राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले अपनी संगठनात्मक रणनीति को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने नई टीम का गठन किया और छह प्रमुख प्रकोष्ठों के अध्यक्षों में बदलाव किया। यह कदम पार्टी की चुनावी तैयारियों और सामाजिक आधार को व्यापक करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रमुख बदलाव:
नए प्रकोष्ठ अध्यक्षों की नियुक्ति: RJD ने छह प्रकोष्ठों—युवा, महिला, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, और अनुसूचित जाति/जनजाति—के अध्यक्षों में बदलाव किया है। यह बदलाव पार्टी के विभिन्न सामाजिक समूहों तक पहुंच बढ़ाने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा लाने के लिए किया गया है।
चुनावी रणनीति का हिस्सा: लालू यादव और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD अपनी पारंपरिक मुस्लिम-यादव (MY) वोट बैंक के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अति पिछड़ा वर्ग (EBC), और दलित मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। प्रकोष्ठों के नए नेतृत्व का चयन इस रणनीति को ध्यान में रखकर किया गया है।
संगठनात्मक विस्तार: RJD ने हाल ही में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में संशोधन किया, जिसमें तेजस्वी यादव को पार्टी के सभी प्रमुख अधिकार सौंपे गए हैं, जो पहले लालू यादव के पास थे। यह कदम तेजस्वी को और मजबूत नेतृत्व के रूप में स्थापित करने की दिशा में है।






