दूसरी लहर के दौरान भारत में वास्तव में कितने लोग मारे गए ?

नई दिल्ली | अधिकांश भारतीय विभिन्न राज्यों में कोविड से होने वाली मौतों के आधिकारिक आंकड़ों से सहमत नहीं हैं। आईएएनएस-सीवोटर ओमिक्रॉन स्नैप पोल में सामने आए निष्कर्षों से यह जानकारी मिली है।

स्नैप पोल में कुल 1,942 लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वेक्षण में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि छह महीने बीत जाने के बाद दूसरी लहर के दौरान हुई मौतों की वास्तविक संख्या के बारे में भारतीयों की क्या सोच थी। इसके परिणाम दिलचस्प रहे।

सर्वे में शामिल केवल 23.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने महसूस किया कि मरने वाले भारतीयों की संख्या आधिकारिक अनुमान से कम थी और केवल 16 प्रतिशत से कुछ अधिक लोगों ने कहा कि आधिकारिक संख्या सही थी। संक्षेप में कहें तो कहीं न कहीं लगभग 40 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सरकार द्वारा किए गए दावों के साथ व्यापक सहमति व्यक्त की।

अन्य लोगों की बात करें तो 23.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि आधिकारिक अनुमानों की तुलना में लगभग दोगुनी मृत्यु हुई होंगी। वहीं लगभग 11.6 प्रतिशत ने महसूस किया कि दावों के मुकाबले 3 से 4 गुना अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। अंत में, 13 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने यह विश्वास जताया कि दूसरी लहर के दौरान मरने वाले भारतीयों की वास्तविक संख्या विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा दिए गए अनुमानों से 5 गुना से अधिक रही होगी।

मोटे तौर पर कहें तो अधिकांश उत्तरदाता विभिन्न राज्यों में कोविड से होने वाली मौतों के आधिकारिक आंकड़ों से सहमत नहीं हैं।

दूसरी लहर के दौरान वास्तव में मरने वाले भारतीयों की संख्या एक रहस्य के साथ-साथ एक विवाद भी बनी हुई है।

वहीं आधिकारिक सरकारी रिपोटरें से पता चलता है कि दूसरी लहर के दौरान लगभग 2.5 लाख भारतीयों की मृत्यु हुई, जबकि कई अन्य अध्ययनों ने इससे कहीं अधिक संख्या का सुझाव दिया। एक आईएएनएस-सीवोटर ट्रैकर ने पिछले साल खुलासा किया था कि दैनिक ट्रैकिंग सर्वेक्षण के दौरान संपर्क करने वाले कम से कम 4 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उनके परिवार, मित्र मंडली, पड़ोस, कार्यालय या परिचित लोगों में से किसी न किसी व्यक्ति की मृत्यु दूसरी लहर के दौरान कोविड से हुई थी। यह आधिकारिक अनुमान से कहीं अधिक वास्तविक आंकड़ा दशार्ता है।

Related Posts

नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से आई बाढ़, भारत की बढ़ी टेंशन – हिमालय में 200 झीलों से खतरा
  • TN15TN15
  • August 29, 2026

 नई दिल्ली। बुधवार को नेपाल में ग्लेशियल लेक…

Continue reading
  किसान संघर्ष मोर्चा की कोर कमेटी का बड़ा फैसला : 9 सितंबर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर होगा धरना-प्रदर्शन और घेराव
  • TN15TN15
  • August 27, 2026

जैतपुर। किसान संघर्ष मोर्चा की कोर कमेटी की…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

‘विदेश में अच्छी बातें, देश में चुप्पी’, भागवत के हिंदू-मुस्लिम वाले बयान पर बोला विपक्ष

  • By TN15
  • August 30, 2026
‘विदेश में अच्छी बातें, देश में चुप्पी’, भागवत के हिंदू-मुस्लिम वाले बयान पर बोला विपक्ष

‘3 महीने में कराएंगे जातीय जनगणना’, अखिलेश यादव ने किया ऐलान 

  • By TN15
  • August 30, 2026
‘3 महीने में कराएंगे जातीय जनगणना’, अखिलेश यादव ने किया ऐलान 

संयुक्त राष्ट्र की भेदभाव-विरोधी संस्था ने भारत को फटकार लगाई

  • By TN15
  • August 30, 2026
संयुक्त राष्ट्र की भेदभाव-विरोधी संस्था ने भारत को फटकार लगाई

 पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट की कार्रवाही पूर्णतया अवैधानिक एवं संवैधानिक अधिकारों का हनन

  • By TN15
  • August 29, 2026
 पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट की कार्रवाही पूर्णतया अवैधानिक एवं संवैधानिक अधिकारों का हनन

ब्रिक्स से पहले भारत का ‘जैवलिन दांव’, अमेरिका से मिसाइल डील के पीछे क्या है रणनीति?

  • By TN15
  • August 29, 2026
ब्रिक्स से पहले भारत का ‘जैवलिन दांव’, अमेरिका से मिसाइल डील के पीछे क्या है रणनीति?

PU कैंपस में अनोखा प्रचार, ‘गोरिल्ला’ बनकर छात्र कर रहे कैंपेनिंग

  • By TN15
  • August 29, 2026
PU कैंपस में अनोखा प्रचार, ‘गोरिल्ला’ बनकर छात्र कर रहे कैंपेनिंग