पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2 फरवरी को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। यह मुलाकात राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर थी, जिसमें मतदाता सूची के विशेष संशोधन पर TMC ने पक्षपात और राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया है।मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:”चुनाव आयोग बीजेपी का IT सेल बन गया है” (The Election Commission has become the BJP’s IT cell)।उन्होंने CEC को “अहंकारी और झूठा” बताया और कहा कि उन्होंने कभी ऐसा चुनाव आयुक्त नहीं देखा।ममता ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है, लाखों असली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं (कुछ रिपोर्ट्स में 58 लाख नामों का जिक्र), और यह प्रक्रिया BJP के फायदे के लिए हो रही है।उन्होंने कहा, “मैं आपकी कुर्सी का सम्मान करती हूं, क्योंकि कोई कुर्सी हमेशा नहीं रहती… एक दिन जाना ही होगा। बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?”मुलाकात में TMC की 15 सदस्यीय टीम शामिल थी, जिसमें अभिषेक बनर्जी और SIR से प्रभावित 12 परिवार भी थे।
यह विवाद SIR प्रक्रिया से जुड़ा है, जो पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को साफ करने के लिए चल रही है। TMC का दावा है कि यह पक्षपाती, मनमानी और राजनीतिक रूप से प्रेरित है, जबकि ECI इसे निष्पक्ष बताता है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी ममता ने आरोप लगाया था कि SIR में इस्तेमाल ऐप BJP के IT सेल ने बनाया है।ममता ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है, और कहा है कि वे और उनकी पार्टी लड़ाई जारी रखेंगी। यह बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव को बढ़ाता है।

