सूखे जैसे हालात से जूझ रहे किसान
पटना । बिहार में इस वर्ष मानसून की बेरुखी से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य के कई जिलों में जुलाई माह में सामान्य से 46 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है। ऐसे में मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई को प्रदेश के 11 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट:
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, गया, नवादा, जमुई, बांका, मुंगेर और भागलपुर जिलों में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
हालांकि, यह बारिश प्रदेश के लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दे सकती है, लेकिन इससे व्यापक कृषि संकट का समाधान संभव नहीं दिखता।
मानसून की कमजोर चाल से बढ़ी किसानों की चिंता:
राज्य के अधिकतर जिलों में इस बार बारिश की मात्रा चिंताजनक रूप से कम रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 20 से अधिक जिलों में सूखे जैसे हालात हैं, जहां 50 से 89 फीसदी तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। इससे धान की रोपनी समेत खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है।
फिलहाल केवल कटिहार, अररिया, मधेपुरा और पूर्णिया जिलों में सामान्य या उससे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, राज्य के बाकी हिस्सों में बारिश की कमी ने किसानों की नींद उड़ा दी है।
बदलते मौसम की चेतावनी:
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि बारिश की गति आने वाले दिनों में भी कमजोर ही बनी रह सकती है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को जलसंकट और कृषि संकट से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।








