मस्त मौला बिंदास
प्रेम के उपासक
रंगीन मिज़ाज होते ..
यारों के यार
महफ़िल ए शान
इश्क़ मिज़ाज होते ..
उस्तादों के उस्ताद
मोदी के बाप
सियासी जाँबाज़ होते ..
महफ़िल ए शान होते
शाम ए गुल्ज़ार होते ..
मर चुके महात्मा को गांधी जयंती पर नमन स्वरूप ।।
केएम भाई







