नई दिल्ली/मुंबई। मूर्ख हैं पृथ्वीराज चव्हाण ? जो अमेरिका द्वारा पीएम मोदी के अपहरण की बात कर रहे हैं। पृथ्वीराज तो कांग्रेस के बड़े नेता हैं इस तरह की बात तो आम नागरिक को नहीं करनी चाहिए। राजनीति में आलोचना का पूरा स्पेस पर पर हम किसी देश को बड़ा दिखाकर अपने प्रधानमंत्री के अपहरण की बात कैसे कर सकते हैं ? वह भी अमेरिका जैसे उस तानाशाह की जिसको हमने 1971 के युद्ध में औकात बता दी थी। पृथ्वीराज को यह समझना चाहिए कि मोदी पार्टी या धर्म विशेष के नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री हैं।
पीएम मोदी में तमाम कमियां हो सकती हैं। वह विदेश नीति में कितने भी फेल हों। उनके कार्यकाल में कितने भी जाति और धर्म के नाम पर विवाद हों, अमेरिका कितना भी भारत पर टैरिफ लगा ले। कितना भी सीज फायर कराने की बात कर ले पर प्रधानमंत्री को लेकर इतना घटिया बयान कैसे दिया जा सकता ? राजनीति का स्तर कितना भी गिरे पर देश को लेकर इस तरह के बयान कतई बर्दाश्त नहीं किये जाने चाहिए।
मोदी का वजूद कोई व्यक्तिगत नहीं वह भारत के प्रधानमंत्री हैं। मतलब भारत देश। भारत में सेना भी और हम भारत के 140 जांबाज लोग भी। पृथ्वीराज के इस मूर्खतापूर्ण बयान पर प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी चुप्पी साधे बैठे हैं ? कांग्रेस को तत्काल रूप से पृथ्वीराज को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि किसी समय मणिशंकर ने इस तरह के बेतुके बयान देकर कांग्रेस का नुकसान किया था और दिग्विजय सिंह ने इस तरह के बयान देने शुरू किए। जिसके चलते कांग्रेस को काफी नुकसान उठाना पड़ा। अब यह अब मोर्चा पृथ्वीराज ने संभाल लिया है। बीजेपी को तो इस तरह के बयान चाहिए। उसे इस तरह के बयानों पर माहौल बनाना अच्छी तरह से आता है।
दरअसल कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने तंज कसते हुए कहा है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की तरह हमारे पीएम मोदी का भी अपहरण कर लेंगे? यह बयान पृथ्वीराज चव्हाण ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले में और भी तीखा प्रहार करते हुए दिया है। मल्लिकार्जुन खरगे का आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महत्वपूर्ण मामलों पर भारत को अपनी शर्तें मनवा रहे हैं। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए, जिसके परिणामस्वरूप निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया था।






