाजा गया था।स्टार प्लस पर आने वाले आमिर खान के सत्य मेव जयते कार्यक्रम ने खूब लोकप्रियता बटोरी थी। आमिर खान के सत्य जानी मानी चलचित्र उत्पादक एकता कपूर् ने इस कार्यक्रम को ” दशक का सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रम” कहा था। अभिनेत्री और समजसेविका शबाना आज़मी ने कहा था कि ” आमिर खान का कार्यक्रम देश मे क्रांति ला सकता है। सलमान खान, प्रीती ज़िंटा, बोमन इरानी, मन्दिरा बेदी आदि जैसे विभिन्न अभिनेताओ ने इस कार्यक्रम की काफी सराहना की थी। अभिनेताओं के साथ साथ भारत देश के लोगो ने सत्यमेव जयते को बेहद पसंद किया था। दूरदर्शन दर्शकों ने इस कार्यक्रम को जोशीला, समझदार और साहसी कहा था। दरअसल उन्होंने सत्यमेव जयते टीवी शो के जरिए समाज में जागरूकता लाने की का एक बड़ा प्रयास किया था।
मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से जाने जाने वाले आमिर खान का जन्म 14 मार्च, 1965 को महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में हुआ था। उनके पिता ताहिर हुसैन और चाचा नासिर हुसैन जाने-माने फिल्म निर्माता थे। घर में फिल्मी माहौल के कारण आमिर भी फिल्मों की ओर खिंचे चले आए।
आमिर खान ने अपने फ़िल्मी करियर में कई हिट और कई सुपरहिट फ़िल्में दी।कई साल तक तो उन्होंने एक साल में एक ही फिल्म दी। अक्सर देखा जाता है कि अपनी एक फिल्म में ही वह एक्टिंग की सारी कसर निकाल लेते हैं। दरअसल आमिर खान ने अपने सिनेमा करियर की शुरूआत वर्ष 1973 में बतौर बाल कलाकार अपने चाचा नासिर हुसैन के बैनर तले बनी फिल्म ‘यादों की बारात’ से की थी। उसके बाद में उन्होंने वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म ‘मदहोश’ में भी बतौर बाल कलाकार काम किया। इसके बाद उन्होंने लगभग 11 वर्षों तक फिल्म इंडस्ट्री से किनारा कर लिया था।
आमिर खान को असली पहचान 1988 में फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ से  मिली, लेकिन उसके बाद उनके खाते में ‘राख’, ‘लव लव लव’, ‘अव्वल नंबर’ और ‘तुम मेरे हो’ जैसी सुपर फ्लॉप फिल्में भी आईं।  1990 में इंद्र कुमार की फिल्म ‘दिल’ सुपरडुपर हिट रही और आमिर खान युवाओं में छा गए। हालाँकि, उसके बाद भी उनकी तीन फिल्में फ्लॉप रहीं लेकिन 1991 में पूजा भट्ट के साथ ‘दिल है कि मानता नहीं’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया।
इसके बाद राजा हिंदुस्तानी, जो जीता वही सिकंदर, अंदाज अपना अपना, रंगीला, राजा हिंदुस्तानी, गुलाम, सरफरोश, लगान, तलाश, तारें जमीन पर जैसी कई हिट फिल्में आमिर ने दी। गजनी, रंग दे बसंती, थ्री इडियट्स, पीके, दंगल ने बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉडस तोड़ दिए। आमिर समय के साथ बतौर एक्टर मैच्योर और सिलेक्टिव होते चले गए।

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