उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हाल ही में एक विराट हिंदू सम्मेलन कंडेला गांव में, 31 जनवरी के दौरान गौरी शंकर गौशाला के स्वामी राम विशाल दास (या स्वामी विशाल रामदास) ने सपा सांसद इकरा हसन (कैराना लोकसभा सीट से) पर एक विवादित टिप्पणी की, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। उनका बयान कुछ इस प्रकार था
“गुर्जर से शादी कर लें इकरा हसन ताकि ना हलाला होगा, ना तीन तलाक… तीन तलाक और ससुर के हलाला से बच जाएंगी।”
बयान का संदर्भ
स्वामी राम विशाल दास ने दावा किया कि चुनाव के दौरान इकरा हसन ने गुर्जर समुदाय के बीच खुद को “गुर्जरी बेटी” बताकर वोट मांगे थे। उन्होंने कहा कि अगर वह खुद को गुर्जर मानती हैं, तो किसी हिंदू गुर्जर युवक (खासकर कंडेला के) से शादी कर लें, जिससे मुस्लिम परंपराओं जैसे तीन तलाक और हलाला से बच सकेंगी। उन्होंने इसे “भाईचारे” के रूप में पेश किया, लेकिन यह टिप्पणी व्यक्तिगत और अपमानजनक मानी जा रही है।
विवाद क्यों?
यह बयान एक महिला सांसद की निजी जिंदगी (शादी) पर टिप्पणी है, जो असभ्य और लिंग-आधारित माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे हेट स्पीच, महिला अपमान और सांप्रदायिक बताया है, जबकि कुछ ने इसे इकरा हसन के चुनावी बयानों का “जवाब” करार दिया। वीडियो कई न्यूज़ चैनलों (जैसे TV9 Uttar Pradesh, The Lallantop, Amar Ujala, Dainik Bhaskar) और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। अभी तक इकरा हसन या सपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है (फरवरी 4, 2026 तक की जानकारी के अनुसार), लेकिन राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज है।

