तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो प्रमुख सांसदों, कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी 2025 में खुली जंग में बदल गई। यह विवाद व्यक्तिगत टिप्पणियों, सार्वजनिक बयानबाजी और पार्टी के भीतर समन्वय की कमी के आरोपों के साथ और गहरा गया, जिसके परिणामस्वरूप कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में टीएमसी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से इस्तीफा दे दिया। नीचे इस कोल्ड वॉर की पूरी टाइमलाइन दी गई है, जो उपलब्ध जानकारी पर आधारित है:
टाइमलाइन: कल्याण बनर्जी बनाम महुआ मोइत्रा
जून 2025: कोलकाता लॉ कॉलेज रेप केस पर मतभेद
पृष्ठभूमि: कोलकाता के साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के गैंगरेप मामले पर कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा के अलग-अलग रुख ने विवाद को हवा दी।
महुआ का बयान: महुआ मोइत्रा ने कल्याण बनर्जी के रेप केस पर दिए गए बयान की आलोचना X पर की। उन्होंने बनर्जी के बयान को असंवेदनशील बताया।
कल्याण का पलटवार: कल्याण बनर्जी ने महुआ पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा, “वह हनीमून मनाकर भारत लौटी हैं और आते ही मुझसे झगड़ने लगीं।” इस टिप्पणी ने विवाद को और भड़काया।
प्रभाव: इस बयानबाजी ने टीएमसी की आंतरिक कलह को उजागर किया और महुआ के कांग्रेस में जाने की अटकलों को बल मिला, हालांकि इसका कोई ठोस सबूत नहीं था।
जुलाई 2025: जुबानी जंग तेज
महुआ की तीखी टिप्पणी: जुलाई के अंत में, महुआ मोइत्रा ने एक पॉडकास्ट में कल्याण बनर्जी को “सुअर” और “यौन रूप से कुंठित” जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया। यह टिप्पणी बनर्जी की उनकी शादी और पिनाकी मिश्रा से संबंधित टिप्पणी के जवाब में थी।
कल्याण की प्रतिक्रिया: कल्याण बनर्जी ने महुआ के शब्दों को “अमानवीय” और “संसद की गरिमा के खिलाफ” बताया। उन्होंने X पर एक लंबी पोस्ट में कहा कि ऐसी भाषा लोकतंत्र के लिए शर्मिंदगी है और महुआ अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए गालियों का सहारा ले रही हैं।
पार्टी की चुप्पी: कल्याण ने पार्टी नेतृत्व (ममता बनर्जी) की चुप्पी पर नाराजगी जताई, जिससे उनकी निराशा और बढ़ी। उन्होंने कहा कि वह इस “अपमान” को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
अगस्त 2025: ममता की बैठक और इस्तीफा
3 अगस्त 2025: महुआ ने एक पॉडकास्ट में कल्याण बनर्जी को फिर से निशाना बनाया, उनकी तुलना “सुअर” से करते हुए कहा, “आप सुअर से कुश्ती नहीं लड़ते, क्योंकि सुअर को यह पसंद है और आप गंदे हो जाते हैं।” यह बयान टीएमसी के भीतर तनाव को चरम पर ले गया।
4 अगस्त 2025: ममता बनर्जी ने टीएमसी के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ एक वर्चुअल बैठक बुलाई। इस बैठक में ममता ने सांसदों के बीच समन्वय की कमी पर नाराजगी जताई और गुटबाजी को “अस्वीकार्य” बताया। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, सूत्रों का मानना है कि यह टिप्पणी कल्याण और महुआ के विवाद पर केंद्रित थी।

