चरण सिंह
भले ही विधानसभा में बसपा का एक ही विधायक हो, भले ही बसपा के सांसद उनको छोड़कर चले गये हों, भले ही केंद्र सरकार ने मायावती को चुप करा रखा हो, भले ही मायावती को भाजपा के दबाव में आकर अपने भतीजे आकाश आनंद को घर बैठाना पड़ा हो पर मायावती हैं कि उन्होंने अपने को साबित कर दिया है। सीतापुर में अपने प्रत्याशी महेंद्र यादव के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए आकाश आनंद ने भारतीय जनता पार्टी को जमकर ललकार दिया था। उन्होंने तो भाजपा को आतंकवादियों की पार्टी तक कह दिया था। बीजेपी भी मानने वाली कहां थी न केवल आकाश आनंद के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया बल्कि मायावती पर दबाव बनाकर न केवल आकाश आनंद को उनके राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया गया बल्कि उनको चुनाव प्रचार करने से रोक दिया गया। जानकारी मिल रही है कि मायावती को इस मामले में कुछ ज्यादा ही सुननी पड़ गई। ऐसे में मायावती कहां चूकने वाली थी। जानकारी मिल रही है कि अब मायावती ने भाजपा को सबक सिखाने के लिए अपने कोऑर्डिनेटर से कह दिया है कि वे फाइट वाली सीटों पर ही बसपा के पक्ष में जान झौंके नहीं तो दूसरी सीटों पर इंडिया गठबंधन प्रत्याशी को जितवाएं।
यदि इस बात में दम है तो मायावती के इंडिया गठबंधन को सपोर्ट करने वाले निर्देश भाजपा को भारी पड़ सकते हैं। छठे चरण में 14 सीटें उत्तर प्रदेश, 10 सीटें हरियाणा और 7 सीटें दिल्ली की हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में बीएसपी का २० फीसद से ऊपर वोटबैंक माना जाता है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि यदि मायावती का यह निर्देश काम कर गया तो बीजेपी को कितना नुकसान पहुंचेगा ? क्योंकि उत्तर प्रदेश 14 सीटों पर जबरदस्त टक्कर मानी जा रही है। ऐसे ही हरियाणा और दिल्ली में भी ऐसी भिड़ंत बीजेपी और इंडिया गठबंधन में है। ऐसे में बसपा का २०-३० फीसदी वोट बैंक इंडिया गठबंधन को मिल गया तो बीजेपी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। छठे चरण में होने जा रहे 58 सीटों मतदान में से 31 सीटें ऐसी हैं, जिन पर बसपा का सीधा हस्तक्षेप है। मतलब इन 31 सीटों में से 17-18 सीटें इंडिया गठबंधन ले जा सकता है। बाकी की १७ सीटों में से भी 8-9 सीटें इंडिया गठबंधन को मिल सकती है।
दरअसल कांग्रेस मायावती को इंडिया गठबंधन में शामिल करना चाहती थी। लंबे समय तक ऐसी चर्चा भी चली पर मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर ऐलान कर दिया था कि वह अकेले दम पर चुनाव लड़ंेगी। मायावती उत्तर प्रदेश में 80 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को न केवल अपने उत्तराधिकारी घोषित किया बल्कि उनको स्टार प्रचारक भी बनाया। आकाश आनंद भी इन चुनाव में जबरदस्त भाषण दे रहे थे। बीजेपी को उन्होंने जबरदस्त रूप से घेरा। आकाश आनंद का बीजेपी को घेरना ही उनके लिए मुसीबत बन गया। आकाश आनंद को मायावती ने ऐसे ही घर नहीं बैठाया। उन पर भाजपा का बड़ा दबाव था। हालांकि इस प्रकरण से आकाश आनंद का कद बढ़ा ही है।







