भाजपा नेता रहे मेघालय गवर्नर सत्यपाल मलिक बोले – मुझे कहा गया चुप रहोगे तो राष्ट्रपति बन जाओगे

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक कार्यक्रम में कहा कि पीएम मोदी किसान आंदोलन स्थल से सिर्फ 10 किलोमीटर की दूरी पर रहते हैं, लेकिन उन्होंने समस्या का हल नहीं ढूंढना चाहा

द न्यूज 15 
नई दिल्ली। मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को हरियाणा के जींद जिले के कंडेला गांव में खाप द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, “मुझे चुप रहने के लिए राष्ट्रपति बनने का ऑफर दिया गया है। पद कुछ भी नहीं होते हैं। मैंने चौधरी चरण सिंह के साथ काम किया है और वो मुझे बेटा कह कर बुलाते थे।” सत्यपाल मलिक ने आगे कहा कि, “मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि अब आप सड़कों पर बैठना और धरना देना छोड़ दीजिए। अपनी सरकार बनाइए, सरकार को बदल दीजिए, किसी से भीख मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”

सत्यपाल मलिक ने कहा कि , “जब एक कुत्ता मारता है तो दिल्ली से एक पत्र (शोक संदेश) जारी हो जाता है। हमारे 700 किसान मर गए , लेकिन उनके लिए एक भी पत्र (शोक संदेश) नहीं भेजा गया। प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) आंदोलन स्थल से सिर्फ 10 किलोमीटर की दूरी पर रहते हैं लेकिन उन्होंने समस्या का हल नहीं ढूंढना चाहा। जब मैं पूरी घटना से गुस्सा हो गया तब मैंने राज्यपाल पद छोड़ने का फैसला किया और आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए सोचा। मैं केंद्र सरकार के एक मंत्री के पास ये बताने के लिए गया कि मैं इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि गलती मत करो, किसानों के लिए बोलो, उनके लिए लड़ो, धरने पर बैठे लेकिन इस्तीफा तभी देना जब इसके लिए कहा जाए।” सत्यपाल मलिक ने आगे कहा कि, “मैं प्रधानमंत्री साहब के पास मिलने के लिए गया। मैं यह नहीं बताऊंगा कि प्रधानमंत्री मोदी ने क्या उत्तर दिया ,लेकिन यह बहुत दर्दनाक था और मैंने फैसला किया कि मैं अंत तक बोलूंगा। मेरे दोस्तों ने मुझे सुझाव दिया कि अगर आप चुप रहेंगे तो आप राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति बन सकते हैं। लेकिन मैंने कहा कि मैं ऐसे पदों को लात मारता हूं।” सत्यपाल मलिक ने कहा कि, “सबसे बड़ी बात है कि 2 वर्षों बाद लोकसभा के चुनाव हैं। अगर आप एकजुट होकर वोट करेंगे, तो यह सभी नेता दिल्ली से भाग खड़े होंगे और वहां पर किसानों की सरकार होगी। यूपी चुनाव के नतीजे अभी तक नहीं आए हैं लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि पश्चिमी यूपी में कोई भी मंत्री किसी भी गांव में नहीं घुस पाया।”

पिछले वर्ष गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर आंदोलनकारी किसानों द्वारा झंडा फहराने के संबंध में सत्यपाल मलिक ने कहा कि, “मैंने कहा था कि हमारे लड़कों को देशद्रोही ना कहें, उनके खिलाफ मुकदमा ना दर्ज करें ,उन्होंने सिर्फ झंडे को वहां पर लगाया है। वह किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं था बल्कि निशान साहिब का था। निशान साहिब के लिए हजारों सिखों ने अपने जान की कुर्बानी दी है।”

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