Attack On Tiger Shroff: रविवार शाम को मुंबई के जुहू इलाके में एक फुटबॉल ग्राउंड से निकलते वक्त बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की बीएमडब्ल्यू गाड़ी पर गोलियां चलाई गईं। इसके कुछ ही वक्त बाद एक ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जाने वाले अनिल पंडित ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने यह दावा किया है कि टाइगर श्रॉफ को इस वजह से निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने बार-बार चेतावनियों को नजरअंदाज किया है और अभिनेता सलमान खान के साथ काम करना जारी रखा है। इसी बीच आइए जानते हैं कि लॉरेंस बिश्नोई की गैंग में कितने लोग हैं और उनका नेटवर्क कहां-कहां फैला हुआ है।
700 से 800 सदस्यों वाला नेटवर्क
राष्ट्रीय जांच एजेंसी सहित सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इस गैंग में 700 से 800 शार्प शूटर और सक्रिय सदस्य हैं। इसे एक केंद्रीकृत अंडरवर्ल्ड संगठन के बजाय अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ नेटवर्क माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई जेल में रहते हुए ही पूरे नेटवर्क को कंट्रोल करता है।
लॉरेंस के गैंग में कितने लोग हैं, कहां-कहां फैलाई दहशत?
सबसे ऊपर लॉरेंस बिश्नोई है. वह गुजरात की साबरमती जेल से ही रणनीतिक फैसले लेता है। उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ और उसका भाई अनमोल बिश्नोई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कामों की देखरेख करते हैं। दूसरी परत लॉजिस्टिक्स, हथियारों और पैसों का प्रबंधन करती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस काम से जुड़े लोग पाकिस्तान या फिर स्थानीय सप्लायर के जरिए विदेशी हथियार मंगवाते हैं और पैसों का इंतजाम करते हैं. गैंग के लिए काम करने वाले लोग इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए बेरोजगार या फिर नाराज युवाओं से संपर्क करते हैं. उन्हें पैसे का लालच दिया जाता है और विदेश भेजने का वादा भी किया जाता है. हमले को अंजाम देने वाले शूटरों को हमले से ठीक पहले टारगेट की पहचान और हथियार दिए जाते हैं। इसी के साथ हो सकता है कि उन्हें यह भी ना पता हो कि उन्हें यह निर्देश किसने दिया है।
गैंग पैसे कैसे कमाता है?
इस गैंग का सालाना टर्नओवर करोड़ों में बताया जाता है। इनकी कमाई का मुख्य जरिया जबरन वसूली है. यह लोग पंजाब में रियल एस्टेट डेवलपर्स, दिल्ली और मुंबई में सट्टेबाज, फिल्म स्टार्स और मशहूर गायकों को अपना निशाना बनाते हैं।
इसके अलावा यह नेटवर्क ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में भी शामिल बताया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के साथ मिलकर यह लोग गुजरात के तट और पंजाब-राजस्थान बॉर्डर के रास्ते हेरोइन और अवैध हथियारों की तस्करी करते हैं। वसूली की गई रकम को कथित तौर पर हवाला नेटवर्क के जरिए कनाडा, दुबई, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया भेज दिया जाता है. इसके बाद इसे रियल एस्टेट, नाइट क्लब और म्यूजिक प्रोडक्शन कंपनियों में निवेश किया जाता है।
पूरे भारत में मजबूत पकड़
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को इस गिरोह का मुख्य इलाका माना जाता है, यहां 300 से ज्यादा शूटर मौजूद बताए जाते हैं। इन कामों में स्थानीय व्यापारी, गायक और डेवलपर्स से जबरन वसूली करना और जमीन के विवादों में दखल देना शामिल है।
दिल्ली एनसीआर में इस गिरोह के काला जठेड़ी और हाशिम बाबा से जुड़े स्थानीय समूह के साथ संगठन बताए जाते हैं। यह लोग कथित तौर पर बुकी और व्यापारियों को निशाना बनाते हैं। इसी के साथ विदेशी नंबरों से कॉल करके करोड़ों रुपयों की मांग की जाती है।
मुंबई को एक नया और अहम निशान माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग, बाबा सिद्दीकी की हत्या और टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलीबारी की घटनाओं ने लोगों के बीच डर पैदा कर दिया है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में यह नेटवर्क कथित तौर पर स्थानीय अपराधियों को हथियार और पैसे मुहैया कराता है. ये फिर व्यापारियों को डरा धमकाकर उनसे पैसे वसूलते हैं।
अंतरराष्ट्रीय संबंध और कथित गतिविधियां
कनाडा को गोल्डी बराड़ का मुख्य ठिकाना माना जाता है, जिसका नाम सिद्धू मूसेवाला की हत्या जैसी घटनाओं से जुड़ा है। बताया जाता है कि यह गिरोह कनाडा में मौजूद भारतीय मूल के स्ट्रीट गैंग्स के साथ मिलकर ड्रग तस्करी करता है और विदेशों में रह रहे भारतीयों से जबरन वसूली करता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कनाडा सरकार ने इस गिरोह को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है।
अमेरिका में अनमोल बिश्नोई कथित तौर पर गिरोह की गतिविधियों को संभालता है। ऐसा बताया गया है कि एफबीआई समेत अमेरिकी एजेंसियों ने ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत ड्रग तस्करी और हत्या की साझेदारी के मामले में केस दर्ज किए हैं। रोहित गोदारा और सचिन थापन जैसे हैंडलर जर्मनी और पुर्तगाल में छिपे बताए जाते हैं. यहां से वे हथियारों की सप्लाई और टारगेट तय करने का काम देखते हैं. दुबई और थाईलैंड का इस्तेमाल कथित तौर पर फंड मैनेजमेंट और हवाला ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता है।






