जेके नगर कारखाने को बंद करने के पीछे वामपंथी नेता हाराधन राय का हाथ था : सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया

आसनसोल : (संवाददाता अनूप जोशी) आसनसोल लोकसभा केंद्र से भाजपा के प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया ने आसनसोल के शीतला इलाके में स्थित भाजपा जिला पार्टी कार्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान यह कहा था कि जेके नगर कारखाने को बंद करने के पीछे वामपंथी नेता हाराधन राय का हाथ था उन्होंने कहा कि वामपंथियों ने आसनसोल और आसपास के इलाकों में जो भी कारखाने थे उन सब को बंद कर दिया और इस क्षेत्र को श्मशान में तब्दील कर दिया जेके नगर को लेकर उनकी टिप्पणी के उपरांत हमने जेके नगर कारखाने में काम कर चुके कुछ कर्मियों से बात की रामचंद्र महतो नमक जेके नगर कारखाने के एक अपूर्व कर्मचारियों ने सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया के उसे बयान को पूरी तरह से खारिज कर दिया उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से झूठ बोल रहे हैं इस सरकार खाने को बंद करने के पीछे वामपंथी नेता हराधन राय का हाथ नहीं बल्कि केंद्र की भाजपा सरकार जो कि अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में चल रही थी उसका हाथ था उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने जेके नगर कारखाने को निजी हाथों में दे दिया इसका नतीजा यह हुआ कि जेके नगर और कोरबा दोनों कारखाने को वेदांता ग्रुप को दे दिया गया कोरबा का कारखाना फिर भी धीरे-धीरे चल रहा है लेकिन जेके नगर का कारखाना पूरी तरह से बंद हो गया उन्होंने कहा कि इसके लिए भाजपा पूरी तरह से जिम्मेदार है और सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया जो बात कह रहे हैं वह पूरी तरह से झूठ है

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का यही नियम है वह सिर्फ झूठ की राजनीति करती है और लोगों को धर्म के नाम पर करती है उन्होंने कहा कि सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया के परिवार के बारे में जेके नगर के पुराने लोग अच्छी तरह से जानते हैं वह कहते हैं कि वह बंजारे हैं यहां से वह बाहर चले गए थे दरअसल उनका यहां से बाहर जाना पड़ा था और रही बात जेके नगर कारखाने की तो जब जेके नगर कारखाना बंद हो गया तो उनके बड़े भाई यहां के पेस्ट प्लांट को खरीद कर बरौनी ले गए और वहां पर उसे स्थापित किया इसलिए यह कहा जा सकता है कि इस कारखाने को बंद करने के पीछे उनके परिवार का भी हाथ है। उन्होंने सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया के परिवार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि उनके परिवार की छवि क्या थी जेके नगर के पुराने लोग अच्छी तरह से जानते हैं और सुरेंद्र सिंह अहलूवालिया यहां पर लाल संत्रास की बात करते हैं उन जैसे लोग ही यहां पर आतंक का फैला कर रखते थे और वामपंथी उसके खिलाफ लड़ाई करते थे यही वजह है कि उनको वामपंथियों से इतनी कोफ्त है,उन्होंने कहा कि वामपंथी नेता हराधन राय बल्कि इस कारखाने को चालू रखने की कोशिश कर रहे थे। वही इस कारखाने के एक और पूर्व कर्मचारी शिवकुमार तिवारी ने कहा कि इस कारखाने को बंद करने के पीछे हराधन राय की कोई भूमिका नहीं है इस कारखाने को अटल बिहारी वाजपेई सरकार की वजह से बंद कर दिया गया उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई की सरकार ने इस कारखाने के 51 में प्रतिशत शेयर वेदांता ग्रुप को भेज दिए जिस वजह से प्रबंधन निजी हाथों में चला गया और धीरे-धीरे यह कारखाना बंद हो गया उन्होंने कहा कि यहां के कई कर्मचारी कोरबा गए थे लेकिन वहां पर कर्मचारियों के साथ बदसलुकी की गई इसलिए कोरबा से बहुत सारे लोग वापस आ गए इसके बाद स्टार लाइट कंपनी द्वारा कहा गया कि यहां पर पावर हाउस बनाया जाएगा वह भी नहीं किया गया उन्होंने कहा कि उनको आशा नहीं है कि जेके नगर फिर से खुल पाएगा।

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