जिनकी ड्यूटी थी उनमें से किसी ने भी ठगी पीड़ितों के हित संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनों का मुद्दा कभी सुप्रीम कोर्ट सेबी के समक्ष उठाया ही नहीं न सेबी सी आर सी एन सी एल टी लिक्विडेटर अपॉइंट करने और रिटायर जजों की कमेटी बनाने का विरोध किया….
पोंजी स्कीम्स या चिट फंड में फंसा आम जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा वापस करना राज्य का कर्तव्य था..
हर राज्य में जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम यानी PID एक्ट थे लेकिन किसी भी राज्य ने एजेंट्स या ठगी पीड़ितों के संगठनों ने कभी यह कानून सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाये ही नहीं..
ठगी पीड़ितों के तथाकथित संगठन तो कभी सुप्रीम कोर्ट में मूल याची ही नहीं बने न इन कानूनों के क्रियान्वयन की या इन कानूनों के अंतर्गत भुगतान की मांग की..
जब ठगी प्रकरण सेबी के या ठग कम्पनीज के मैंनेजमेंट के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे तो उनमें बहुत बाद में जाकर ठगी पीड़ितों के संगठन हस्तक्षेप याचिका लेकर पहुंचे..
कुछ धूर्त अज्ञानी संगठन तो कम्पनीज या सोसाइटीज को पुनः चालू करने की मांग करने लगे मानो वह मैंनेजमेंट हों. आज भी कई धूर्त ऐसे हैं जो ब्रांच से भुगतान की मांग करते हैं जो असंभव सा है..
अब जब संसद ने सबके भुगतान की गारंटी का कानून अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी अधिनियम 2019 बड्स एक्ट बना दिया तो इस कानून पर भी ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार तपजप को छोड़ दें तो कोई संगठन भुगतान गारंटी कानून के क्रियान्वयन की मांग नहीं कर रहा उलटे इस कानून का विरोध करते हैं और ठगी पीड़ितों के मध्य भृम पैदा करके बेईमान सिस्टम और ठगों को ही ताकत देने का काम कर रहे हैं..
जो भुगतान का कानून है जिसके लिए पूरे देश में फास्ट ट्रेक कोर्ट सक्षम अधिकारी नियुक्त हैं हजारों मुकदमे दर्ज हैं जिसके तहत करोड़ों आवेदन हुए हैं उस कानून के क्रियान्वयन की मांग जब हम करते हैं तो कोई भी संगठन हमें सहयोग नहीं करते उलटा अपनी दुकानदारी को बचाये रखने के लिए हमारा ही विरोध आरम्भ कर देते हैं..
जब आपका मार्ग ही गलत होगा तो मंजिल तक पहुंचोगे कैसे और मार्ग सही भी हो लेकिन उस मार्ग में आ रही बाधाओं को समाप्त नहीं करोगे तो बीच में ही अटकना लाजिमी है….
कुछ भोले भाले अज्ञानी जल्दबाज पीड़ित भी भृम का शिकार होकर तपजप आंदोलन का बड्स एक्ट का विरोध आरम्भ कर देते हैं..
बाइक बोट टैक्सी स्केम होने पर सबसे पहले Buds Act और PID एक्ट के अंतर्गत भुगतान करने की मांग हमने उठानी आरम्भ की हम चार बार इसके लिए सुप्रीम कोर्ट मूल याचिका लेकर गए, जब सुप्रीम कोर्ट ने शासन के दबाव में आकर हमारी याचिका नहीं सुनी तो हमने जनमत पैदा करने के लिए मिशन भुगतान भारत यात्रा कार्यक्रम आरम्भ किया और ठगी पीड़ितों को भुगतान कानून से परिचित कराया और परिणाम स्वरुप देश में ठगी पीड़ितों की आत्महत्या का पलायन का आपसी झगड़ों का खूनी खेल रुका…
एक बड़ा आंदोलन राष्ट्रव्यापी आंदोलन साझा आंदोलन तैयार होता नजर आया और सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर रिव्यू दाखिल हुआ तो पुनः एक भूचाल सा ठगी पीड़ितों के कथित नकली संगठनों में और उनके समर्थकों में ही आता दिख रहा है..
जिस काम के पक्ष में सबको खड़ा होना चाहिए था ताकि जल्दी से अबतक हुए आदर्श जनशक्ति ट्रिनटी और सागा गरिमा मैत्रेय जे के वी विश्वास हैलो टैक्सी जैसे अनेक ठगी मामलों समेत सबका पैसा वापस मिलता और एजेंट साथी पलायन की पीड़ा और झूठे मुकदमों से जेल से बचकर अपने परिवारों में वापस आते..
उसके पक्ष में खड़े न होकर उसका विरोध करना यह सिद्ध करता है कि देश में आज भी सत्य असत्य के भेद को समझने वालों की बहुत कमी है.
भुगतान सुरक्षा सम्मान सबको मिल गया तो उन धुर्तों का चंदे का धंधा कैसे चलेगा जो ठगी पीड़ितों के नाम पर अलग अलग दुकान खोले बैठे हैं!!
इसलिए समझ सको तो छल धोखे कपट झूठ और अपनी अज्ञानता को साथी, जिसे आप देरी कह रहे हो समझ रहे हो वह देरी तपजप के कारण नहीं है उसका मूल कारण है आपकी अज्ञानता और जल्दबाजी की मानसिकता..
अब भी समय है पूरे षड़यंत्र को समझो और सब ठगी पीड़ित भले ही आप किसी भी कंपनी सोसाइटी फर्म निधि इत्यादि के हो तपजप के साथ जुड़ो और 180 दिन में जमाराशि के तीन गुणा भुगतान की गारंटी के अधिकार बड्स एक्ट को बचाने के लिए लड़ो…
धन इसलिए चाहिए मुझे तो आप सबसे ताकि न केवल ठग बेईमानों का मुंह कुचल सकूँ अपितु बेईमान शासन और ठगों के दल्ले दल्ली और मूर्खो का मुंह बंद करके आपके भुगतान सुरक्षा सम्मान को सुरक्षित कर सकूँ और बड़े राष्ट्रव्यापी संगठन और आंदोलन के द्वारा अपने पावन पवित्र हिंदुस्तान को भी ठग बेईमान अपराधियों के खूनी पंजों से आजाद कर दूँ.. बिना धन के यह संभव नहीं है इसलिए धन तो आप सबको ही देना पड़ेगा नहीं दोगे तो थोड़ा देर होगी इस न्याययुद्ध को जीतने में इसलिए धन नहीं दे सकते हो तो सब्र करो और ठग बेईमानों के बहकावे में आकर बड्स एक्ट का विरोध मत करो..
मदन लाल आजाद
संस्थापक संयोजक
ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार तपजप








