आज के भाग दौड़ वाले समय में समाज में खुद को स्थापित करना एक बहुत बड़ी चुनौती होती है, और ऐसे में अगर समाज के लिए खुद को समर्पित कोई कर देता है तो समाज की भी जिम्मेदारी बन जाती है कि उस व्यक्ति के दुःख सुख में समाज अपने दोनों हाथों से उस व्यक्ति को गले लगा लें। मै ऐसे ही एक शख़्स को आज उनके जन्मदिन पर अनंत शुभकामनाएं देता हूं जो उत्तर प्रदेश के एक छोटे से जिले जौनपुर से दिल्ली में आकर अपने काम धंधे के साथ खुद को ऐसे स्थापित किए जिसकी जितनी प्रशंसा की जाय कम ही है।
आज के दिन में दिल्ली के पटेल नगर विधान सभा में कौन सा ऐसा व्यक्ति है जो एस के चौबे को नहीं जानता। एस के चौबे किसी पहचान के लिए मोहताज नहीं जो किसी भी व्यक्ति के मदद के लिए दिन रात बिना देखे हमेशा तत्पर रहते है। एस के चौबे को जहां हर गरीब, हर लाचार, मजबूर और परेशान व्यक्ति भैया के नाम से जानता है वही बच्चे मामा जी बुलाते है।
ऐसे व्यक्ति को आज उनके जन्मदिन पर बधाई देने से खुद को रोक नहीं पाया।








