पिताश्री स्व. जगदीश प्रसाद जाखेटिया स्वतंत्रता संग्राम सेनानी से विरासत में मिले भाई मधुसूदन आनंद यानी भैया नहीं रहे… यह समाचार आदरणीय भैया साहू अखिलेश जैन द्वारा आज फेसबुक पर मिला । मन अत्यंत विचलित एवं भावुक हो गया । जीवन के 60 वर्ष का संबंध सब सामने घूमने लगा ।
छात्र जीवन से ही अत्यंत मेधावी छात्र के रूप में अपनी भूमिका दिखाकर भारत की राजधानी दिल्ली को आपने साहित्यिक कर्मभूमि बनाया । टाइम्स ऑफ़ इंडिया ग्रुप में अकाउंट सेक्शन से पदार्पण कर हिंदी जगत का स्थापित दैनिक नवभारत टाइम्स के संपादक पद पर पहुंचना कोई सरल कार्य नहीं था । फिर लंबे समय तक साहित्य जगत की भारतीय ज्ञानपीठ संस्था के निर्देशक रहना …. यह दर्शाता है कि आप हमारे लिए अमूल्य साहित्यिक रतन रहे।
जनपद बिजनौर की नजीबाबाद की भूमि पर धार्मिक व्यावसायिक परिवार में जन्मे आप विभिन्न प्रतिभाओं के धनी , मधुभाषी, विद्वान , श्रोता , चिंतन एवं लेखक उनके जीवन शैली का अभिन्न अंग रहे । आपने सार्वजनिक जीवन में दिखावे को कभी महत्व नहीं दिया इसलिए सार्वजनिक जीवन से हमेशा दूर रहे। मेरे जीवन में आपका अमूल्य आशीर्वाद फल फूलता रहा । आपका क्षणिक मात्र के संवाद से निकला वाक्य मेरे लिए आदेश बनता चला गया और मैं चलता चलता गया …..
परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना कि हमारे भाई को अपने चरणों में स्थान प्रदान करें ।
– राकेश जाखेटिया








