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हरियाणा के बहादुरगढ़ में बाढ़ का संकट: मुंगेशपुर ड्रेन टूटने से स्थिति बिगड़ी, सेना ने संभाला मोर्चा

हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित बहादुरगढ़ शहर में भारी बारिश के बाद मुंगेशपुर ड्रेन के टूटने से हालात गंभीर हो गए हैं। यह घटना 2-3 सितंबर 2025 से शुरू हुई, जब दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास ड्रेन का तटबंध धंस गया, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों, रिहायशी कॉलोनियों और खेतों में पानी भर गया। लगभग 150 से अधिक वाहन डूब चुके हैं, जिनमें मारुति सुजुकी के स्टॉकयार्ड में खड़ी सैकड़ों कारें शामिल हैं। छोटूराम नगर, विवेकानंद नगर और अन्य कॉलोनियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं, जहां कई घरों में 4-5 फीट तक गंदा पानी घुस गया है।
क्या हुआ? घटना का विवरण

ड्रेन ब्रेक का कारण: मुंगेशपुर ड्रेन, जो नजफगढ़ ड्रेन का सब-ड्रेन है, पिछले 7 दिनों से ओवरफ्लो पर था। भारी बारिश (दिल्ली-एनसीआर में अगस्त-सितंबर में रिकॉर्ड 200 मिमी से अधिक वर्षा) के कारण तटबंध 50 फीट चौड़ा टूट गया। यह ब्रेक बहादुरगढ़ के पास झरोडा कलां गांव और दिल्ली की गीतांजलि एनक्लेव तक फैला, जहां पानी तेजी से घुसा।
प्रभावित क्षेत्र:

रिहायशी इलाके: विवेकानंद नगर, छोटूराम नगर, चोटूराम नगर पूरी तरह डूबे। लगभग 5,000 लोग प्रभावित, हजारों घरों में पानी भरा। दिल्ली सीमा पर झरोडा कलां और अनधिकृत कॉलोनियां भी जलमग्न।
औद्योगिक क्षेत्र: मारुति सुजुकी का स्टॉकयार्ड बुरी तरह प्रभावित, सैकड़ों गाड़ियां डूब गईं। अन्य फैक्टरियां बंद।
कृषि नुकसान: खेत डूबे, फसलें बर्बाद।

नुकसान: 2,000 से अधिक लोगों को निकाला गया। कोई मौत की पुष्टि नहीं, लेकिन बुनियादी ढांचे को भारी क्षति। वाहनों का नुकसान करोड़ों में।

 

राहत और बचाव कार्य

 

सेना का हस्तक्षेप: 5 सितंबर को स्थिति बेकाबू होने पर हिसार की डोट डिवीजन से 80 से अधिक सैनिक बुलाए गए। वे तटबंध की मरम्मत, लोगों को निकालने और राहत सामग्री बांटने में जुटे हैं। SDRF के 40 जवान भी सहायता कर रहे। सिंचाई विभाग और नगर निगम के कर्मचारी तटबंध मजबूत करने में लगे।
दिल्ली-हरियाणा समन्वय: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी से फोन पर बात की। दोनों राज्यों के इंजीनियर ब्रेक की मरम्मत पर ‘युद्ध स्तर’ पर काम कर रहे। NDRF टीमें दिल्ली पक्ष पर तैनात।
अन्य प्रयास: DTC बसों से लोगों को शरणस्थलों (जैसे बाबा हरिदास मंदिर और MCD स्कूल) में पहुंचाया। भोजन, दवाएं और एम्बुलेंस उपलब्ध। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने रातभर बचाव किया, बच्चों और बुजुर्गों को कंधों पर उठाकर सुरक्षित जगह पहुंचाया।

 

व्यापक संदर्भ: हरियाणा-दिल्ली में बाढ़ का दौर

 

यह घटना 2025 मानसून की व्यापक बाढ़ का हिस्सा है। पंजाब-हरियाणा में अगस्त-सितंबर में रिकॉर्ड वर्षा (पंजाब में 74% अधिक) से घग्गर, यमुना, मारकंडा जैसी नदियां उफान पर। हरियाणा के 2,283 गांव जलमग्न, 3 लाख एकड़ फसल नष्ट। पंजाब में 1,400 गांव प्रभावित, 29 मौतें। केंद्र सरकार ने IMCT टीमें भेजीं।
आगे क्या?
मरम्मत कार्य जारी है, लेकिन अगले 2 दिनों तक पानी का स्तर ऊंचा रह सकता है। IMD ने हल्की-मध्यम बारिश की चेतावनी दी। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और हिल एरिया यात्रा न करने को कहा। राहत शिविरों में भोजन-दवा की व्यवस्था है, लेकिन लंबे समय तक जलभराव से बीमारियां फैलने का खतरा।
यह संकट जलवायु परिवर्तन और खराब ड्रेनेज सिस्टम की ओर इशारा करता है। स्थानीय निवासियों ने बुनियादी ढांचे की कमी पर सवाल उठाए। अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।

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