प्रशांत किशोर ने इस घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे “नीतीश कुमार की कायरता” करार दिया और कहा कि उनकी सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों पर अत्याचार कर रही है। किशोर ने यह भी दावा किया कि अगर नीतीश कुमार की जगह कोई और मुख्यमंत्री बनेगा, तो लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों को जवाब देना होगा।
इसके जवाब में, JDU नेता गोपाल मंडल ने प्रशांत किशोर के प्रदर्शन को “प्रचार” करार देते हुए कहा कि इससे कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा और पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
प्रशांत किशोर ने पहले भी नीतीश कुमार पर बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और शराबबंदी की विफलता जैसे मुद्दों पर निशाना साधा है। उनकी जनसुराज पार्टी 2025 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार और लालू यादव के खिलाफ मजबूत चुनौती पेश करने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, किशोर का यह बयान कि “नीतीश कुमार को घर से निकलने नहीं देंगे” एक राजनीतिक रूपक हो सकता है, जो उनकी सरकार को उखाड़ फेंकने की उनकी मंशा को दर्शाता है, जैसा कि उन्होंने पहले अपनी रैलियों में कहा था। इस घटना ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है, और आने वाले समय में यह आंदोलन और तेज हो सकता है।






