उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की कुलपहाड़ तहसील में शनिवार 6 दिसंबर को आयोजित समाधान दिवस के दौरान एक बड़ा हड़कंप मच गया। यह कार्यक्रम शासन के निर्देश पर जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए होता है, लेकिन स्थल पर पहुंचे चित्रकूट धाम मंडल के कमिश्नर अजीत कुमार और डीआईजी ने अधिकारियों की लापरवाही देखकर भड़क गए।
क्या हुआ था?
समाधान दिवस के दौरान जनता की भारी भीड़ लगी हुई थी। लोग लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी शिकायतें दर्ज कराने का इंतजार कर रहे थे।
कमिश्नर और डीआईजी की अचानक एंट्री हुई, लेकिन तहसील के एसडीएम डॉ. प्रदीप कुमार मौके से नदारद थे। अन्य अधीनस्थ अधिकारी भी गायब थे।
जब एसडीएम डॉ. प्रदीप कुमार पहुंचे और सफाई देने लगे, तो कमिश्नर ने उन्हें सख्त लहजे में फटकार लगाई। उन्होंने कहा: “तुम्हें यह नहीं लग रहा कि कमिश्नर और डीआईजी आ गए और तुम वहां घूम रहे हो और लोग यहां खड़े हुए हैं, तुम कौन सा SIR कर रहे हो।”
कमिश्नर ने सरकारी दायित्वों का सही निर्वहन न करने पर कड़ी चेतावनी दी और नदारद अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा।
वीडियो वायरल
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कमिश्नर की फटकार साफ सुनाई दे रही है। यह वीडियो अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा है और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठा रहा है। आप इसे यहां देख सकते हैं: YouTube लिंक।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस घटना से महोबा प्रशासन में खलबली मच गई है। कमिश्नर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समाधान दिवस के दौरान दर्ज शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
यह घटना यूपी में प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक उदाहरण है। यदि आपको और डिटेल्स या संबंधित न्यूज चाहिए, तो बताएं!








