वोटबैंक को ध्यान में रखकर कदम उठाती हैं सभी पार्टियां
चरण सिंह
किसी भी देश में किसी भी धर्म के साथ अत्याचार होता है तो उसकी निंदा होनी चाहिए। यदि किसी देश में ऐसा मामला हुआ हो जो हमारे देश के लोगों की भावनाओं से जुड़ा हो तो ऐसे में केंद्र सरकार को उस देश से जवाब तलब करना चाहिए। ऐसे में मामलों में आम नागरिक बेचारा तो अपना आक्रोश ही व्यक्त कर सकता है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ अत्याचार किया जा रहा है तो केंद्र सरकार क्या कर रही है ? केंद्र सरकार ने बांग्लादेश पर क्या एक्शन लिया ?
ऐसे मामलों में किसी धर्म विशेष के लोगों के बेलगाम होने से यह होता में हो रही मॉब लिंचिंग के विरोध में केरल में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर को बांग्लादेशी होने के शक भीड़ ने पीट पीट कर मार दिया। ऐसा कट्टरपंथी लोगों द्वारा बनाए गए माहौल के चलते होता है। देश में दिक्कत यह है कि जाति धर्म के नाम पर विभिन्न पार्टियों ने अपना वोटबैंक बना रखा है। उसको ध्यान में रखकर ही सभी पार्टियां कदम उठाती हैं। मुस्लिमों को वोटबैंक मानने वाली पार्टियां किसी हिन्दू के उत्पीड़न पर कुछ नहीं बोलेंगी तो हिन्दुओं को वोटबैंक समझने वाली पार्टियां किसी मुस्लिम के साथ हो रहे अत्याचार पर चुप्पी साध लेती हैं। जैसी बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ हो रहे अत्याचार पर मुस्लिमों को अपना वोटबैंक मानने वाली पार्टियों पर कुछ न बोलने का आरोप लग रहा है तो केरल में बांग्लादेशी होने के शक पर मारे गए मजदूर पर हिन्दुओं को वोटबैंक समझने वाली पार्टियों के होठ सिलने के आरोप लग रहा है, जबकि यह मजदूर राम नारायण हिन्दू था। इसके नाम के साथ राम भी लग रहा था। मतलब किसी पार्टी को किसी के मरने और जीने से कोई मतलब नहीं। इन्हें तो बस अपना वोटबैंक बनाए रखना है। नहीं तो क्रिसमस के दिन चर्चों पर हुए प्रदर्शन पर सरकार ने सख्ती क्यों नहीं दिखाई ? बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ हो रहे अत्याचार पर सवाल तो केंद्र सरकार से करना चाहिए।
वैसे तो किसी भी देश में किसी भी धर्म के व्यक्ति के साथ अत्याचार नहीं होना चाहिए। बांग्लादेश में जिस तरह इस दो अलग-अलग घटनाओं में हिंदू लोगों की पीट-पीटकर मार डाला गया, उससे भारत में आक्रोश होना स्वाभाविक देखा जा रहा है। 18 दिसंबर को मयमन सिंह जिले के भालुका में दीपु चंद्र दास को सहकर्मियों ने कथित तौर पर इस्लाम के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप लगाया। अफवाह फैलने पर भीड़ ने उन्हें पीट-पीटकर मार डाला, शरीर को पेड़ से बांधकर आग लगा दी। दूसरी घटना 24 दिसंबर को राजबारी जिले के पंगशा में घटी। अमृत मंडल उर्फ सम्राट (29 वर्ष) को ग्रामीणों की भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। ऐसे ही कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने और जमानत मिलने पर विपक्ष मुखर है पर सत्तापक्ष चुप्पी साधे हुए है। वह दूसरी है कि पीड़िता भी हिन्दू है।








