बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए आज (28 अक्टूबर 2025) पटना में महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई(एमएल) लिबरेशन, वीआईपी आदि) ने अपना साझा घोषणापत्र ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ जारी किया। यह तेजस्वी यादव के नेतृत्व में तैयार किया गया है, जिसमें 20 प्रमुख प्रण (वादे) शामिल हैं। घोषणापत्र का फोकस बेरोजगारी, महिलाओं सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय, विकास और पलायन रोकने पर है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह केवल सरकार बनाने का नहीं, बल्कि बिहार को नंबर-1 राज्य बनाने का रोडमैप है।
श्रेणी मुख्य वादा
महिलाओं के लिए माई-बहिन-मान योजना के तहत ₹2,500 मासिक अनुदानहर महीने बिहार की हर महिला को ₹2,500 सीधे खाते में। जीविका दीदियों को अतिरिक्त ₹2,000 भत्ता। यह सामाजिक-आर्थिक न्याय को मजबूत करेगा।पुरानी पेंशन योजना (OPS)सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए OPS बहालीमहागठबंधन सरकार बनने पर NPS/UPS की जगह पुरानी पेंशन योजना लागू। कर्मचारी संगठनों की लंबी मांग पूरी करने का वादा।बिजली और ईंधन200 यूनिट तक मुफ्त बिजली; ₹500 में LPG सिलेंडरहर घर को 200 यूनिट बिजली मुफ्त। गरीब परिवारों के लिए सस्ता गैस सिलेंडर। बिजली नेटवर्क को मजबूत करने का प्लान।नौकरियां और रोजगारहर परिवार में एक सरकारी नौकरी (20 महीने में) वैज्ञानिक सर्वे के आधार पर हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी। बेरोजगारी भत्ता और युवा उद्यमिता को बढ़ावा। पलायन रोकने पर जोर।आरक्षण और सामाजिक न्यायजाति सर्वे पर आधारित आरक्षण वृद्धिजाति-आधारित सर्वे के नतीजों से आरक्षण बढ़ाने का विधेयक। केंद्र से नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग (तमिलनाडु मॉडल)। पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता।अन्य प्रमुख वादे- बिहार को विशेष राज्य का दर्जा
– स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार (मुफ्त दवा-जांच)
किसानों के लिए MSP गारंटी
– युवाओं के लिए स्किल सेंटर5 साल का विकास रोडमैप, जिसमें बुनियादी ढांचा, पर्यावरण और डिजिटल बिहार शामिल।
यह घोषणापत्र NDA सरकार पर हमला बोलते हुए कहता है कि पिछले 20 सालों में बिहार पिछड़ गया, अब 20 महीने में बदलाव लाएंगे। विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं और युवाओं पर फोकस से महागठबंधन को फायदा हो सकता है, लेकिन वित्तीय बोझ और कार्यान्वयन चुनौतीपूर्ण होगा।








