होर्मुज के लिए चले प्रोजेक्ट फ्रीडम पर कितना पैसा लुटा चुका है अमेरिका?  

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे बेगुनाह व्यापारिक जहाजों को निकालने के नाम पर शुरू हुआ ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ अब अपने खर्चों को लेकर दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस पहल ने जहां हजारों नाविकों की जान बचाने का दावा किया, वहीं इसके पीछे जो डॉलर पानी की तरह बहाए गए हैं, उनके आंकड़े किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं। यह केवल एक बचाव अभियान नहीं है, बल्कि मध्य पूर्व के अशांत समंदर में अमेरिका की सैन्य ताकत का एक बहुत बड़ा और महंगा प्रदर्शन भी है।

 

प्रोजेक्ट फ्रीडम की शुरुआत

 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का ऐलान किया, तो इसके पीछे का तर्क बहुत सीधा था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दुनिया के 87 देशों के सैकड़ों जहाज और लगभग 23,000 बेगुनाह नाविक फंसे हुए थे। ट्रंप का कहना था कि ये जहाज और क्रू मेंबर्स मध्य पूर्व के विवाद का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे सिर्फ निर्दोष दर्शक हैं, जो इस भू-राजनीतिक खींचतान में पिस रहे हैं। सोमवार सुबह से शुरू हुए इस मिशन का मकसद इन फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित गलियारा देना था। दुनिया भर के देशों की अपील पर अमेरिका ने इस बेहद जोखिम भरे और खर्चीले ऑपरेशन की कमान अपने हाथ में ली थी।

 

अरबों डॉलर का खर्च और सैन्य ताकत का प्रदर्शन

 

इस पूरे अभियान में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है इसका भारी-भरकम बजट. पेंटागन की मानें तो फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष और ऑपरेशन में अमेरिका अब तक लगभग 25 अरब डॉलर (करीब 25 बिलियन डॉलर) खर्च कर चुका है. यह कोई छोटी रकम नहीं है। इस पैसे का बड़ा हिस्सा उन्नत गोला-बारूद, अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के रखरखाव और युद्ध के दौरान क्षतिग्रस्त हुए हथियारों को बदलने में खर्च हुआ है। अमेरिका ने इस मिशन की गंभीरता को देखते हुए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।

समंदर में तैनात अमेरिकी फौज का भारी जमावड़ा

 

प्रोजेक्ट फ्रीडम को सफल बनाने के लिए अमेरिका ने केवल कागजों पर योजना नहीं बनाई, बल्कि धरातल पर एक विशाल सैन्य ढांचा खड़ा कर दिया। इस मिशन के लिए करीब 15,000 अमेरिकी सैनिकों को सीधे तौर पर तैनात किया गया। इतना ही नहीं, समंदर की लहरों पर अमेरिका के कई गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स (विध्वंसक जहाज) हर वक्त मुस्तैद रहे। आसमान से निगरानी और हमले के लिए 100 से अधिक लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया। यह तामझाम इसलिए था ताकि ईरान की ओर से होने वाली किसी भी संभावित चुनौती का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके और व्यापारिक जहाजों को बिना किसी खरोंच के बाहर निकाला जा सके।

 

शांति की पहल और ऑपरेशन पर लगा ब्रेक

 

ताजा अपडेट के अनुसार, 6 मई 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिलहाल अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है। इस फैसले के पीछे की वजह ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में हो रही सकारात्मक प्रगति को बताया जा रहा है।  अमेरिका को लगता है कि अगर बातचीत से रास्ता निकलता है, तो सैन्य ऑपरेशन को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि केवल जहाजों को निकालने का काम रुका है, लेकिन अमेरिका की आक्रामकता कम नहीं हुई है।

 

ईरान की आर्थिक घेराबंदी और अरबों का नुकसान

 

भले ही रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया हो, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी अभी भी पूरी कड़ाई से जारी है। अमेरिका ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उसके व्यापारिक रास्तों को बंद कर रखा है। पेंटागन का दावा है कि अमेरिका की इस सख्त नाकेबंदी की वजह से ईरान को अब तक करीब 4.8 अरब डॉलर का सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। यह एक तरह का आर्थिक युद्ध है जो समंदर की लहरों के बीच लड़ा जा रहा है, ताकि ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके।

  • Related Posts

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय जहाज पर हमला, 11 भारतीय घायल, MEA- बंद कीजिए

    अमेरिका-ईरान में तनाव के बीच ओमान के तट…

    Continue reading
    कैसे ओमानी पायलट के हाथ में थी फ्लाई दुबई की कमान? आतंकी साजिश की जांच करेगा UAE

    UAE ने फ्लाई-दुबई फ्लाइट में हुई हाईजैकिंग की…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए’, CJP प्रोटेस्ट से पहले SC की टिप्पणी

    ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए’, CJP प्रोटेस्ट से पहले SC की टिप्पणी

    ट्रेनें रद्द होने पर चिराग पासवान बोले, ‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता प्रभु’

    ट्रेनें रद्द होने पर चिराग पासवान बोले, ‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता प्रभु’

    सैकड़ों वेंडर्स के प्रदर्शन के बाद सेक्टर-142 थाना पुलिस से समझौता, 20-22 साल पुराने शाहदरा साप्ताहिक मंगल बाजार को लगाने की मिली सशर्त अनुमति

    सैकड़ों वेंडर्स के प्रदर्शन के बाद सेक्टर-142 थाना पुलिस से समझौता, 20-22 साल पुराने शाहदरा साप्ताहिक मंगल बाजार को लगाने की मिली सशर्त अनुमति

    किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात, संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप

    किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात, संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप

    A Major Victory for the Kisan Sabha’s Struggle : ग्रेटर नोएडा में किसान कोटा के प्लॉटों की ऊंचाई 11 मीटर से बढ़ाकर 15 मीटर करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी

    A Major Victory for the Kisan Sabha’s Struggle : ग्रेटर नोएडा में किसान कोटा के प्लॉटों की ऊंचाई 11 मीटर से बढ़ाकर 15 मीटर करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी

    सीजेपी आंदोलन पर सख्ती कर अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार रही सरकार!

    सीजेपी आंदोलन पर सख्ती कर अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार रही सरकार!