विशेष पैकेज देने की मांग
डॉ सुनीलम को जिलाधीश ने दिया आश्वासन
किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने राजगढ़ जिले की सुठालिया तहसील में सुठालिया सिंचाई परियोजना के अधूरे कार्य पूर्ण कराने, प्रभावित किसानों को नियमानुसार चार गुना मुआवजा एवं पुनर्वास सहित 9 सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर परियोजना से प्रभावित सभी परिवारों को न्यायपूर्ण मुआवजा एवं पुनर्वास का अधिकार सुनिश्चित करने जिलाधीश को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि सुठालिया सिंचाई परियोजना प्रभावित किसान गत 7 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना एवं भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वर्तमान में 9 किसान भूख हड़ताल पर हैं। इस आंदोलन का सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने आंदोलनकारियों से मिलकर और अधिकारियों से बातचीत कर समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास विशेष पैकेज देने का अधिकार है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए इस विशेषाधिकार का उपयोग किसानों के पक्ष में किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि राजगढ़ जिले की सुठालिया तहसील में पार्वती नदी पर निर्माणाधीन सुठालिया सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसान भूमि अधिग्रहण के बदले नियमानुसार चार गुना मुआवजा देने, जिन किसानों को पूर्व अवार्ड एवं पूरक अवार्ड में 2 गुना राशि प्राप्त हो चुकी है, उन्हें शेष दो गुना राशि प्रदान करने, परिवार के वयस्क सदस्यों के निर्धारण में कटऑफ दिनांक 01 जनवरी 2021 को आधार मानते हुए 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले प्रत्येक पात्र सदस्य को वयस्क माना जाने, तथा विस्थापन संबंधी लाभों के लिए परिवार के वास्तविक रूप से डूब क्षेत्र से निकासी की तिथि को आधार माना जाने; डूब क्षेत्र में आने वाले मकानों, कुओं, ट्यूबवेल, फलदार पेड़ों एवं सिंचाई पाइपलाइनों का दोबारा सही एवं निष्पक्ष सर्वे कर उचित मूल्यांकन किए जाने; डूब क्षेत्र के ग्राम टोडी, निवारा, गुर्जरखेड़ी एवं कांकरखेड़ी में सर्वे एवं मूल्यांकन के बाद जिन मकानों की मुआवजा राशि काट दी गई है, उनकी लंबित राशि संबंधित प्रभावित किसानों को प्रदान करने; ग्राम टोडी के 24 मकान एवं गुर्जरखेड़ी के 3 मकान, जो परियोजना से पूर्णतः प्रभावित हुए हैं, उनका मुआवजा प्रदान करने; जिन भूमिहीन एवं प्रभावित परिवारों की भूमि 90 प्रतिशत एवं 100 प्रतिशत डूब क्षेत्र में आ रही है, उन्हें नियमानुसार विस्थापन, परिवार आईडी सहित सभी पात्र पुनर्वास लाभ प्रदान करने; प्रभावित ग्रामों की पहचान एवं मूल विरासत सुरक्षित रह सके इसके लिए विस्थापितों के पुनर्वास स्थल/भवनों का नाम संबंधित प्रभावित ग्रामों के नाम पर रखने जाने; कांकरिया गुर्जर, सेमलापार राजपूत खेड़ा, सेकनपुर एवं रामनगर तहसील मधुसूदनगढ़ जिला गुना सहित अन्य प्रभावित स्थानों के सभी डूब प्रभावित मकानों का, किसानों के अनुसार कांकरिया गुर्जर में कुल 171 मकानों में से केवल 69 मकानों को डूब क्षेत्र में शामिल किया गया है। शेष प्रभावित मकानों/परिवारों का भी नियमानुसार सर्वे कर उन्हें डूब प्रभावित सूची में शामिल किए जाने और डूब क्षेत्र में स्थित घरों के पीने के पानी के कुएं, ट्यूबवेल एवं हैंडपंप आदि का लंबित मुआवजा ग्राम रघुनाथपुरा, कादीखेड़ा जिला गुना एवं अन्य प्रभावित ग्रामों के पात्र परिवारों को प्रदान करें ताकि परियोजना से प्रभावित सभी परिवारों को न्यायपूर्ण मुआवजा एवं पुनर्वास का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
डॉ सुनीलम ने कहा कि उन्होंने आज सुठालिया एस डी एम और राजगढ़ जिलाधीश से फोन पर बातचीत की है। उन्होंने मांगों पर न्यायोचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

