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बरी होते ही फॉर्म में आये केजरीवाल, बीजेपी को ललकारा तो कांग्रेस पर साधा निशाना 

कथित शराब घोटाले में बरी होने के बाद केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा चुनाव पर किया फोकस

चरण सिंह 
नई दिल्ली। कथित शराब घोटाले में बरी होने के बाद आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल फॉर्म में आ गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित पर आम आदमी पार्टी को ख़त्म करने के लिए षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी का कबाड़ा कर दिया है। आज चुनाव करा ले 10 सीटें भी नहीं जीत पाएंगे। भले ही केजरीवाल ने बीजेपी को टारगेट किया हो पर निशाना कांग्रेस रही। मतलब दिल्ली में शराब घोटाले में बरी होने का फायदा पंजाब विधानसभा चुनाव में उठाना चाहते हैं। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस की मिलीभगत होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मैं जेल गया। मनीष सिसोदिया जेल गए। संजय सिंह जेल गए क्या राहुल गांधी जेल गए ? राबर्ट बढेरा जे जेल गए ? सोनिया गांधी जेल गईं।
दरअसल अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी फिर से सरकार बनाना चाहती है। क्योंकि पंजाब में कांग्रेस से मुकाबला है इसलिए केजरीवाल कांग्रेस पर हमलावर हैं। दरअसल पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी की 117 सीटों में आम आदमी पार्टी की 92, कांग्रेस की 18, अकाली दल 3 और बीजेपी की 2 सीटें हैं। क्योंकि पंजाब में किसान निर्णायक भूमिका अदा करते हैं। ऐसे में अमेरिका से ट्रेड डील में अमेरिका के लिए कृषि बाजार खोलने का विरोध आम आदमी पार्टी ने किया है। पंजाब के =मुख्यमंत्री भगवत मान ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है। दरअसल आम आदमी पार्टी बहुत कम समय में राष्ट्रीय पार्टी बन गया है। टीएमसी के बाद देश में चौथे नंबर की पार्टी है। राज्य सभा में भी आम आदमी पार्टी चौथे नंबर की पार्टी बन गई है।
दरअसल 2011 में यूपीए सरकार के खिलाफ जन लोकपाल बनाने लिए अन्ना आंदोलन हुआ। उस समय अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह परिवर्तन नामक एनजीओ चलाते थे। उस समय केजरीवाल अण्णा हजारे का अर्जुन बनकर उभरे थे। आंदोलन के बीच केजरीवाल ने 2 अक्टूबर 2012 में पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया। 26 नवम्बर को आम आदमी पार्टी को लांच कर दिया। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 28 सीटें जीत ली। कांग्रेस ने बीजेपी को रोकने के लिए केजरीवाल की सरकार बनवा दी। 49 दिन बाद केजरीवाल ने यह कहकर इस्तीफा दे दिया कि पूर्ण बहुमत न होने की वजह से वह जन लोकपाल नहीं बनवा पा रहे हैं। केजरीवाल के इस्तीफे के बाद करीब के साल तक दिल्ली में राष्ट्रपति शासन रहा। 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आप ने 70 में से 67 सीटें जीतकर चमत्कार कर दिया। पर कुछ दिन योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, प्रो आनंद कुमार और अजीत झा ने केजरीवाल पर सुप्रीम लीडर का आरोप लगाना शुरू कर दिया। जिसके चलते केजीरवाल एंड टीम ने इन चारों महारथियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। 2018 में जब कुमार विश्वास को राज्य सभा नहीं भेजा गया तो उन्होंने बगावत कर पार्टी छोड़ दी। 2020 में जब विधानसभा चुनाव हुआ तो आप ने 62 सीटें जीती। 2025 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी पर कथित शराब घोटाले का आरोप लगा। तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, तत्कालीन उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्य सभा सांसद संजय सिंह को जेल जाना पड़ा। अब जब केजरीवाल मनीष सिसोदिया समेत 23 लोगों को राउज  एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया तो केजरीवाल फिर से फॉर्म में आ गए हैं।
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