पाकिस्तान में जबरन ‘गुमशुदा’ मामलों का नहीं हो पा रहा निपटारा, पीड़ितों के परिजन कर रहे प्रदर्शन

नई दिल्ली| पाकिस्तान के वे नागरिक, जिनके परिजनों या रिश्तेदारों को सुरक्षा बलों की ओर से कथित तौर पर जबरन ‘गुमशुदा’ या ‘गायब’ कर दिया गया है, वे सरकार से उनके बारे में जानकारी देने की मांग कर रहे हैं। रेडियो मशाल की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इस्लामाबाद में शुक्रवार को दर्जनों लोग एक रैली में शामिल हुए। इस दौरान लोगों के हाथों में तख्तियां थीं, जिसमें उन्होंने अपने प्रियजनों के नाम, फोटो और वह तारीख लिखी हुई थी, जिस दिन उनके प्रियजन ‘गायब’ या लापता हो गए थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कथित आतंकवादियों के खिलाफ अभियान के दौरान पिछले दो दशकों में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने 8,000 से अधिक लोगों का अपहरण किया है, जिससे सैकड़ों परिवारों को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं है। लोगों को यह तक भी नहीं पता है कि उनके प्रियजन अभी भी जीवित भी हैं या नहीं।

कार्यकर्ता यह भी शिकायत कर रहे हैं कि जबरन गायब होने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह नहीं ठहराया जा रहा है।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गायब हुए कई लोग या तो इस्लामी आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में मारे गए या छिपने के लिए अफगानिस्तान चले गए।

8 नवंबर को, पाकिस्तान की संसद के निचले सदन ने जबरन गायब होने को अपराध घोषित करने वाला एक विधेयक पारित किया। लेकिन संशोधन में ‘गलत साबित होने वाली जानकारी’ के साथ शिकायत दर्ज करने का दोषी पाए जाने पर पांच साल की कैद और 100,000 रुपये (563 डॉलर) तक के जुर्माने का भी प्रावधान है।

विधेयक, जिसकी मानवाधिकार रक्षकों द्वारा आलोचना की गई है, को कानून बनने के लिए सीनेट द्वारा अनुमोदित और राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित किए जाने की जरूरत है।

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के एक समूह ने एक बयान में कहा, “जबरन गायब होने वाले पीड़ितों के रिश्तेदार पहले से ही प्रतिशोध या विश्वास की कमी के डर से मामलों की रिपोर्ट करने या सरकारी अधिकारियों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करने से हिचकते हैं।”

उन्होंने कहा, “यदि (विधेयक) पारित किया जाता है, तो यह कानून निस्संदेह अपराध की कम रिपोर्टिग को बढ़ावा देगा और अपराधियों के लिए दंड से मुक्ति को बढ़ावा देगा।”

पाकिस्तान में लापता लोगों के परिवारों ने हाल ही में बताया था कि अधिकारियों को अदालतों के माध्यम से अपने प्रियजनों को वापस लाने के लिए मजबूर करने के उनके प्रयास असफल रहे हैं।

पिछले महीने एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि मामलों को 1980 के दशक के मध्य में दर्ज किया गया है, मगर 2001 में तथाकथित आतंक के खिलाफ युद्ध की स्थापना के बाद से पाकिस्तान की खुफिया सेवाओं द्वारा नियमित रूप से इस अभ्यास का इस्तेमाल मानवाधिकार रक्षकों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और पत्रकारों को लक्षित करने के लिए किया गया है, जिसमें सैकड़ों पीड़ितों के भाग्य अभी भी अज्ञात हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, अली इम्तियाज ने कहा कि जब अदालत ने तलब किया, तो खुफिया एजेंसियों या अधिकारियों में से कोई भी अदालत में पेश नहीं हुआ।

ऐसे मामलों में, जब अधिकारी अदालत में पेश हुए थे, तब भी उन्होंने परिवारों को उनके सवालों के जवाब नहीं दिए।

सैमी बलूच ने बताया कि जब अधिकारी अदालत के सामने पेश हुए, तो उन्होंने दावा किया कि उनके पिता अलगाववादी के रूप में प्रशिक्षण लेने के लिए अफगानिस्तान गए थे, लेकिन वे इन दावों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दिखा सके।

रिपोर्ट में कहा गया है, “दुर्भाग्य से ये आरोप और निराधार दावे अधिकारियों तक सीमित नहीं हैं : एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दो लोगों से बात की, जो उनके मामलों की सुनवाई कर रहे न्यायाधीशों के ऐसे निराधार दावों और आरोपों का सामना कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि न्यायाधीश ने सुझाव दिया कि उसका पति भाग गया है और वह गायब नहीं हुआ है।

Related Posts

ईरान के छात्रों की जान बचाने के कारण 6 महीने ‌ जेल की सजा मुझे मिली

प्रोफेसर राजकुमार जैन 2 फरवरी, 1978 को ईरान…

Continue reading
खामेनेई के अंतिम संस्कार पर डोनाल्ड ट्रंप का तंज, कहा- ‘हमने ईरान को एक हफ्ते की मोहलत दी क्योंकि…’

Donald Trump on Khamenei Funeral : ईरान के…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ पश्चिम चंपारण अंतर्गत विद्यालय अध्यापक प्रकोष्ठ का गठित किया गया.

  • By TN15
  • July 6, 2026
परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ पश्चिम चंपारण अंतर्गत विद्यालय अध्यापक प्रकोष्ठ का गठित किया गया.

अखिलेश यादव जी के जन्मदिन PDA पखवाड़ा पर रक्तदान समाजवाद की पहचान : रविंद्र पाल

  • By TN15
  • July 6, 2026
अखिलेश यादव जी के जन्मदिन PDA पखवाड़ा पर रक्तदान समाजवाद की पहचान : रविंद्र पाल

जन संवाद यात्रा के अंतर्गत ग्राम हरौला में जनहित के मुद्दों पर हुआ सार्थक संवाद

  • By TN15
  • July 6, 2026
जन संवाद यात्रा के अंतर्गत ग्राम हरौला में जनहित के मुद्दों पर हुआ सार्थक संवाद

Greater Noida News : बिजनौर के रवा राजपूतों ने किया समाज के उत्थान पर मंथन! 

  • By TN15
  • July 6, 2026
Greater Noida News : बिजनौर के रवा राजपूतों ने किया समाज के उत्थान पर मंथन! 

13 साल से फरार कुख्यात अपराधी STF के हत्थे चढ़ा, मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी

  • By TN15
  • July 6, 2026
13 साल से फरार कुख्यात अपराधी STF के हत्थे चढ़ा, मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी

मोतीपुर के भारत ऊर्जा एथेनॉल प्लांट में लगी आग, कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

  • By TN15
  • July 6, 2026
मोतीपुर के भारत ऊर्जा एथेनॉल प्लांट में लगी आग, कर्मचारियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा