मौलाना महमूद मदनी, जो जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष हैं, ने हाल ही में ‘जिहाद’ शब्द पर दिए गए अपने बयान पर कायम रहने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, “हमें मुसलमान ही रहने दो, जो कहा वो…” और स्पष्ट किया कि उनके बयान में कोई ऐसा शब्द नहीं है जिसे वापस लिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने बिल्कुल सही बात कही है और आगे भी यही कहते रहेंगे। मूल बयान का संदर्भ मौलाना मदनी का यह बयान केंद्र सरकार की आलोचना से जुड़ा है। उन्होंने कहा था कि जो लोग फसाद (दंगे) और बम धमाके करते हैं, उनके खिलाफ पिछले 30 सालों से हम ‘धर्म युद्ध’ (जिहाद) लड़ रहे हैं। हम फसाद के खिलाफ लगातार आवाज उठाते आ रहे हैं, लेकिन कोई यह नहीं देख रहा कि वे फसादी हैं और हम जिहादी। उनका मतलब था कि असल जिहाद अन्याय और जुल्म के खिलाफ बोलना है, न कि हिंसा को बढ़ावा देना। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि हर नकारात्मक चीज को ‘जिहाद’ का नाम देकर इस्लाम के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। हालिया प्रतिक्रिया आज (2 दिसंबर 2025) को दिए बयान में मौलाना मदनी ने कहा, “मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा।” उन्होंने वंदे मातरम विवाद का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने कहा कि किसी पर जबरदस्ती नहीं की जा सकती। “हम ईश्वरवादी हैं, लेकिन हर चीज के आगे सिर झुकाना हमारा अकीदा नहीं। हमें मुसलमान ही रहने दीजिए।” सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी उन्होंने अपनी कम्युनिटी की चिंता जताई, कहा कि अगर वे अपनी कौम की बात न करें तो कौन करेगा?

मौलाना महमूद मदनी, जो जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष हैं, ने हाल ही में ‘जिहाद’ शब्द पर दिए गए अपने बयान पर कायम रहने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, “हमें मुसलमान ही रहने दो, जो कहा वो…” और स्पष्ट किया कि उनके बयान में कोई ऐसा शब्द नहीं है जिसे वापस लिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने बिल्कुल सही बात कही है और आगे भी यही कहते रहेंगे।

मूल बयान का संदर्भ

मौलाना मदनी का यह बयान केंद्र सरकार की आलोचना से जुड़ा है। उन्होंने कहा था कि जो लोग फसाद (दंगे) और बम धमाके करते हैं, उनके खिलाफ पिछले 30 सालों से हम ‘धर्म युद्ध’ (जिहाद) लड़ रहे हैं। हम फसाद के खिलाफ लगातार आवाज उठाते आ रहे हैं, लेकिन कोई यह नहीं देख रहा कि वे फसादी हैं और हम जिहादी। उनका मतलब था कि असल जिहाद अन्याय और जुल्म के खिलाफ बोलना है, न कि हिंसा को बढ़ावा देना। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि हर नकारात्मक चीज को ‘जिहाद’ का नाम देकर इस्लाम के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

हालिया प्रतिक्रिया

आज (2 दिसंबर 2025) को दिए बयान में मौलाना मदनी ने कहा, “मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा।” उन्होंने वंदे मातरम विवाद का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने कहा कि किसी पर जबरदस्ती नहीं की जा सकती। “हम ईश्वरवादी हैं, लेकिन हर चीज के आगे सिर झुकाना हमारा अकीदा नहीं। हमें मुसलमान ही रहने दीजिए।” सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी उन्होंने अपनी कम्युनिटी की चिंता जताई, कहा कि अगर वे अपनी कौम की बात न करें तो कौन करेगा?

  • Related Posts

    हिंदू बहुल रुद्रप्रयाग सीट पर BJP को टक्कर दे पाएगी कांग्रेस? क्या है माहौल

    उत्तराखंड की सियासत में रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट अपने…

    Continue reading
    ‘राष्ट्र सेवक पुत्र को बधाई’, Ramayan के ‘लक्ष्मण’ ने PM मोदी के लिए जलाया दीया, कहा- 76 साल पहले सपूत का जन्म

    रामानंद सागर के मशहूर टीवी शो ‘रामायण’ में…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    लो हो गया खेल, संधू और जोशी को बैठा दिया गया ज्ञानेश कुमार के साथ!

    लो हो गया खेल, संधू और जोशी को बैठा दिया गया ज्ञानेश कुमार के साथ!

    वाराणसी के शिवाजी महोत्सव में भाषण से दिल जीत लिया था सुन्दरलाल ने

    वाराणसी के शिवाजी महोत्सव में भाषण से दिल जीत लिया था सुन्दरलाल ने

    जब रासमणि को भी निर्धनों के सेवा में आनंद मिलने लगा था

    जब रासमणि को भी निर्धनों के सेवा में आनंद मिलने लगा था

    वोटों का हिसाब ..

    वोटों का हिसाब ..

    छठ पर बिहार जाने वालों को मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार चलाएगी बसें

    छठ पर बिहार जाने वालों को मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार चलाएगी बसें

    कबड्डी में भारत को मिला दूसरा गोल्ड, कांटे के मैच में पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराया 

    कबड्डी में भारत को मिला दूसरा गोल्ड, कांटे के मैच में पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराया