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बैतूल जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों एवं पशुपालकों को राहत देने की मांग

डॉ. सुनीलम के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के ने कहा सरकार ने अनदेखी की तो आंदोलन तेज किया जाएगा

 

किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम के नेतृत्व में किसान संघर्ष समिति द्वारा बैतूल जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने, किसानों एवं पशुपालकों को राहत प्रदान करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि बैतूल जिले में वर्षा की कमी एवं प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खेती-किसानी पर निर्भर ग्रामीण परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। फसलों को हुए नुकसान, सिंचाई के लिए पानी की कमी तथा पशुओं के लिए चारे की समस्या ने किसानों एवं पशुपालकों की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं।

किसान संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की कि बैतूल जिले में सूखे की स्थिति का तत्काल सर्वे कराकर सूखाग्रस्त घोषित किया जाए तथा किसानों को राहत पहुँचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। जिले के जो बाँध पूरी तरह भर चुके हैं, उनसे उपलब्ध जल के नियमानुसार उपयोग की व्यवस्था कर किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने तथा जो बांध 60 प्रतिशत तक भरे हैं उन बांध क्षेत्रों के ट्रांसफार्मर से काटी गई बिजली बहाल करने की भी मांग की गई ताकि वर्तमान गन्ना और सब्जी की फसल की सिंचाई की जा सकें।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों को निःशुल्क चारा उपलब्ध कराने, किसानों के ऋण माफ करने, बिजली बिल माफ करने तथा फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग भी की। इसके साथ ही किसानों को फसल बीमा एवं अन्य शासकीय राहत योजनाओं का लाभ तत्काल दिलाने तथा प्रभावित गाँवों में पेयजल, पशुओं के लिए पानी, रोजगार और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस अवसर पर डॉ. सुनीलम ने कहा कि बैतूल जिले के किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका मुख्य रूप से कृषि और पशुपालन पर निर्भर है। वर्षा की कमी और फसल नुकसान के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो किसानों और मजदूरों की आर्थिक स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। इसलिए सरकार तत्काल राहत एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं।
प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने सूखा घोषित कर किसानों को राहत देना शुरू कर दिया है लेकिन मोहन यादव सरकार किसानों की उपेक्षा कर रही है।
जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के ने कहा सरकार ने अनदेखी की तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान किसान संघर्ष समिति की प्रदेश अध्यक्ष एड आराधना भार्गव, प्रदेश सचिव सज्जे चंद्रवंशी, जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के, तहसील अध्यक्ष कृपाल सिंह सिसोदिया, भागवत परिहार, अनिल सोनी, पिरथी बारपेटे, कृष्णा ठाकरे, कैलाश डोंगरदिए, गजानन हजारे, हेमराज देशमुख, चैनसिंह सिसोदिया, तीरथ सिंह बलिहार, अनिल धोटे, तितालसिंह, ज्ञानसिंह, प्रताप ओमकार, लीलसिंह, गुनवन सिंह, उज्जैन, बलराम पटेल, सतीश जैन, हरिराम, रामेश्वर, डॉ. विजय बिजोलिया, अरविन्द उइके सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

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