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मिडिल ईस्ट युद्ध: पाकिस्तान का जिक्र कर संजय राउत बोले, ‘ट्रंप से बात करने से अच्छा है PM मोदी…’

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने मिडिल ईस्ट (ईरान-इज़राइल-यूएस) संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रोक सकते हैं, तो पीएम मोदी (जिन्हें ‘विश्वगुरु’ कहा जाता है) को ईरान-इज़राइल युद्ध रोकने की पहल करनी चाहिए।

 

संजय राउत का मुख्य बयान (मुंबई प्रेस कॉन्फ्रेंस में):

 

“अगर प्रेसिडेंट ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवा सकते हैं, तो मोदी जी इतने बड़े नेता और विश्वगुरु हैं, उन्हें ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने की पहल करनी चाहिए।”
उन्होंने पीएम मोदी को ‘विश्व नेता’ बताते हुए कहा कि “ऐसा नेता इतिहास में न पहले पैदा हुआ और न आगे होगा”, फिर भी उन्हें इस युद्ध पर सक्रिय होना चाहिए।

 

राउत ने यह भी कहा कि:

 

ईरान भारत का पारंपरिक मित्र रहा है (कश्मीर मुद्दे और भारत-पाक युद्धों में समर्थन दिया)।
आयतुल्लाह अली खमेनेई की हत्या (यूएस-इज़राइल हमलों में) पर भारत को आधिकारिक शोक व्यक्त करना चाहिए था।
पीएम मोदी अभी तक इस युद्ध पर स्पष्ट राय नहीं देते, लोकसभा में 25 दिन बाद बोले — इससे भारत की भूमिका अस्पष्ट लग रही है।
सवाल उठाया कि सरकार इज़राइल या ट्रंप से डर रही है या नहीं।

यह बयान हाल के ईरान-इज़राइल तनाव (जिसमें यूएस भी शामिल) के बीच आया है, जब ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान टेंशन पर अपनी मध्यस्थता का दावा कई बार दोहराया है। राउत का इरादा मोदी सरकार पर “चुप्पी” और “ट्रंप पर निर्भरता” का आरोप लगाना लगता है।
संदर्भ:

राउत ने पाकिस्तान का जिक्र ट्रंप के पुराने दावों (भारत-पाक युद्ध रोकने) को घेरने के लिए किया।
उन्होंने मांग की कि भारत को मिडिल ईस्ट में स्पष्ट स्टैंड लेना चाहिए और ऑल पार्टी मीटिंग बुलानी चाहिए।

यह विपक्षी नेता का सामान्य आलोचनात्मक बयान है, जिसमें विदेश नीति को राजनीतिक मुद्दा बनाया गया। भारत की आधिकारिक नीति हमेशा संयम और कूटनीति पर जोर देती रही है — दोनों पक्षों से बातचीत और क्षेत्रीय स्थिरता की अपील।
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