ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराज्यीय कुख्यात बैंक लुटेरे को गिरफ्तार कर ‘मामू गैंग’ का पर्दाफाश किया है। आरोपी की पहचान कमरुल्ला उर्फ मामू (51 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, मामू कर्नाटक और महाराष्ट्र में दर्ज कई बैंक डकैती के मामलों में वांटेड था। दिल्ली में गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फल विक्रेता बनकर महावीर एन्क्लेव, उत्तम नगर इलाके में छिपा हुआ था।
दिन में फल विक्रेता, रात में बैंक लुटेरा
बता दे कि क्राइम ब्रांच को खुफिया सूचना मिली थी कि मामू नामक शातिर अपराधी दिल्ली में फलों के ठेले के बहाने बैंक क्षेत्रों में रेकी कर रहा है। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि वह ‘मामू गैंग’ नाम के एक संगठित गिरोह का सरगना है, जो महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई बैंकों में डकैती को अंजाम दे चुका है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य दिन में आम नागरिकों की तरह बाजारों और बैंकों के आसपास घूमते हैं और रात में वारदात कर लूट का माल लेकर अलग-अलग राज्यों में छिप जाते हैं।
दर्जनों आपराधिक मामले
दिल्ली पुलिस ने बताया कि कमरुल्ला के खिलाफ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हत्या, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और बैंक डकैती जैसे गंभीर अपराधों के 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह एक आदतन अपराधी है और पिछले दो दशकों से सक्रिय है। पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। जल्द ही इस मामले में सिंडिकेट से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है।







