Flood in Assam : आखिर क्यों आती है हर साल असम में बाढ़

Flood in Assam 

Flood in Assam : अगर आप भारत के हिन्दी बेल्ट के निवासी है और अगर आप गलती से असम का नाम सुनते है तो जहन में सिर्फ एक ही बात आती हैं “बाढ़” ऐसा कोई भी साल नहीं जाता जब असम से बाढ़ की खबरें न सामने आए, हर साल बाढ़ में फसे लोगों की तस्वीरे, विस्थापन की तस्वीरें, मजबूरन कैंप में रहने वाले लोग हर साल बाढ़ के कारण इस तरह के स्थिति में आ जाते हैं।

इधर असम की जनता बाढ़ (Flood in Assam) से परेशान है लेकिन मुख्यमंत्री को मदरसा पर Tweet करने से फुरसत नही हैं आपने बाढ़ के चलते लोगों के दस्तावेजों के गुम जाने के कारण अपनी नागरिकता न साबित कर पाने के मामले भी सुने होंगे बाढ़ न केवल घर-दुआर को प्रभावित करती है बल्कि अब तो पहचान को प्रभावित कर रहीं।

असम के लोगों के लिए जीवनदायिनी नदी ब्रह्मपुत्र नदी ही उनके लिए हर साल परेशानी का कारण बन जाती है, इसी के कारण आई बाढ़ (Flooding in Assam) के चलते 21 मई को असम के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से राज्य के कुल 33 जिलों में से 31 जिले बाढ़ की चपेट में है। इन 31 जिलों के 2248 गांव के लगभग 6 लाख 80 हजार निवासी बाढ़ से प्रभावित हैं।बाढ़ के कारण लोग बेघर हुए लोगों के लिए राहत शिविर लगाए जा रहे शिविरों की संख्या लगभग 500 के करीब बताई जा रही।

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बाढ़ प्रभावितों को जिला प्रशासन की तरफ से भी राहत सामग्री दी जा रही हैं जिसमें 2 KG चावल, 250 ग्राम दाल, 200 ग्राम सरसों का तेल शामिल हैं। इसी के साथ मजबूरन कैंप में रहने वाले लोगों को संक्रमण से बीमारियां भी हो रही हैं।

बाढ़ के कारण (Causes Of Flood in Assam) –

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तिब्बत से चलकर अरुणाचल प्रदेश के रास्ते असम में पहुंचने वाली ब्रह्मपुत्र नदी को बाढ़ का मुख्य कारण माना जाता है लेकिन इसके अलावा भी कई कारक है जिनके चलते हमें असम में हर साल बाढ़ जैसे हालात देखने को मिलते है हमने इन कारकों को दो भागों में बांटा है जो कि मानव द्वारा निर्मित और प्रकृति द्वारा निर्मित स्थिति हैं। पहले प्राकृतिक कारणों को जानते हैं।

प्राकृतिक कारण –

  1. ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत से चलकर अरुणाचल प्रदेश के रास्ते असम में पहुंचने वाली ब्रह्मपुत्र नदी असम मे एक छोर से दूसरे छोड़ तक जाती है इसके बाद वो बांग्लादेश चली जाती हैं, इसी के साथ ब्रह्मपुत्र नदी का रास्ता असम में आते ही संकरा हो जाता है जिससे नदी का पानी फैलने की बजाय ऊपर उठकर तटीय इलाकों को प्रभावित करती हैं।
  2. असम के वातावरण में बहुत ज्यादा नमी और बारिश होती हैं। असम में बारिश 400 सेंटीमीटर से अधिक होती हैं। जो कि सर्वाधिक है देशभर में।
  3. ब्रह्मपुत्र नदी में साथ के राज्य मेघालय और अरुणाचल के राज्यों में भी भारी बारिश के कारण अतिरिक्त पानी भी असम की ब्रह्मपुत्र नदी में पहुंच जाता हैं।
  4. असम की भौगोलिक स्थित के कारण यहां भूकंप और भूस्खलन आते रहते है जिसके कारण आकस्मिक बाढ़ (Causes Of Flood in Assam) का कारण बनते हैं।

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मानव निर्मित कारण –

  1. बांध – चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी पर कई बांध बना रखे है जिनकी स्थिति को चीन भारत से बांटता नहीं जिसके कारण ब्रह्मपुत्र नदी का प्रवाह बदलता रहता है जिसके कारण इसे नियंत्रित करना मुश्किल होता जाता है। जो कि आम आदमी के साथ वन्य जीवों को भी प्रभावित करता हैं।
  2. अतिक्रमण- नदी के तट और जंगल की काट कर घर बनाने से बाढ़ को बढ़ावा मिल रहा क्योंकि जंगल मृदा का कटाव रोकते है साथ ही बाढ़ को भी नियंत्रित करते हैं।

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असम में बाढ़ आने के कारण राइनोसेरस भी काफी प्रभावित होते है ये जीव काफी महत्वपूर्ण, इसके अलावा कृषि में लोगों का भारी नुकसान उठाना पड़ता है, सरकार की तरफ से दूरगामी परिणाम देने वाले कदम उठाए जाने चाहिए। जिससे हर साल इनते जन और धन की हानि को रोका जा सके।

असम की राजनीति को भी अपना ध्यान नागरिकता और मदरसों से हटा कर इन मुद्दो पर लाना चाहिए, क्योकि शुरुआती जांच में ज्यादातर लोग असम के ही निवासी ही पाए गए। ऐसे में लग रहा कि सरकार को असम में आई बाढ़ (Flood in Assam) की जरा भी चिंता नही।

 

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