हेमा मालिनी ने एक इंटरव्यू (ईटाइम्स को) में पहली बार खुलकर इस दर्द को बयां किया। उन्होंने बताया कि:
धर्मेंद्र लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहे और उनकी हालत काफी गंभीर हो गई थी।
आखिरी दिनों में उन्हें उस हालत में देखना व्यक्तिगत रूप से बहुत मुश्किल था → “उन्हें उस हाल में देखना पर्सनली मेरे लिए काफी मुश्किल था। किसी को इस तरह की सिचुएशन से नहीं गुजरना चाहिए। परिवार को उम्मीद थी कि वे ठीक होकर घर लौट आएंगे (जैसे पहले कई बार हुआ था), लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया। उन्होंने इसे जीवन का सबसे बड़ा सदमा बताया, जिससे उबरना नामुमकिन लग रहा है।
हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि परिवार ने दो अलग-अलग प्रार्थना सभाएं आयोजित कीं (एक मुंबई में सनी-बॉबी देओल ने, दूसरी दिल्ली में उन्होंने अपनी बेटियों ईशा और अहाना के साथ), और इसे घर का निजी मामला बताया। धर्मेंद्र की यादें आज भी परिवार और प्रशंसकों के दिल में ताजा हैं। उनकी फिल्मों ने भारतीय सिनेमा को अमर बना दिया है। हेमा मालिनी धीरे-धीरे काम पर लौट रही हैं, लेकिन यह दर्द लंबे समय तक रहेगा।








