योग की सर्वोच्च अवस्था समाधि है। जिसे समाधान भी कहा जाता है। पत्रकारों के प्रश्नों में समाधान छिपा होता है। लेकिन अब प्रश्न करने की परंपरा लुप्त सी हो गई है। प्रश्नों का स्थान प्रशंसा ने ले लिया है। प्रश्न करने की परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए ही पत्रकार संसद का गठन किया जा रहा है।
इस आशय के विचार शनिवार को पत्रकारों की एक बैठक में व्यक्त किए गए। बैठक का आयोजन नोएडा के सेक्टर 10 स्थित सत्संग भवन में किया गया। इसी अवसर पर पत्रकार संसद का गठन किया गया। पत्रकार संसद के सदस्यों ने जन समस्याओं पर प्रश्न करने और उनका समाधान कराने का संकल्प किया।
पत्रकार संसद के संरक्षक बीनू शर्मा ने जन समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्धता जताई। वहीं कार्यालय प्रभारी प्रवीण पांडे ने पत्रकार संसद की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने का भरोसा दिया। पत्रकार संसद से कई मीडिया प्रतिष्ठान जुड़ चुके हैं। और आगे भी जुड़ रहे हैं। इस अवसर पर संरक्षक बीनू शर्मा, पत्रकार श्रीकांत सिंह, पवनराज सिंह, अतुल मिश्रा, ललित मिश्रा, अनीश अहमद और अशोक शर्मा आदि उपस्थित रहे।








