न्यूक्लियर सेक्टर में प्राइवेट प्लेयर्स की एंट्री: SHANTI बिल लोकसभा में पास, विपक्ष ने किया वॉकआउट

17 दिसंबर लोकसभा में सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल, 2025 (SHANTI बिल) पास हो गया। यह बिल भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का ऐतिहासिक कदम है, जो 60 साल पुरानी सरकारी एकाधिकार को तोड़ता है। बिल को केंद्रीय कैबिनेट ने 12 दिसंबर को मंजूरी दी थी और 15 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था।

 

बिल की मुख्य विशेषताएं:

 

पुराने कानूनों का खात्मा: यह एटॉमिक एनर्जी एक्ट, 1962 और सिविल लायबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज एक्ट, 2010 को रद्द करता है। इन कानूनों के कारण विदेशी निवेशक और प्राइवेट कंपनियां परमाणु क्षेत्र से दूर रहती थीं।
प्राइवेट सेक्टर की भूमिका: निजी कंपनियां (भारतीय और विदेशी) अब न्यूक्लियर पावर प्लांट बना सकती हैं, संचालित कर सकती हैं, ईंधन आयात कर सकती हैं और प्रोसेस कर सकती हैं। खास तौर पर स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) पर फोकस।
लक्ष्य: 2047 तक न्यूक्लियर क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाना, जो वर्तमान 7-8 गीगावाट से कई गुना ज्यादा है। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और क्लाइमेट चेंज लक्ष्यों में मदद मिलेगी।
दायित्व प्रावधान: न्यूक्लियर हादसे की स्थिति में ऑपरेटर्स (प्राइवेट कंपनियां) को प्लांट के आकार के आधार पर मुआवजा देना होगा, लेकिन सप्लायर्स की लायबिलिटी सीमित।

विपक्ष का विरोध और वॉकआउट:

 

विपक्षी दलों ने बिल पर तीखा विरोध जताया। उनका कहना था कि यह हादसे के शिकार लोगों का अदालत में मुआवजे का अधिकार छीन लेगा और बिल को स्टैंडिंग कमिटी में भेजा जाना चाहिए। बहस के दौरान कांग्रेस, सपा, बसपा समेत ज्यादातर विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस (AITC) सदन में रही। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि बिल में मौजूदा प्रावधानों में सिर्फ मामूली बदलाव किया गया है, न कि कोई बड़ा परिवर्तन।

  • Related Posts

    तानाशाही की पराकाष्ठा है संकट के समय मोदी-योगी का डराने-धमकाने का रवैया! 
    • TN15TN15
    • March 13, 2026

    लोगों को डरा धमकाकर ज्यादा दिन नहीं चलाई…

    Continue reading
    पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त की तारीख तय!
    • TN15TN15
    • March 11, 2026

    नई दिल्ली। देश भर के करोड़ों किसानों के…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    तानाशाही की पराकाष्ठा है संकट के समय मोदी-योगी का डराने-धमकाने का रवैया! 

    • By TN15
    • March 13, 2026
    तानाशाही की पराकाष्ठा है संकट के समय मोदी-योगी का डराने-धमकाने का रवैया! 

    अफगानिस्तान ने किया पाकिस्तान पर ड्रोन हमला

    • By TN15
    • March 13, 2026
    अफगानिस्तान ने किया पाकिस्तान पर ड्रोन हमला

    क्या मोदी लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर सकते हैं?

    • By TN15
    • March 13, 2026
    क्या मोदी लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर सकते हैं?

    भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोण

    • By TN15
    • March 12, 2026
    भारत के विभाजन का दलितों पर प्रभाव: एक अम्बेडकरवादी दृष्टिकोण

    बदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!

    • By TN15
    • March 12, 2026
    बदलाव में रोड़ा बन रहा विपक्ष का कमजोर होना और मीडिया का सत्ता प्रवक्ता बनना!

    339वीं किसान पंचायत संपन्न, युद्ध नहीं शांति चाहिए

    • By TN15
    • March 12, 2026
    339वीं किसान पंचायत संपन्न,  युद्ध नहीं शांति चाहिए