राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित चौमूं कस्बे में 26 दिसंबर 2025 की सुबह तड़के (लगभग 3 बजे) बस स्टैंड के पास एक मस्जिद के बाहर विवाद हिंसक रूप ले लिया। यह मामला ट्रैफिक सुधार से जुड़ा था।
क्या हुआ?
- बस स्टैंड क्षेत्र में मस्जिद के पास सड़क किनारे करीब 40-45 साल से पत्थर पड़े थे, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या रहती थी।
- एक दिन पहले (25 दिसंबर) पुलिस और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों की बैठक में आपसी सहमति से इन पत्थरों को हटाने का फैसला हुआ।
- पत्थर हटाने के बाद कुछ लोगों ने मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगानी शुरू की, जिसे प्रशासन ने सड़क पर अतिक्रमण मानकर रोकने की कोशिश की।
- इससे विवाद बढ़ा और भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।
परिणाम:
- पत्थरबाजी में 4 से 6 पुलिसकर्मी घायल हुए (विभिन्न रिपोर्ट्स में संख्या अलग-अलग)।
- पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े।
- कई लोगों को हिरासत में लिया गया, सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान की जा रही है।
- अफवाहें रोकने के लिए चौमूं क्षेत्र में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं बंद कर दी गईं (26 दिसंबर सुबह 7 बजे से 27 दिसंबर सुबह 7 बजे तक)।
- इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है, फ्लैग मार्च किया जा रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
यह घटना एंटी-एंक्रोचमेंट ड्राइव (अतिक्रमण हटाओ अभियान) से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया, सिर्फ सड़क पर पड़े पत्थर और रेलिंग हटाई जा रही थी। विभिन्न न्यूज सोर्स (NDTV, India TV, The Hindu, Aaj Tak आदि) में रिपोर्ट्स एकसमान हैं कि विवाद ट्रैफिक सुधार से शुरू हुआ और हिंसा में बदल गया।
शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।








