सूरजपुर कलेक्ट्रेट पर हुए विशाल प्रदर्शन में किसानों की भागीदारी, केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों का विरोध
केंद्र सरकार द्वारा मजदूरों के विरुद्ध लाए गए चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के खिलाफ आज देशभर में आयोजित मजदूर हड़ताल को गौतम बुद्ध नगर में सीटू (CITU) के नेतृत्व में व्यापक जनसमर्थन मिला। इस अवसर पर किसान सभा ने भी बड़ी संख्या में भाग लेते हुए कलेक्ट्रेट सूरजपुर पर हुए प्रदर्शन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा:
> “केंद्र सरकार पूरी तरह से मजदूर विरोधी रुख अपनाए हुए है। कोरोना काल के दौरान चुपके से चार लेबर कोड पास कर दिए गए, जिनका उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को समाप्त करना है। यह बिल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने और श्रमिकों को ठेका व्यवस्था में धकेलने के लिए बनाए गए हैं। सरकार अब तक इन कोड्स को पूरी तरह लागू नहीं कर पाई है क्योंकि देश भर में इनका भारी विरोध हुआ है।”
डॉ. वर्मा ने यह भी कहा कि न्यूनतम मजदूरी से वंचित कर श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। इससे न केवल मजदूरों की हालत बदतर हुई है, बल्कि देश की औद्योगिक प्रगति भी रुक गई है क्योंकि गरीब किसान-मजदूरों की खरीदने की क्षमता खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी और किसान सभा इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा (मार्क्सवादी) के दिल्ली राज्य सचिव मंडल के सदस्य प्रो. राजीव कुमार ने कहा:
> “जो अधिकार मजदूरों ने दशकों की लड़ाई और बलिदान से अर्जित किए थे, आज सरकार उन्हें खत्म कर रही है। यह हमला केवल फैक्ट्री मजदूरों पर नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों, पुलिस और मिलिट्री तक पर हो रहा है। अग्निवीर योजना इसका ताजा उदाहरण है। भाजपा सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए कॉरपोरेट टैक्स घटा रही है और मजदूरी कम कर रही है।”
प्रो. कुमार ने यह भी कहा कि जनता को धार्मिक मुद्दों में उलझाकर भाजपा सरकार लोकतंत्र, समानता और न्याय पर हमला कर रही है।

