नाद योग चिकित्सा पर कार्यशाला सम्पन्न
वाराणसी। भारतीय योग अकादमी द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2025 को एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन “नाद योग चिकित्सा: पारंपरिक एवं वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य” विषय पर किया गया। यह कार्यशाला नाद योग की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में योग चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. आनंद बालयोगी भावनानी (निदेशक, ISCM, श्री बालाजी विद्यापीठ, पांडिचेरी) ने शिरकत की। अपने विचार साझा करते हुए डॉ. भावनानी ने कहा कि –
> “ध्वनि, स्वर और नाद ध्यान मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक स्थिरता और आत्मिक शुद्धता के लिए अत्यंत प्रभावकारी उपकरण हैं। नाद योग हमें आंतरिक शांति और एकाग्रता प्रदान करता है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय योग अकादमी के अध्यक्ष प्रो. आर. जी. सिंह ने की। साथ ही प्रो. जे. एस. त्रिपाठी (सह अध्यक्ष), प्रो. के. एन. मूर्ति (सचिव), डॉ. आर. के. भाटिया (कोषाध्यक्ष), डॉ. अजय कुमार पांडेय, और पद्मश्री राजेश्वर आचार्य की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यशाला को विशेष बना दिया।
देशभर से आए योगाचार्य, विशेषज्ञ, शोधार्थी, चिकित्सक और विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया, जिनमें प्रशांत खरे, अभिषेक गुप्ता, अम्बेश आनंद झा और सूरज प्रमुख रहे। कार्यशाला का मंच संचालन अनुजा कुमारी एवं हेमंत कुमार कोरी ने किया।
यह कार्यशाला नाद योग जैसी प्राचीन विधा की वैज्ञानिक उपयोगिता को जनमानस तक पहुँचाने की दिशा में एक सफल पहल साबित हुई। आयोजकों ने भविष्य में और भी ऐसे आयोजनों की श्रृंखला चलाने की योजना की जानकारी दी।







