क्या हुआ था?
नई FDTL नियमों की वजह से संकट: 1 नवंबर से लागू हुए फेज-2 फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के तहत पायलट्स और क्रू की ड्यूटी घंटे सीमित हो गए, खासकर नाइट लैंडिंग्स पर। इंडिगो ने क्रू की जरूरत का सही अनुमान नहीं लगाया, जिससे रोस्टरिंग में दिक्कत हुई। नतीजा? पिछले 4 दिनों में 600+ फ्लाइट्स कैंसल, डिले और एयरपोर्ट्स पर हाहाकार।
प्रभावित शहर: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई जैसे बड़े हब सबसे ज्यादा प्रभावित। इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 8.5% तक गिर गया।
DGCA का कदम
निर्देश वापसी: DGCA ने वीकली रेस्ट के लिए जारी निर्देश “नो लीव शैल बी सब्स्टीट्यूटेड फॉर वीकली रेस्ट” को वापस ले लिया। इससे क्रू को लीव के बदले रेस्ट लेने की छूट मिल गई, जो रोस्टर को फ्लेक्सिबल बनाएगा।
इंडिगो की मांगें मानीं: एयरलाइन ने अस्थायी छूट मांगी थी, जिसे DGCA ने स्वीकार कर लिया। इंडिगो ने स्वीकार किया कि उन्होंने क्रू की जरूरत का गलत आकलन किया था।
रिकवरी प्लान: इंडिगो ने DGCA को बताया कि 10 फरवरी 2026 तक ऑपरेशंस पूरी तरह नॉर्मल हो जाएंगे। 8 दिसंबर से फ्लाइट्स कटौती शुरू होगी, और हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट देनी होगी।
यात्रियों के लिए क्या?
तत्काल राहत: आज (5 दिसंबर) रात तक नॉर्मल सिचुएशन लौटने की उम्मीद। लेकिन अगले 2-3 दिनों में कुछ कैंसिलेशन जारी रह सकते हैं। सलाह: अपनी फ्लाइट स्टेटस चेक करें (इंडिगो ऐप/वेबसाइट पर), अल्टरनेटिव फ्लाइट्स बुक करें। किराए बढ़ गए हैं, लेकिन DGCA निगरानी कर रहा है। मंत्री का निर्देश: एविएशन मंत्री ने इंडिगो को जल्द नॉर्मलाइज करने को कहा है, और DGCA हर कदम पर नजर रखेगा।







