ऋषि तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली में आबोहवा को खराब करने वाले वाहनों पर इस बार ट्रैफिक पुलिस ने जमकर कार्रवाई कर रही है। पिछले साल के मुकाबले इस बार पहली तिमाही में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पीयूसीसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र) न होने पर 1 जनवरी, 2024 से 30 अप्रैल, 2024 तक एक लाख से ज्यादा चालान काटे गये हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 78 हजार से ज्यादा का था। वहीं इस साल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा पीयूसीसी चलान काटे जाने की संख्या में 30 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस तरह के वाहनों पर अंकुश लगाने का बड़ा मकसद, वायु गुणवत्ता को बढ़ाने और वाहन प्रदूषण फैलाने वालों पर लगाम कसना है। ट्रैफिक पुलिस ने साल 2024 में सबसे अधिक चालान काटकर ऐसे वाहन मालिकों को मैसेज दिया है, जो कि पीयूसीसी लेनें में ज्यादा गंभीरता या अहमियत नहीं दिखाते हैं और दिल्ली की आबोहवा को प्रदूषित करते रहते हैं। ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस बार 2024 में सबसे ज्यादा चालान जारी करने वाले 10 टॉप ट्रैफिक सर्किलों का व्यापक तौर से विश्लेषण भी किया है, जिसके बाद इन चालानों की आंकड़ा तैयार किया गया है। पीयूसीसी जांच खास तौर से उन क्षेत्रों में की गई, जहां पर इसके ट्रैफिक उल्लंघन सबसे ज्यादा होते हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से काटे गए चलानों में सबसे ज्यादा चालान करोल बाग सर्कल इलाके के है, जिनकी संख्या (4034), इसके अलावा भजनपुरा में (3852), अशोक विहार में (3703), नजफगढ़ में (3587), द्वारका में (3488), सरिता विहार में (3420), नंद नगरी में (3268), पंजाबी बाग में (3265), मॉडल टाउन में (3126) और तिलक नगर सर्कल में (2799) चालान काटे गए हैं। यह सभी सर्किल टॉप 10 सर्कल है, जहां प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र न होने पर सबसे ज्यादा चालान काटे गए। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से इस बार पीयूसीसी उल्लंघन मामले में 1,01,164 चालान किए गए हैं, जबकि 2023 में इन चलानों की कुल संख्या 78,169 रिकॉर्ड की गई थी।
