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SIR का विरोध कर ममता बनर्जी ने कर दी बड़ी गलती ?

SIR का मतलब है Special Intensive Revision (विशेष गहन संशोधन), जो चुनाव आयोग (ECI) द्वारा वोटर लिस्ट की सफाई के लिए चलाया जा रहा अभियान है। इसका उद्देश्य फर्जी, डुप्लिकेट या अमान्य वोटरों को हटाना है, ताकि केवल वैध भारतीय नागरिक ही वोट डाल सकें। यह प्रक्रिया 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चल रही है, और बिहार जैसे राज्यों में पहले भी सफलतापूर्वक की गई है।

ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस SIR का कड़ा विरोध कर रही हैं। वे इसे “वोटबंदी” (वोटरों को हटाने की साजिश) बता रही हैं, जो कथित रूप से अल्पसंख्यकों और गरीब वोटरों को निशाना बना रही है। ममता ने ECI और BJP पर偏向 (पक्षपात) का आरोप लगाया है, रैलियां की हैं, और चेतावनी दी है कि अगर वैध वोटर हटाए गए तो वे “पूरे देश को हिला देंगी”।

विरोधियों (खासकर BJP) के नजरिए से यह ‘बड़ी गलती’ क्यों?

BJP और अन्य आलोचकों का मानना है कि ममता का यह विरोध एक राजनीतिक भूल है, जो TMC की कमजोरियों को उजागर कर रही है। मुख्य तर्क ऐसे हैं:

  1. फर्जी वोटरों और घुसपैठियों का ‘वोट बैंक’ उजागर हो गया:
    • BJP का दावा है कि TMC ने बांग्लादेशी घुसपैठियों, रोहिंग्या शरणार्थियों और फर्जी वोटरों को नकली दस्तावेज देकर वोटर लिस्ट में डाला है। SIR से ये (लगभग 15-20 लाख अनुमानित) हट जाएंगे, जो TMC का ‘कोर वोट बैंक’ है।
    • सबूत: SIR के बाद बंगाल की सीमाओं (जैसे हाकिमपुर बॉर्डर) पर सैकड़ों बांग्लादेशी महिलाएं-बच्चे वापस लौट रहे हैं, क्योंकि वे डर रहे हैं। BSF रिपोर्ट्स में 100+ घुसपैठिए रोजाना लौटने का जिक्र है।
    • गलती: विरोध से ममता खुद ही मान रही हैं कि उनका वोट बैंक ‘अवैध’ पर टिका है, जो हिंदू और वैध बंगाली वोटरों को नाराज कर सकता है।
  2. अपने ही दावों पर उल्टा असर (बैकफायर):
    • ममता ने कहा था कि “SIR बंगाल में नहीं होगा” और BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर्स) को घेरने की धमकी दी। लेकिन खुद ममता ने SIR फॉर्म भर लिया, और TMC के कई नेता-मंत्री सेल्फी शेयर कर ‘सहयोग’ दिखा रहे हैं।
    • गलती: यह ‘हिपोक्रिसी’ (पाखंड) दिखाता है, जो जनता को TMC की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने पर मजबूर कर रहा है। BJP के अमित मालवीय ने इसे “डर, झूठ और वोट बैंक की राजनीति” कहा।
  3. चुनावी नुकसान का खतरा:
    • 2026 चुनाव से पहले SIR से फर्जी वोटर हटने से TMC की ‘बूथ रिगिंग’ (धांधली) मुश्किल हो जाएगी। बिहार में इसी से 60 लाख फर्जी वोटर हटे, और सुप्रीम कोर्ट ने इसे वैध माना।
    • गलती: विरोध से BJP को मुद्दा मिल गया है – ‘ममता घुसपैठियों की ढाल बनी हुई हैं’। अमित शाह ने कहा, “हर घुसपैठिए को हटाएंगे”। इससे TMC की ‘अपीलमेंट पॉलिटिक्स’ (सांप्रदायिक ध्रुवीकरण) उजागर हो रही है।

TMC का पक्ष: यह विरोध क्यों जायज?

ममता का कहना है कि SIR “अनियोजित और जबरन” है, BLOs को ट्रेनिंग नहीं दी गई, और यह BJP की साजिश है वैध वोटरों (खासकर मुस्लिमों) को हटाने की। वे कहती हैं, “सभी वैध वोटर फॉर्म भरें, लेकिन कोई हटाया गया तो हम लड़ेंगे”। हाल ही में उन्होंने BLOs का बचाव किया और ECI को पत्र लिखा।

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