मेकेनिकल इंजीनियर की नौकरी छोड़ उद्यानिकी के क्षेत्र में कैरियर बनाया पूसा के दिव्यांकुर ने

सुभाष चंद्र कुमार 
समस्तीपुर। आखिरकार कभी न कभी उच्च कोटि से जिंदगी को संवारने की आश में महज एक नर्सरी से तीन बेहतर नर्सरी का निर्माण कर टीचर्स कॉलिनी पुसा के दिव्यांकुर ने जब मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के द्वारा शुरू किए गए छोटे से नर्सरी के काम में हाथ बंटाना शुरू किया। तो निश्चित रूप से लोगों की नजर में इंटरप्रेनियोरशिप खटकना लाजमी लगने लगा। उस इंजीनियर युवा से अक्सर लोग यही पूछते थे कि इंजीनियरिंग करके उद्यानिकी के क्षेत्र में अपनी भविष्य तलासने राज क्या हो सकता है?
हालांकि समय बीतने के बाद जब दिव्यांकुर ने पेड़ पौधों से लगाव और अपने शौक को एक बड़े स्तर के नर्सरी के सफल व्यवसाय में बदल दिया तो वही लोग आज न केवल इस इंजीनियर युवा के काम से खुश हैं बल्कि सारे लोग इस युवा की तारीफ करते नही थकते हैं। बताते चलें कि पुसा के 30 वर्षीय युवा दिव्यांकुर ने मथुरा स्थित जीएलए विश्वविधालय से वर्ष 2017 में मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। डिग्री लेने के बाद दिव्यांकुर को कई सारे प्राइवेट कंपनियों के द्वारा जॉब के ऑफर भी मिले, कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के कंपनी में विश्वविधालय से ही कैंपस भी हो गया था। लेकिन वक्त की नजाकत को भलीभांति समझते हुए इंजीनियर दिव्यांकुर का तो सपना था कि उसे जॉब सीकर नहीं वरना जॉब प्रोवाइडर बनना हैं।
फिलवक्त युवा इंजीनियर दिव्यांकुर का सपना साकार हो चुका हैं। दिव्यांकुर ने न सिर्फ अपने पिता सुनील प्रसाद सिंह के द्वारा शुरू किए गए एक छोटे से नर्सरी को बड़े नर्सरी का रूप दें दिया बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत और कमाई के बदौलत दूसरा नर्सरी पुसा के दिघरा गांव और तीसरा नर्सरी कल्याणपुर प्रखंड के मालीनगर में भी शुरू कर दिया। आज दिव्यांकुर के इन तीनों नर्सरी से जुड़कर करीब करीब 20 महिला व पुरुष औसतन प्रति व्यक्ति 9 हजार रुपए प्रतिमाह कमा रहे हैं।
दिव्यांकुर ने बताया कि उनके तीनों नर्सरी में सालों भर काम रहता है इसलिए उनका कोई भी कर्मी किसी दिन खाली नही बैठता हैं। उनके सभी नर्सरी में फल व फूल सब्जियों के हजारों किस्मों के पौधे सालों भर उपलब्ध रहते हैं। इंजीनियर दिव्यांकुर ने बताया कि उन्हें बचपन से ही बागवानी, फल, फूल, एवं सब्जियों के पौध तैयार करने का बहुत शौक था। इस वजह से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद पिता के द्वारा शुरू किए गए नर्सरी को ही नया रंग रूप देकर उसे एक बेहतर और मुनाफा देने वाला व्यवसाय बनाने की ठान ली तथा साल दर साल उससे जुड़ते चले गए। अनुसंधान की बात करें तो उन्होंने बताया कि पेड़ पौधों के बारे में उन्हें हमेशा से कुछ नया जानने व सीखने की ललक थी। उन्होंने बताया की मेरे अलावे मेरे नर्सरी से जुड़े सारे कर्मी को भी नर्सरी में मौजूद हजारों तरह के फूल व फल के पौधे के नाम पूरी तरह से याद हो गए हैं।
दिव्यांकुर ने बताया कि फिलहाल वे तीनों नर्सरी से सभी तरह के खर्च को काट देने तथा कर्मियों को सैलरी दे देने के बाद भी औसतन 2 से 2.5 लाख रूपये प्रति माह का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने कहा की मैं प्राइवेट कंपनी में जितनी सैलरी पर नौकरी करता उसका तीन से चार गुना अपने माली एवं कर्मियों को प्रति माह देने में सक्षम महसूस कर रहा हूं। इंजीनियर दिव्यांकुर के पारिवारिक समीकरण को देखे तो कूट कूट कर भरे शिक्षा के माहौल में पले बढ़े दिव्यांकुर के माता श्यामा कुमारी ने स्थानीय ब्रह्मदेव राय शर्मा महिला महाविधालय में फाउंडर प्राचार्य के पद पर अपनी अभूतपूर्व सेवा देने के उपरांत वर्ष 2019 में सेवानिवृत हो गई एवं पिता सुनील प्रसाद सिंह ने भी उसी महाविद्यालय में इतिहास विभाग में व्याख्याता के पद से सेवानिवृत हुए। दिव्यांकुर के एक सहोदर छोटा भाई अंकित भी पठन पाठन में लगा हुआ है।
  • Related Posts

    छठ पर बिहार जाने वालों को मिलेगी राहत, दिल्ली सरकार चलाएगी बसें

    छठ पूजा पर अपने घर बिहार जाने की…

    Continue reading
    बिहार में जबरदस्त बारिश, हाई अलर्ट के बाद मुख्य सचिव ने बुलाई इमरजेंसी बैठक

    नेपाल के तराई क्षेत्र और गंडक नदी के…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    एशियन गेम्स में भारत को मिला छठा गोल्ड, बेटियों ने किया कमाल

    एशियन गेम्स में भारत को मिला छठा गोल्ड, बेटियों ने किया कमाल

    आसपा नेत्री रविता गौतम गिरफ्तार

    आसपा नेत्री रविता गौतम गिरफ्तार

    गुजरात में हलचल, पूर्व CM शंकर सिंह वाघेला थाम सकते हैं इस पार्टी का दामन

    गुजरात में हलचल, पूर्व CM शंकर सिंह वाघेला थाम सकते हैं इस पार्टी का दामन

    लोकतंत्र के मामले में कहीं चीन और रूस जैसी स्थिति न हो जाए हमारी?

    लोकतंत्र के मामले में कहीं चीन और रूस जैसी स्थिति न हो जाए हमारी?

    जयपुर में बकाया मांगने पर युवक की लाठी डंडों से पीटकर ले ली जान 

    जयपुर में बकाया मांगने पर युवक की लाठी डंडों से पीटकर ले ली जान 

    UP MLC Election 2026 में BJP ने घोषित किए 6 उम्मीदवार 

    UP MLC Election 2026 में BJP ने घोषित किए 6 उम्मीदवार