नई दिल्ली -अंतर्राष्ट्रीय अनुसन्धान केंद्र के प्रमुख एवं ऐरो एजुकेशनल इंस्टिट्यूट के निर्देशक डॉ आदिल हकीम खान को जर्नल ऑफ़ बिज़नेस स्ट्रेटेजी फाइनेंस एंड मैनेजमेंट के द्वारा सम्मान प्रदान किया है। उसके लिए डॉ खान ने रिसर्च जर्नल के एडिटर इन चीफ डॉ जे-सी. स्पेंडर कोज़ेमिन्स्की विश्वविद्यालय वारसा पोलैंड, जर्नल्स मैनेजिंग एडिटर डॉ मनीषा पाल जी यूनिवर्सिटी ऑफ़ कलकत्ता कोलकाता भारत ,डॉ. केडीवी प्रसाद जी औद्योगिक एवं मानव संसाधन विकास संस्थान (IIHRD)हैदराबाद,डॉ. सलीम अहमद वर्ल्ड स्कूल ऑफ बिजनेस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ बांग्लादेश ,डॉ. आकाश दानिया अध्यक्ष डेलावेयर राज्य विश्वविद्यालय संयुक्त राज्य अमेरिका,रिसर्च जर्नल पब्लिशिंग डायरेक्टर डॉ नीलोफर इक़बाल, रिसर्च जर्नल की एडिटोरियल असिस्टेंट राबिआ अहमद एवं सभी एडिटर्स आदि के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ खान ने कहा की मुझे आशा ही नहीं विश्वास है की हम सभी लोग मिलकर इसी प्रकार अनुसंधान का कार्य करते रहे जिससे नयी नयी रिसर्च थेओरी एवं परिभाषाये न केवल रिसर्च समुदाय को अपितु विश्व समुदाय को मिल सके। डॉ खान ने कहा की आज जिस तरह से हर वर्किंग एरिया में परिवर्तन आ रहा है उसी प्रकार रिसर्च के एरिया में भी परिवर्तन आ रहा है। आज जहा रिसर्च का स्तर व्यापक हो रहा है वही ग्लोबलाइजेशन के कारण इसमे और अधिक परिवर्तन आ गया है। ग्लोबल बिज़नेस आज एक ऐसी टर्म है जो सामान्य रूप से प्रयुक्त हो रही है। आज बिज़नेस इतना ग्लोबल हो गया है विभिन देशो पर इसका साफ़ असर आर्थिक विकास दर या जीडीपी के रूप में दिखाई देने लगता है। आज कोई भी देश कितना भी शक्तिशाली हो युद्ध या प्राकृतिक आपदाओं का विपरीत प्रभाव उसकी अर्थ व्यवस्था पर दिखाई देने लगता है। ग्लोबलाइजेशन के कारण जहा विकसित होती अर्थ व्यवस्था में विकास दर का परिवर्तन दिखाई देने लगता है । वही सम्पूर्ण विश्व में हो रही राजनितिक एवं अन्य प्रकार की घटनाओं का असर भी सभी देशो की अर्थ व्यवस्था पर पड़ता है है यह बात अलग है की इसका प्रभाव कम या ज़्यादा हो सकता है। बिज़नेस स्टडीज के रिसर्चर इसको ग्लोबलाइजेशन के विपरीत प्रभाव के रूप में देख सकते है। उदाहरण के लिए कोरोना के समय में कोरोना की शुरुवात कही से भी हुई हो पर इसका प्रभाव सम्पूर्ण विश्व के ऊपर देखने को मिला। कई देशो की अर्थव्यवस्था तो इतनी प्रभावित हुई के आज तक भी वह इस त्रासदी से नहीं उबार पाए है। वर्ल्ड ग्लोबल इंडेक्स में सभी देशो की रेटिंग्स काफी ऊपर नीचे हुई। कई गरीब देशो को विकसित एवं विकासशील देशो ने आर्थिक मदद दी जिससे वह अपनी आर्थिक विकास दर सही कर पाए। इस अवसर पर डॉ खान ने जर्नल ऑफ़ बिज़नेस स्ट्रेटेजी फाइनेंस एंड मैनेजमेंट की पूरी टीम के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।








