महाराष्ट्र (Maharashtra News) के नांदेड़ से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सूबे की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ‘सनातन धर्म मुर्दाबाद’ (Sanatan Dharma Controversy) के नारे लगाए गए हैं। वीडियो वायरल होने के बाद जहां पुलिस ने मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं हिंदू संगठनों ने कांग्रेस सांसद समेत 50 लोगों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है इस पूरे बवाल की जड़?
दरअसल, यह पूरा विवाद उत्तराखंड के हल्द्वानी से जुड़ा है। वहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मैदान में गोमूत्र छिड़कने की घटना सामने आई थी। इसी के विरोध में 14 अगस्त को नांदेड़ के आईटीआई चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। अब इसी प्रदर्शन का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर ‘सनातन धर्म मुर्दाबाद’ के आपत्तिजनक नारे सुने जा सकते हैं. इस घटना ने जनभावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है, जिसके बाद पुलिस ने 24 अगस्त को मामला दर्ज कर नारेबाजी करने वालों की पहचान शुरू कर दी है।
धार्मिक विवाद को बढ़ता देख स्थानीय कांग्रेस सांसद रवींद्र वसंतराव चव्हाण तुरंत बैकफुट पर आ गए। उन्होंने इस घटना पर कड़ा खेद जताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। सांसद ने कहा, “आंदोलन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने अनजाने में एक विशिष्ट धर्म के नाम पर गलत नारे लगा दिए. मैं इसका कतई समर्थन नहीं करता और जिन लोगों की भी भावनाएं आहत हुई हैं, मैं पार्टी प्रमुख के नाते उनसे सार्वजनिक माफी मांगता हूं।
राहुल गांधी पर हमला, 50 पर FIR की मांग
इस घटना ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस पर हमलावर होने का बड़ा मौका दे दिया है। बीजेपी नेताओं ने सीधे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए इसे कांग्रेस की ‘मानसिकता’ करार दिया।
बीजेपी के पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रवीण साले ने सांसद चव्हाण को घेरते हुए पूछा कि क्या सांसद को मिले वोट सिर्फ एक धर्म विशेष के हैं, हिंदुओं के नहीं? वहीं, इस घटना से आक्रोशित सनातन हिंदू संगठनों ने शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन (Shivajinagar Police Station) का घेराव किया. हिंदू संगठनों ने कांग्रेस सांसद रवींद्र चव्हाण, जिला अध्यक्ष विठ्ठल पवाडे और अन्य 50 कार्यकर्ताओं पर तत्काल FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की सख्त मांग की है।

