ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत 4 जुलाई से होगी। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें शामिल होने के लिए भारत की तरफ से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस समारोह में शामिल होंगे। ईरान के कई शहरों में 4 से 9 जुलाई तक अंतिम संस्कार के कार्यक्रम होने वाले हैं, जिसमें लाखों लोगों और कई वीआईपी विदेशी मेहमानों के आने की भी उम्मीद है।
ईरान ने पीएम मोदी को भेजा था न्योता
ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था. ईरानी मीडिया के मुताबिक 4 और 5 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 6 और 7 जुलाई को राजधानी तेहरान और मध्य ईरान के शहर कोम में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी इसके बाद 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में अंतिम संस्कार का आखिरी कार्यक्रम होगा. उसी दिन दिवंगत नेता को शिया मुसलमानों के आठवें इमाम, इमाम रजा के पवित्र दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा।
US-इजरायल एयरस्ट्राइक में हुई थी मौत
लंबे समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एयरस्ट्राइक में मौत हो गई थी. मार्च की शुरुआत में उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया। मार्च में खामेनेई की मौत को अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए एक ऐतिहासिक हमले का परिणाम बताया गया था. इस घटना को ईरान में 46 साल पुराने शिया धर्मतांत्रिक शासन के लिए एक बड़ा मोड़ माना गया, जबकि तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद मीडिल ईस्ट के कई हिस्सों में तनाव और संघर्ष बढ़ गया।
खामेनेई के चार रिश्तेदारों की भी हुई थी मौत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस समय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की घोषणा की थी. खामेनेई 86 वर्ष के थे और पिछले 36 वर्षों से ईरान पर मजबूत पकड़ के साथ शासन कर रहे थे। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बतााय कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में खामेनेई के चार रिश्तेदार भी मारे गए थे. इनमें उनकी बेटी, एक नाती/पोता और उनके दामाद भी शामिल थे।








